रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज के कौशांबी में जफर और नूर आलम ने गांव में दहशत फैलाने के लिए हवा में फ़ायरिंग करते हुए लोगों के साथ गली-गलौच की. गोली की आवाज़ सुनकर गांव वालों ने उन्हें पीट-पीट कर अधमरा कर दिया. इसके बाद जफ़र की मौत हो गई और नूर आलम घायल हो गया.

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ. कहा जाने लगा कि हिन्दू संगठन की भीड़ ने 2 मुस्लिम युवकों को बेरहमी से पीटा जिसमें एक की मौत हो गई.

{चेतावनी: वीडियो में काफी हिंसा दिख रही है. पाठक सोच समझकर इसे देखने या न देखने का निर्णय लें]

कई लोगों ने ये वीडियो शेयर करते हुए ऐसा दावा किया है.

फ़ैक्ट-चेक

हमने देखा कि UP पुलिस ने इस वीडियो को ख़ारिज करते हुए इसे मध्य प्रदेश में 2 साल पहले हुई घटना बताया है.

NDTV की फ़रवरी 2020 की एक रिपोर्ट में वायरल वीडियो से मिलते-जुलते विज़ुअल्स दिखते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, धार ज़िले के बोरलाई में ग्रामीणों ने 6 किसानों को बच्चा चोर समझकर लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला कर दिया. हमले में 1 की मौत हो गई थी.

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ताल मार्च 2020 में भी की थी जब इसे दिल्ली हिंसा से जुड़ा वीडियो बताया जा रहा था.

धार के पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बीबीसी को बताया था, “ये पैसे के लेनदेन का मामला था. कुछ लोग गाड़ियों में आये जहां पर ये मज़दूर काम करते थे. इन्होंने एडवांस में पैसे ले लिये थे और मज़दूरी नहीं कर रहे थे.” ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की 5 फ़रवरी की रिपोर्ट में एक पीड़ित ने बताया है कि 5 मजदूरों ने 50-50 हज़ार कर के एडवांस लिए थे लेकिन काम करने नहीं आए. जब हम लोग पैसा वापस लेने पहुंचे तो उन्होंने हम पर हमला कर दिया. फिर वहां भीड़ आ गयी और वो लोग हमें बच्चा चोर समझकर पीटने लगे.”

यानी, मध्य प्रदेश का 2 साल पुराना वीडियो UP में हुई घटना का बताया जा रहा है.

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Priyanka Jha specialises in monitoring and researching mis/disinformation at Alt News. She also manages the Alt News Hindi portal.