सपा नेता माविया अली के पुराने वीडियो को कांगेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी का बताया गया

देश भर में व्यापक रूप से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “कांग्रेस का आला नेता नस्सिमुद्दीन सिद्दीकी कह रहा है “हम पहले मुसलमान है ..बाद में हिंदुस्तानी ..इस्लाम से टकराने वाले संविधान को भी हम नहीं मानेंगे ..हम इस देश के वफ़ादार नहीं है ..कुत्ते वफ़ादार होते है। कहाँ है दोनों भाईं बहन ⁦@RahulGandhi⁩ & ⁦@priyankagandhi” उनके ट्वीट को अब तक करीब 17,200 बार रिट्वीट किया जा चूका है।

ऐसा ही समान दावा पाकिस्तानी-कनाडियन लेखक तारेक फ़तेह और सेना के दिग्गज मेजर सुरेंद्र पूनिया ने भी साझा किया है।

हालिया वीडियो नहीं, कांग्रेस के नेता नहीं

पात्रा के ट्वीट में साझा किया गया वीडियो अगस्त 2017 का है। वीडियो में समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली को देखा जा सकता है, जो उत्तरप्रदेश सरकार के एक विवादास्पद परिपत्र के खिलाफ बयान दे रहे थे, जिसमें राज्यभर के सभी मदरसों को स्वतंत्रता दिवस मनाने और उसका वीडियो रिकॉर्ड करने का आदेश दिया गया था। माविया के बयान पर उस वक़्त कई मीडिया संगठनों ने खबर प्रकाशित किया था।

माविया राजनितिक रूप से समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। वह 2016-17 में देवबंद से विधायक भी थे। इससे विपरीत, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पहले बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हुए थे, जो कि अब कांग्रेस के नेता हैं।

झूठे दावे से वायरल

कई ट्विटर उपयोगकर्ता माविया के बयान को वीडियो के बगैर भी साझा कर रहे हैं। इन लोगों में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का पैरोडी अकाउंट भी शामिल है। उन्होंने लिखा है, “हम पहले मुसलमान है .. बाद में हिंदुस्तानी.. इस्लाम से टकराने वाले संविधान को भी हम नहीं मानेंगे ..हम इस देश के वफ़ादार नहीं है .. कुत्ते वफ़ादार होते है?”

यह वीडियो व्यापक रूप से फेसबुक पर वायरल है। इसे साझा करनेवालों में ‘I Support Modi Ji and BJP’ पेज भी शामिल है।

यह स्पष्ट नहीं है कि क्यों भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, तारेक फ़तेह और मेजर सुरेंद्र पूनिया ने माविया अली के इस पुराने वीडियो को कांग्रेस के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी का बताकर साझा किया गया। सिद्दीक़ी उत्तरप्रदेश राजनीति में जानामाना चेहरा हैं और इसी वजह से ट्विटर पर कई उपयोगकर्ताओं ने इसे गलत सूचना बताया। किसी ने भी भ्रामक ट्वीट को अब तक डिलीट नहीं किया है। यहाँ तक कि, फतेह ने ट्वीट कर बताया , “मुझे बताया गया है कि इस वीडियो में मुल्लाह, माविया अली है।” (अनुवाद), लेकिन इस वीडियो को अभी तक डिलीट नहीं किया गया है।

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