फ़ैक्ट-चेक: UP में बेरोज़गारी के प्रदर्शन के दौरान योगी आदित्यनाथ की गाड़ी रोकने की कोशिश हुई?

भारत की GDP में 23.9 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई है. वहीं देश में कोरोना वायरस महामारी के कारण बेरोज़गारी भी अपने चरम पर है. भारतीय अर्थव्यवस्था की मॉनिटरिंग करने वाले सेंटर ने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2020 के दौरान देश के करीब 2 करोड़ 10 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं. इस दौरान, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि ये बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का है. वीडियो में उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ़ नारे भी सुनाई दे रहे हैं और कुछ लोगों को गाड़ियों का काफ़िला रोकने की कोशिश करते हुए भी देखा जा सकता है.

12 सितंबर को ये वीडियो शेयर करते हुए फ़ेसबुक यूज़र बाला लोकारे ने दावा किया कि बेरोज़गार लोगों ने उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफ़िला रोका. बाला लोकारे, शिवसेना की फ़िल्म विंग, चित्रपट सेना के सेक्रेटरी हैं. आर्टिकल लिखे जाने तक ये वीडियो 1,400 से ज़्यादा बार शेयर किया गया है. (आर्काइव लिंक)

बेस्ट शिएम… ढोंगी अदित्यनाथ यांच्या ताफा अडवून बेरोजगार यूवकांनी निषेध केला भाडखाऊ मिडीया दाखवेल का ?? भक्तो उलटी गिनती शूरू… 😂🤣😂🤣

Posted by Bala Lokare on Friday, 11 September 2020

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर हो रहा है.

फ़ैक्ट -चेक

यूट्यूब पर की-वर्ड्स सर्च करते हुए हमें ये वीडियो 11 जुलाई 2017 को पोस्ट किया हुआ मिला.

इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 7 जून 2017 की है. उत्तर-प्रदेश में प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफ़िला रोकने की कोशिश की थी. इनमें से ज़्यादातर प्रदर्शनकारी समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन, समाजवादी छात्र सभा से जुड़े हुए थे. योगी आदित्यनाथ लखनऊ यूनिवर्सिटी में होने वाले एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे. 11 जून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 14 प्रदर्शनकारियों को लोकल कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. इनमें लखनऊ यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र भी शामिल थे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के इस ट्वीट में आप इस घटना की कुछ तस्वीरें देख सकते हैं.

जून 2017 में ही ये वीडियो अलग अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा था. इस वीडियो की हकीकत ABP न्यूज़ ने अपने शो वायरल सच में बताई थी.

इस तरह, उत्तर-प्रदेश के छात्रों द्वारा 3 साल पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफ़िला रोकने का वीडियो हाल का बताकर शेयर हो रहा है. यूज़र्स ये वीडियो हाल की घटना का मान कर शेयर कर रहे हैं.

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