जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कावेरी हॉस्टल में रामनवमी के दिन नॉनवेज खाने को लेकर लेफ़्ट और राइट विंग छात्रों के बीच हुई झड़प में कई छात्र घायल हो गए. इस घटना के बाद दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं. पहली तस्वीर में एक लड़की के सिर पर चोट लगी है और खून बह रहा है. दूसरी तस्वीर में एक लड़की बेहोशी की हालत में मेज पर लेटी है.

ये 2 तस्वीरें एक साथ शेयर करते हुए दक्षिणपंथी यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि तस्वीर में दिख रही लड़की चोटिल नहीं हुई थी, बल्कि ये एक ड्रामा था. ट्विटर यूज़र तृप्ति गर्ग ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा “पहली तस्वीर में यह लड़की घायल है और नीली कुर्ती वाली बिल्कुल ठीक लग रही है. दूसरी तस्वीर में नीली कुर्ती वाली घायल है और दूसरी बिल्कुल ठीक है. JNU में जादू” (आर्काइव लिंक) इस ट्वीट को 13 हज़ार लाइक्स मिले.

स्वघोषित खोजी पत्रकार व राइट विंग प्रचारक विजय पटेल ने ये तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा “क्या कोई मुझे बता सकता है कि ये दोनों रोल-प्ले कर रहे हैं क्या? (आर्काइव लिंक)

ज़ी न्यूज के पत्रकार अनुभव शक्या ने लिखा “सब तुम ही कर लो. बिना चोट का खून और बिना खून की चोट”. (आर्काइव लिंक) बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया.

ट्विटर यूजर मेंगो शेख ने दोनों तस्वीर शेयर करते हुए लिखा “पहली तस्वीर में ब्लू टॉप वाली लड़की, सफ़ेद टॉप वाली लड़की को सांत्वना दे रही है. दूसरी तस्वीर में सफेद टॉप वाली लड़की, ब्लू टॉप वाली लड़की को सांत्वना दे रही है. ये ड्रामा कम करो JNU वालों, तुमने CAA का भी नकली नाटक किया था गोली चलाने का, अब भी नकली नाटक कर रहे हो.” (आर्काइव लिंक) और भी कई लोगों ने यही दावा किया.

This slideshow requires JavaScript.

भाजपा दिल्ली के प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल घायल छात्रों की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि ‘जिहादियों ने रामनवमी के अवसर पर JNU में पूजा कर रहे ABVP के छात्रों पर हमला कर दिया.’ (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

वायरल तस्वीर से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए ऑल्ट न्यूज ने JNU के छात्रों से संपर्क किया. वायरल तस्वीर में ब्लू कुर्ते में दिख रही लड़की मधुरिमा कुंडु, एम.फिल की छात्रा (AISA JNU यूनिट सेक्रेटरी) व उजले टॉप में दिख रही छात्रा अख्तरिस्ता अंसारी, एम. ए. समाजशास्त्र की छात्रा (AISA ऐक्टिविस्ट) है जिसके सर पर चोट आई है. हमने दोनों से बात की. उन्होंने हमें दोनों तस्वीर की सच्चाई बताई और जिस मोबाइल से इन दोनों तस्वीर को क्लिक किया गया था उसका टाइमस्टैम्प के साथ स्क्रीनशॉट भी शेयर किया.

अख्तरिस्ता ने बताया कि कावेरी हॉस्टल के मेस के अंदर घुसकर कुछ लोग उत्पात मचा रहे थे. इसमें मधुरिमा बेहोश हो गई थी. मेस के अंदर ही एक खाने की एक टेबल पे उसे लेटाया और पानी देकर जगाया. होश आने के तुरंत बाद जब वे कावेरी हॉस्टल से बाहर निकल रहे थे तो सामने से उनपर एक बड़े पत्थर से हमला हुआ. उनके सिर पर गहरी चोट आई और खून बहने लगा. यानी, बेहोशी वाली तस्वीर पहले की है और सिर पर चोट लगने वाली तस्वीर ठीक उसके बाद की है. मधुरिमा ने भी इस बात की पुष्टि की.

तस्वीरें एम.फिल हिस्ट्री की छात्रा डोलन सामंता की फ़ोन से खिंची गई हैं. हमने डोलन से बात की. डोलन ने हमसे अपनी गैलरी के स्क्रीनशॉट शेयर किये. शेयर की गई तस्वीरों के टाइमस्टैम्प के मुताबिक, जिस तस्वीर में मधुरिमा मेज पर लेटी है वो 8 बजकर 15 मिनट पर ली गई थी. जबकि दूसरी तस्वीर जिसमें अख्तरिस्ता के सिर पर चोट लगी है वो तस्वीर 8 बजकर 21 मिनट की है. दोनों तस्वीरों में 6 मिनट का गैप है. डोलन ने भी बताया कि अख्तरिस्ता को चोट मधुरिमा के बेहोश होने के बाद लगी थी.

मधुरिमा कुंडू ने एक ट्वीट में भी वायरल दावे का खंडन किया.

झड़प में चोटिल हुई अख्तरिस्ता अंसारी ने हमारे साथ अपने जख्मों की तस्वीरें शेयर कीं जिसमें टांके लगे दिख रहे हैं, साथ ही उन्होंने हमें अस्पताल की स्लिप भी भेजी, जिसमें साफ शब्दों में 7 दिन बाद नज़दीकी अस्पताल में टांके हटाने की सलाह दी गई है.

This slideshow requires JavaScript.

अख्तरिस्ता अंसारी ने अपने एक ट्वीट में AIIMS से डिस्चार्ज होने की जानकारी दी.

इस फ़ैक्ट-चेक में हमने पाया कि तस्वीर में दिख रही लड़कियां छात्र संगठन AISA से जुड़ी हुई हैं और इनमें से एक के सिर पर गहरी चोट आई है. कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि ये ड्रामा कर रही थीं. BJP नेता नवीन कुमार जिंदल ने इन्हें ABVP की घायल छात्रा बता दिया. जबकि ये AISA से जुड़ी हैं.

2020 JNU हिंसा के बाद भी ऐसा ही नैरेटिव देखने को मिला था. छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष की तस्वीर शेयर करते हुए ये कहा जा रहा था कि उन्होंने घायल होने का नाटक किया.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

Tagged:
About the Author

Abhishek is a journalist at Alt News.