JNSU की अध्यक्ष आइशी घोष की दो तस्वीरें सोशल मीडिया में प्रसारित है, जिससे यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि अलग अलग समय पर उनके अलग अलग हाथों पर पट्टी बंधी हुई है। इस प्रकार यह बताने का प्रयास किया गया है कि उनके घाव फ़र्ज़ी है। 5-6 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नक़ाबपोश गुंडों ने आइशी घोष पर हमला किया था। शेफाली वैद्य ने भी इस समान दावे को साझा किया था, लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया।

RSS से जुड़े संगठन ABVP के राष्ट्रिय सचिव ने भी आइशी घोष की तस्वीर साझा की है। उनके ट्वीट को फ़िलहाल डिलीट कर दिया गया है, जिसे भाजपा के विदेशी मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाला ने भी रिट्वीट किया था।

मिरर तस्वीर का इस्तेमाल कर झूठा दावा

आइशी घोष के दाहिने हाथ में चोट लगी हुई है, न कि बाएं हाथ पर। जिस तस्वीर का प्रयोग कर उनके दाहिने हाथ पर चोट दिखाने का प्रयास किया है, वह मिरर तस्वीर है। ऑल्ट न्यूज़ ने आइशी घोष की वायरल हो रही समान तस्वीर को पाया, जिसमें उन्हें उसी जगह पर बैठे हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को हिंदुस्तान टाइम्स ने 7 जनवरी को ट्वीट किया था।

उपरोक्त तस्वीर के साथ वायरल की गई तस्वीर की तुलना करने पर यह साबित होता है कि साझा की गई तस्वीर मिरर इमेज है। दोनों तस्वीरों के बीच की समानताओं को नीचे शामिल किया गया है:

1. घोष के घायल हाथ के पास बैठा व्यक्ति
2. घोष के पीछे काले रंग की जैकेट पहने बैठा व्यक्ति
3. काले रंग की जैकेट पहने व्यक्ति की बाजु में बैठी लाल रंग के स्वेटर पहने हुए एक महिला

वायरल हो रही तस्वीर आइशी घोष द्वारा 6 जनवरी को की गई प्रेस वार्ता की है। प्रेस वार्ता के वीडियो में भी घोष के बाएं हाथ को चोटिल देखा जा सकता है।

इसके अलावा, मीडिया संगठन ने भी अपनी रिपोर्ट में घोष की जिन तस्वीरों को साझा किया है, उनमें दाए हाथ में पट्टियों को बांधे हुए देखा जा सकता है।

झूठा दावा वायरल

खुद को एबीवीपी के ‘छात्र कार्यकर्ता’ बताने वाले राजेश शुक्ला ने घोष की तस्वीर साझा करते हुए संदेह व्यक्त किया था।

ट्विटर उपयोगकर्ता संजना रेड्डी (@Saffron_Kanya) ने इस तस्वीर को साझा किया है, जिसे 250 बार रिट्वीट किया जा चूका है।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और भाजपा दिल्ली के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा द्वारा फॉलो की जा रही रोसी (@rose_k01) नामक एक उपयोगकर्ता ने भी इस तस्वीर को साझा किया है।

जेनएयू की छात्र इकाई की अध्यक्ष आइशी घोष की तस्वीर, मिरर इमेज के रूप में प्रस्तुत की गयी। उनके बाएं हाथ में लगी चोट की तस्वीर को मिरर इमेज बनाकर साझा किया गया, जिसमें मालूम पड़ता है कि चोट दाएं हाथ में लगी है। इससे यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि जेएनयू हिंसा के दौरान घोष ने घायल होने का नाटक किया है। पहले भी एसफआई कायकर्ता सूरी कृष्णा की तस्वीर को इस झूठे दावे से साझा किया गया कि वह घायल होने का नाटक कर रहे हैं।

ग़लत
दावा:
आइशी घोष घायल होने का नाटक कर रही

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