कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद जश्न के दौरान इस्लामिक झंडा लहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. साथ में बताया गया कि ये वीडियो कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के भटकल का है. राईट विंग विचारधारा से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों ने इस क्लिप को ये बताते हुए शेयर किया कि ये विशेष झंडा राज्य पर आने वाली निश्चित कयामत का प्रतीक है जहां कांग्रेस भाजपा की जगह सत्ता में आ रही है.

भाजपा के राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने इस कैप्शन के साथ ये वीडियो ट्वीट किया, “भटकल. कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के तुरंत बाद…” (आर्काइव)

ट्विटर ब्लू सब्सक्राइबर ‘@erbmjha’ ने वायरल क्लिप का एक स्क्रीनग्रैब ट्वीट करते हुए लिखा, “आज कांग्रेस की जीत के बाद कर्नाटक के भटकल में एक व्यक्ति को इस्लामी झंडा लहराते देखा गया.” यूज़र ने आगे कहा कि भटकल एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है और ‘दोषी भारतीय इस्लामिक आतंकवादी’ यासीन भटकल, भटकल का रहने वाला है. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर ब्लू सब्सक्राइबर @MrSinha_ ने ये क्लिप ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यही तो हमने खो दिया…’ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद. (आर्काइव)

वेरीफ़ाईड अकाउंट ‘वोक पेट्रोलर’ ने ये क्लिप ट्वीट करते हुए कमेंट किया कि ‘रुझान उभरने शुरू हो गए हैं’ जबकि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार अभी तक नहीं बनी है. (आर्काइव)

वेरीफ़ाईड अकाउंट ‘@rightwing_guy’ ने दावा किया कि झंडा लहरा के ‘कांग्रेस समर्थक चुनाव परिणामों का जश्न मना रहे थे.’ (आर्काइव)

राइट विंग इन्फ्लुएंसर अरुण पुदुर, वेरीफ़ाईड यूज़र्स ‘@FltLtAnoopVerma‘, ‘@chad_infi‘, ‘@Shruthi_Thumbri‘ और ‘@muktanshu‘ सहित कई और यूज़र्स ने इस क्लिप को ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया. भाजपा कार्यकर्ता राहुल झा ने भी दावा किया कि वायरल क्लिप में भगवा झंडे की जगह इस्लामिक झंडा लगा दिया गया है.

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ये क्लिप फ़ेसबुक पर भी इसी दावे के साथ शेयर की गई है.

फ़ैक्ट-चेक

पहली बात जिसपर रिडर्स ध्यान दें कि वीडियो में हिंदू धार्मिक निशान ओम के साथ एक भगवा झंडा दिख रहा है, साथ ही डॉ. बी. आर अम्बेडकर के चेहरे वाला एक नीला झंडा भी दिखता है जो दलित प्रतिरोध दिखाता है. वायरल वीडियो में इस्लामी झंडे को लहराते हुए भी देखा जा सकता है. दावों से अलग, भगवा झंडे को इस्लामी झंडे से नहीं बदला गया है.

ऑल्ट न्यूज़ ने भटकल में सलाहुद्दीन नाम के एक स्थानीय व्यक्ति से संपर्क किया जिन्होंने हमें एक वीडियो भेजा. इसे उसी जगह रिकॉर्ड गया था जहां जश्न मनाया जा रहा था. वीडियो में वो कहते हैं, ‘हैलो, ये देखिए. भटकल के सर्कल का मंज़र है. यहां पर स्टार्टिंग में कोई फ्लैग नहीं था. इधर सारे के सारे फ्लैग एक ही साथ लगाए गए थे. ग्रीन कलर के फ्लैग हो, या ऑरेंज हो, और बाबासाहेब अंबेडकर का फ्लैग और कांग्रेस फ्लैग ये सारे के सारे एक साथ लगाए गए थे. तो ट्विटर पर मिसलिडिंग किया जा रहा है. इस प्रोपगंडा के पीछे न जाएं. ये सब एक ही साथ लगाया गया है.”

हमें इस घटना के और वीडियो फ़ुटेज भी मिलें. इन सभी वीडियो में बिना किसी सांप्रदायिक तनाव के भगवा और इस्लामी झंडे एक साथ लहरा रहे हैं. राईट विंग इकोसिस्टम द्वारा फ़ैलाए जा रहे मेसेज से अलग, इस्लामिक झंडों के साथ कई भगवा झंडे लहराए गए. एक जगह, इस्लामिक झंडा लिए हुए एक व्यक्ति, रैली के सेंटर में आगे बढ़ते हुए दिख रहा है. जबकि उसके साथ और लोग भगवा झंडे और कांग्रेस के झंडे लहरा रहे हैं.

हमें भटकल सर्कल का एक अच्छी क्वालिटी का वीडियो भी मिला. इसे शनिवार, 13 मई की सुबह रिकॉर्ड गया था. इसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि भगवा झंडा और इस्लामिक झंडा को एक साथ दलित प्रतिरोध के प्रतीक नीले झंडे को भगवा ध्वज के बगल में रखा गया है जबकि कांग्रेस के झंडे को इस्लामी झंडे के बगल में रखा गया है.

वर्थ भारती से बात करते हुए, उत्तर कन्नड़ के SP विष्णुवर्धन ने सोशल मीडिया यूज़र्स से अफवाहें फ़ैलाने और ऐसे संवेदनशील कंटेंट पोस्ट न करने का आग्रह किया जिससे इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने कहा, “ये एक धार्मिक झंडा था, और ये पाकिस्तानी झंडा नहीं था. हमने इसकी पुष्टि की है, और हम सोशल मीडिया यूज़र्स से रीक्वेस्ट करते हैं कि वो ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी शेयर न करें जिससे सांप्रदायिक अशांति पैदा हो.” उन्होंने ये भी कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज़ नहीं की गई या कार्रवाई शुरू नहीं की गई. क्योंकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि ये पाकिस्तानी झंडा नहीं है.

कुल मिलाकर, ये साफ़ है कि इस्लामिक झंडा किसी सांप्रदायिक आंदोलन के इरादे से नहीं लहराया गया था. इसे हिंदू धार्मिक झंडे, दलित प्रतिरोध के नीले झंडे और कांग्रेस पार्टी के कई झंडों के साथ ही फहराया गया था. ऑल्ट न्यूज़ ने भटकल में जश्न के फ़ुटेज देखे जिसमें साफ़ तौर पर लोगों को एक ही समय में इस्लामी झंडे और भगवा झंडे लहरा रहे हैं. जैसा कि उपर बताए वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “भटकल सर्किल पर सभी झंडे एक ही समय पर लगाए गए थे – कांग्रेस का झंडा, बाबासाहेब अंबेडकर का झंडा, हिंदू धार्मिक झंडा और मुस्लिम धार्मिक झंडा.”

ग़लत
दावा:
कर्नाटक के भटकल में कांग्रेस की जीत के बाद इस्लामी झंडा लगाया गया

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