एक वीडियो शेयर शेयर किया जा रहा है जिसमें एक व्यक्ति पुलिसवाले को पीट रहा है. दावा है कि पश्चिम बंगाल के MLA मंसूर मोहम्मद दिमीर एक पुलिसकर्मी को पीट रहे हैं. 13 अप्रैल 2025 को शेयर अभिजीत सिंह नामक एक फ़ेसबुक यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि बंगाल के TMC MLA ने पुलिस को पीट दिया.

BJP की नाज़िया इलाही खान ने 22 मार्च, 2025 को ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया था. नाज़िया ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बंगाल के MLA मंसूर मोहम्मद दिमीर को देखिये। जब पुलिस की वर्दी में ड्यूटी पर तैनात पुलिस का ये हाल है तो बंगाल के वोटरों का क्या हाल होगा…! इस वीडियो को इतना शेयर करें कि ये पूरे भारत में दिखे। वर्दी में बंगाल पुलिस को टीएमसी MLA मोहम्मद दिमीर ने पीटा”. नाज़िया ने ये वीडियो इंस्टाग्राम पर भी इसी दावे के साथ शेयर किया.

साल 2021 में इसी वीडियो के साथ दावा किया जा रहा था कि पिटाई करने वाला शख्स बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय है. फ़ेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप पर ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया था.


2019 से वायरल

दिल्ली के आप विधायक सोमनाथ भारती ने सितम्बर, 2019 में ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “बेशक इस MLA को सलाखों के पीछे रखा जाए, लेकिन इससे ज़्यादा पुलिसकर्मी को इस तरह से समर्पण करने के लिए तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए.”

कुछ और यूज़र ने इस वीडियो को समान दावे के साथ ट्विटर पर शेयर किया.

ये वीडियो अप्रैल, 2019 से कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए शेयर हो रहा है. इसमें पुलिसकर्मी को पीट रहे व्यक्ति का नाम कांग्रेस विधायक अनिल उपाध्याय बताया गया था.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ताल अप्रैल 2019 में भी की थी. हमने ये पाया था कि भाजपा या कांग्रेस में ऐसे कोई अनिल उपाध्याय  नाम के विधायक मौजूद नहीं है.

MyNeta डेटाबेस पर सर्च करने से ऑल्ट न्यूज़ ने एक ही नाम से दो व्यक्तियों को ढूंढा – 2018 में राजस्थान चुनाव लड़ने वाले जोधपुर के बसपा नेता डॉ.अनिल उपाध्याय और 2007 और 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने वाले लखनऊ के एक निर्दलीय उम्मीदवार अनिल कुमार उपाध्याय.

उत्तर प्रदेश के भाजपा पार्षद का वीडियो

इसके अलावा, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति उत्तर प्रदेश के मेरठ से भाजपा पार्षद हैं. वह उत्तर-प्रदेश पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की पिटाई कर रहे थे. 20 अक्टूबर 2018 को हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित वीडियो रिपोर्ट को नीचे देखा जा सकता है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, “भाजपा नेता मनीष पवार द्वारा संचालित एक रेस्तरां के कर्मचारी और पुलिस अधिकारी के बीच कथित तौर पर ऑर्डर में देरी को लेकर बहस छिड़ गई थी. भाजपा नेता को गिरफ़्तार कर लिया गया है और पुलिस अधिकारी को फ़िलहाल ड्यूटी से हटा दिया गया है.” बाद में खबरें सामने आईं कि मेरठ पुलिस ने सब इंस्पेक्टर सुखपाल पंवार और एक महिला वकील के खिलाफ भी रेस्तरां हमले के मामले में FIR दर्ज की थी.

यह ध्यान देने योग्य है कि अनिल उपाध्याय नाम के कोई भी विधायक भाजपा या कांग्रेस में नहीं हैं. इसके अलावा न ही ये वीडियो MLA मंसूर मोहम्मद दिमीर का है. इसलिए BJP की नाज़िया इलाही खान का दावा भी पूरी तरह से ग़लत है.

असत्य
दावा:
भाजपा विधायक अनिल उपाध्याय ने एक पुलिसकर्मी की पिटाई की

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है।

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें