2 अप्रैल को उत्तर प्रदेश से जुड़ी हुई एक ख़बर सामने आई. ख़बर के मुताबिक मुज़फ्फ़रनगर ज़िले के एक गांव मोरना में लॉकडाउन लागू करवाने पहुंची पुलिस की गांव के प्रधान के घर पर पिटाई की गई. पांच लोगों समेत गांव के पूर्व सरपंच नहर सिंह की इस मामले में गिरफ़्तारी हुई है.
उसके बाद ट्विटर यूज़र डॉ मनीष कुमार ने एक वीडियो ट्वीट किया. वीडियो में कुछ लोगों को ज़मीन पर लेटे हुए पुलिसकर्मी को मारते हुए देखा जा सकता है. सिंह ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा -“पूर्व सरपंच नहर सिंह का घर. जब पुलिस ने उन्हें बाहर घूमने की वजह से डांटने की कोशिश की.” इस ट्वीट को डिलीट किये जाने से पहले 500 बार रीट्वीट गया. एक और यूज़र बिलकिस प्रवीन ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “लोग मंदिर में पूजा कर रहे थे, पुलिस ने रोक दिया और पंडितजी को ले जाते समय लोगों ने पुलिसवाले को बेरहमी से मार डाला। क्या किसी न्यूज़ चैनल ने इस खबर को दिखाया?”
लोग मंदिर में पूजा कर रहे थे, पुलिस ने रोक दिया और पंडितजी को ले जाते समय लोगों ने पुलिसवाले को बेरहमी से मार डाला।
क्या किसी न्यूज़ चैनल ने इस खबर को दिखाया? @myogiadityanath जी क्या इन लोगों पर भी #NSA लगाई जाएगी? pic.twitter.com/vClvGxpqVT
— Bilkis Parveen (3.5k) (@BilkisPerween1) April 4, 2020
फ़ेसबुक पेज ‘बोलता किशनगंज’ ने ये वीडियो पोस्ट किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 34 हज़ार बार देखा और करीब 3,000 बार शेयर किया जा चुका है.
मंदिर में पिटता कानून
पुलिस वाले को केवल इसलिये पीटा गया क्योंकि वो मंदिर में लोक डाउन के पालन को तोड़ने पर रोक लगा रहा था।।
गरीबों के सब्जियों के ठेले तो बहुत पलटे है पुलिस ने क्या अब इन पर भी कार्यवाही करवाएंगे
और हां यह घटना किसी मदरसा में हुई होती तो देश के दलाल चैनल अब तक रो-रो कर देश के लिए इस घटना को सबसे बड़ा खतरा घोषित कर देतेPosted by Bolta Kishanganj on Thursday, 2 April 2020
फ़ैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो मोरना गांव की घटना से जुड़ा हुआ नहीं है बल्कि एक नाटक के वीडियो का हिस्सा है. 18 जून 2019 को यूट्यूब चैनल CWE ने एक नाटक का वीडियो अपलोड किया था जिसे नीचे देखा जा सकता है. इस वीडियो में 1 मिनट 30 सेकंड पर आप वायरल हो रही क्लिप को देख सकते हैं. नाटक में पुलिसवाले को ज़मीन पर गिरा दिया जाता है और वहां मौजूद लोग उसकी पिटाई करना शुरू कर देते हैं.
इस तरह दूसरे ऐंगल से शूट किये गए इस वीडियो से पता चलता है कि ये किसी फ़िल्म का ही वीडियो है.
इसके अलावा हमें CWE चैनल पर कई और वीडियो भी मिले जिसमें पुलिस का रोल निभा रहे व्यक्ति को देखा जा सकता है. ये व्यक्ति ‘सिंघम दुबे’ का रोल प्ले कर रहे हैं.

CWE का मतलब ‘कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट’ है. चैनल खुद को भारत की पहली ‘रेसलिंग एंटरटेनमेंट चैनल’ बताता है. इससे पहले भी 2 ऐसे मामले सामने आए थे जिसमें इस चैनल के वीडियो को असली मानकर शेयर किया गया था. (1,2)
इस तरह ये वीडियो उत्तर प्रदेश में पुलिस को मारने की घटना से जुड़ा हुआ नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सरपंच नहर सिंह और उनके परिवार के लोग बाहर खड़े थे जब भोपा पुलिस ने उन्हें लॉकडाउन के चलते वहां से हटाने का प्रयास किया. इससे दोनों के बीच विवाद हो गया और फ़िर उन्होंने मिलकर पुलिसकर्मी की पिटाई की. ‘द हिन्दू’ से बात करते हुए एसपी नेपाल सिंह ने कहा -“हमने पूर्व सरपंच समेत पांच लोगों की गिरफ़्तारी की है. उन पर IPC की अलग-अलग धाराओं के चलते मामला दर्ज़ किया गया. इसमें हत्या की कोशिश भी शामिल है. स्थिति अब काबू में आ चुकी है और घायल पुलिसकर्मी को मेरठ अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है और अभी वो भी स्वस्थ हैं.”
नोट : भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 3200 के पार जा पहुंची है. इसकी वजह से सरकार ने बुनियादी ज़रुरतों से जुड़ी चीज़ों को छोड़कर बाकी सभी चीज़ों पर पाबंदी लगा दी है. दुनिया भर में 11 लाख से ज़्यादा कन्फ़र्म केस सामने आये हैं और 59 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और इसी वजह से वो बिना जांच-पड़ताल किये किसी भी ख़बर पर विश्वास कर रहे हैं. लोग ग़लत जानकारियों का शिकार बन रहे हैं जो कि उनके लिए घातक भी साबित हो सकता है. ऐसे कई वीडियो या तस्वीरें वायरल हो रही हैं जो कि घरेलू नुस्खों और बेबुनियाद जानकारियों को बढ़ावा दे रही हैं. आपके इरादे ठीक हो सकते हैं लेकिन ऐसी भयावह स्थिति में यूं ग़लत जानकारियां जानलेवा हो सकती हैं. हम पाठकों से ये अपील करते हैं कि वो बिना जांचे-परखे और वेरीफ़ाई किये किसी भी मेसेज पर विश्वास न करें और उन्हें किसी भी जगह फ़ॉरवर्ड भी न करें.





