इटली में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले को पकड़ने का वीडियो असल में ब्राज़ील के नशे में धुत्त शख्स का है

27 सेकेंड्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक खाली सड़क पर कुछ पुलिवाले एक व्यक्ति को कब्ज़े में लेते हुए दिख रहे हैं. वीडियो के साथ शेयर हो रहे संदेश में लिखा है, ‘इटली में लॉकडाउन का मतलब लॉकडाउन ही होता है’. ये वीडियो इटली और बाकी के देशों में बाहर निकलने पर लगी सख्त पाबंदियों के मद्देनज़र इंटरनेट पर सर्कुलेट हो रहा है.

इस वीडियो को बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर ने भी ट्वीट किया, जबकि न्यूज़ 18 के एंकर अमीश देवगन ने ऋषि कपूर के ट्वीट को क़ोट-ट्वीट किया. किसी ने भी ये नहीं बताया कि ये वीडियो शूट कहां किया गया. हालांकि, इसमें लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर होनी वाली कार्रवाई को दिखाने की कोशिश की गई थी.

‘एबीपी न्यूज़’ के पत्रकार सुमित अवस्थी ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया है.

ये वीडियो ब्राज़ील का है और कोरोना वायरस से इसका कोई लेना देना नहीं है

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो के एक फ़्रेम को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च से खोजा. तब हमें Reddit के एक लिंक में एक कमेंट मिला. इसके अनुसार, ये वीडियो ब्राज़ील के शहर साओ पाउलो का था. और खोजने पर हमें एक पुर्तगाली वेबसाइट का एक आर्टिकल मिला, जिसके अनुसार पुलिस को स्थानीय लोगों ने कॉल करके बुलाया था. क्योंकि एक व्यक्ति नशे की हालत में बीच सड़क पर चाकू लहरा रहा था.

इस वीडियो को साओ पाउलो की एक स्थानीय न्यूज़ संस्था ने भी रिपोर्ट किया था.

इस रिपोर्ट के अनुसार, “शराब के नशे में एक शख्स ने अपनी शर्ट उठाकर ये बताया कि उसके पास कोई हथियार नहीं है. लेकिन उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसके हाथ बांधकर उस व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया. मिलिट्री पुलिस किसी भी तरह की हिंसा को जांचने के लिए तस्वीरों की पड़ताल करेगी.

कथित तौर पर चाकू लहराकर लोगों को डराने के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति को फ़र्ज़ी आधार पर कोरोना वायरस से जोड़ा गया. असल में ये घटना इटली नहीं, बल्कि ब्राज़ील की है.

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 600 के पार जा पहुंची है. इसकी वजह से सरकार ने बुनियादी ज़रुरतों से जुड़ी चीज़ों को छोड़कर बाकी सभी चीज़ों पर पाबंदी लगा दी है. दुनिया भर में 4 लाख से ज़्यादा कन्फ़र्म केसेज़ सामने आये हैं और 22 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और इसी वजह से वो बिना जांच-पड़ताल किये किसी भी ख़बर पर विश्वास कर रहे हैं. लोग ग़लत जानकारियों का शिकार बन रहे हैं जो कि उनके लिए घातक भी साबित हो सकता है. ऐसे कई वीडियो या तस्वीरें वायरल हो रही हैं जो कि घरेलू नुस्खों और बेबुनियाद जानकारियों को बढ़ावा दे रही हैं. आपके इरादे ठीक हो सकते हैं लेकिन ऐसी भयावह स्थिति में यूं ग़लत जानकारियां जानलेवा हो सकती हैं. हम पाठकों से ये अपील करते हैं कि वो बिना जांचे-परखे और वेरीफ़ाई किये किसी भी मेसेज पर विश्वास न करें और उन्हें किसी भी जगह फ़ॉरवर्ड भी न करें.

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