एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. इसमें वो लोगों की भीड़ के बीच से गुज़र रही है और लोग उसके सामने झुक रहे हैं, पैर छू रहे हैं और फूल दे रहे हैं. इसे शेयर करने वाले दावा कर रहे हैं, “ये त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज में नर्स रह चुकी हैं. इन्होंने IAS कम्पलीट किया और कोडागु ज़िले में कलक्टर के तौर पर तैनात हुई. अपने नर्सिंग अनुभव के कारण उन्होंने कोडागु को covid मुक्त करने में मदद की. कोडागु के लोगों से अब उन्हें सम्मान मिल रहा है.”

फ़ेसबुक पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ताल कुछ दिन पहले ही की थी जब इसे हाथरस के कथित गैंगरेप केस की पीड़िता का बताया जा रहा था. ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के की-फ्रे़म्स निकाल कर उनका बिंग, यांडेक्स और गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. यांडेक्स पर मिली इस तस्वीर से पता चला कि बिलकुल यही वीडियो यूट्यूबर मोहम्मद आदिल फ़याज़ ने 19 फ़रवरी, 2020 को अपलोड किया था.

हमें पता चला कि आदिल को ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी ‘सेफ़ शॉप’ ने सम्मानित किया था. ऑल्ट न्यूज़ ने आदिल फ़याज़ से संपर्क किया और उन्होंने बताया कि वीडियो में नज़र आ रही महिला सेफ़ शॉप की सीनियर एसोसिएट हैं. बूमलाइव ने भी सेफ़ शॉप, हैदराबाद के अधिकारियों से संपर्क किया था और उन्होंने भी इसकी पुष्टि की थी. अधिकारियों ने बताया कि ये वीडियो 2019 के आखिर या 2020 की शुरुआत का है.

गौर करने वाली बात है कि द इंडियन एक्सप्रेस को दिए बयान में हाथरस पीड़िता की मां ने बताया था कि उसे पांचवीं क्लास में ही स्कूल से हटा दिया गया था.

इस तरह एक पुराने, असंबंधित वीडियो को कोडागु ज़िले की डिप्टी कमिश्नर एनीस कनमनी जॉय का बताया गया. दावा किया गया कि एनीस को उनके अधिकार क्षेत्र में COVID से जंग लड़ने के लिए सम्मानित किया जा रहा. एनीस 2012 में IAS अधिकारी के रूप में चयनित होने से पहले एक नर्स थीं. इसके अलावा, कोडागु के पूरी तरह से covid मुक्त होने का दावा भी ग़लत है.

ग़लत
दावा:
कोडागु ज़िले के कलक्टर को covid के लड़ने के लिए सम्मानित किया जा रहा

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