उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर पिछले कुछ वक़्त से काफी दावे शेयर किये जा रहे हैं. इस दौरान, अखिलेश यादव के कथित ट्वीट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है. ट्वीट में ‘बहू’ और ‘विभीषण’ शब्द के इस्तेमाल से ऐसा लगता है कि ये कथित ट्वीट अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने को लेकर किया गया है. अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं. और जनवरी 2022 में वो भाजपा में शामिल हो गई. इस कथित ट्वीट के मुताबिक, भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने खुद को ही रावण बता दिया. ये स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए यूज़र्स अखिलेश यादव का मज़ाक बना रहे हैं कि उन्होंने खुद को रावण और अपर्णा यादव को विभीषण बताया.

ट्विटर हैन्डल ‘@bghwa02’ ने ये स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए यही दावा किया है.

और भी कई यूज़र्स ने ये तस्वीर ट्वीट की है.

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फ़ेसबुक पर भी ये स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है.

फ़ैक्ट-चेक

अखिलेश यादव के इस कथित ट्वीट में भाषा की कई गलतियां हैं. इससे ऑल्ट न्यूज़ को संदेह हुआ कि शायद ये स्क्रीनशॉट अखिलेश यादव के ट्वीट का नहीं है. जैसे ‘बहू’ शब्द के पास डबल कोट में जगह है. वैसे ही शब्दों और पूर्ण विराम के बीच जगह है.

आगे, जांच जारी रखते हुए हमने अखिलेश यादव की ट्विटर प्रोफ़ाइल चेक की. उनकी ट्विटर टाइमलाइन पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं था. वायरल स्क्रीनशॉट का ट्वीट 19 जनवरी का है. लेकिन अखिलेश यादव की ट्विटर टाइमलाइन पर 19 जनवरी का सिर्फ एक ट्वीट है जिसमें ऐसी कोई बात नहीं की गई है. आप ये ट्वीट नीचे देख सकते हैं.

इसके अलावा, वायरल स्क्रीनशॉट में ट्विटर हैन्डल ‘@akhileshyadav’ है. जबकि अखिलेश यादव का हैन्डल नेम ‘@yadavakhilesh’ है. इसके अलावा, वायरल स्क्रीनशॉट और अखिलेश यादव के ट्वीट में समय और तारीख का फ़ॉर्मेट अलग-अलग है. वायरल ट्वीट का फ़ॉर्मेट मोबाइल ऐप के अनुसार है. लेकिन वो भी गलत है. गौर करें तो डेट फ़ॉर्मेट 24 घंटे के हिसाब से है. और ऐसे में AM या PM नहीं लगता है. वहीं समय और तारीख के बीच में डॉट नहीं है.

 

यानी, वायरल स्क्रीनशॉट में दिख रहा ट्वीट अखिलेश यादव ने नहीं किया है. यहां तक कि अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने उनको बधाई दी थी. लेकिन अखिलेश यादव के ऐसे किसी ट्वीट के बारे में मीडिया में कोई खबर नहीं है जो कि लगभग असंभव है. यूपी चुनावों के चलते पिछले कुछ वक़्त से समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के बारे में काफी ग़लत जानकारियां फैलाई जा रही हैं.

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