कई सोशल मीडिया यूज़र्स एक वीडियो शेयर करते हुए यह दावा कर रहे हैं कि ये असम में हाल कि स्थिति को दर्शाता है। वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ लोगों को पुलिस वैन में बिठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ शेयर किया जा रहा संदेश कुछ इस तरह है, “असम में NRC लागू, लोगों को घरों से उठाना शुरू हो चूका है। न्यूज़ वाले आपको यह नहीं दिखाएंगे, क्योकि वह बिक चुकी है अब आपकी और हमारी ज़िम्मेदारी है इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करने की.”  ट्विटर हैंडल @QamarAb42592867 ने इस वीडियो को समान दावे से साझा किया है।

असम का नहीं, हैदराबाद का वीडियो

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि वीडियो के साथ साझा किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। इस बात का पता वीडियो को ध्यानपूर्वक देखने से ही लग जाता है। वीडियो के स्क्रीन पर ‘आज़ाद रिपोर्टर  ‘ शब्द दिखाई देता है।

गूगल पर इससे सम्बंधित सर्च करने पर हमें इस मीडिया संगठन का एक फेसबुक पेज मिला। आज़ाद रिपोर्ट के फेसबुक पेज को खंगालने पर हमें 19 दिसंबर, 2019 को पोस्ट किया गया यह समान वीडियो मिला। वीडियो के साथ साझा किये गए सन्देश के अनुसार, “हैदराबाद के एक्सिबिशन ग्राउंड में जो भी लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया”। (अनुवाद)

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Hyd Exhibition Ground me jo bhi protest me sharik horahe hain, Police unko hirasat me lerahi hai…

Posted by Azad Reporter Abu Aimal on Wednesday, December 18, 2019

आज़ाद रिपोर्टर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी इस वीडियो को साझा किया गया है।

 

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Hyd Exhibition Ground, Jo koi bhi Protest me sharik horahe hain unko arrest kiya jaraha hai…

A post shared by Abu Aimal Akram Ali (@azad.reporter) on Dec 18, 2019 at 11:48pm PST

आज़ाद रिपोर्टर चैनल को संचालित करने वाले व्यक्ति का नाम अबू ऐमल है, जो हैदराबाद स्थित एक स्थानीय पत्रकार है और वे आज़ाद रिपोर्ट के अलावा हैदराबाद में एक स्थानीय उर्दू समाचारपत्र सियासत में भी काम करते हैं।

दरअसल, 19 दिसंबर, 2019 को हैदराबाद के एक्सिबिशन ग्राउंड में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए लोग जमा हुए थे। इसी बीच पुलिस ने वहां पर इक्क्ठा हुए लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की घटना को दर्शाने वाला हमें एक और वीडियो मिला। इसके अलावा, इस घटना के बारे में CNN News18 ने भी वीडियो रिपोर्ट साझा की थी, जिसमें हैदराबाद के एक्सिबिशन ग्राउंड के दृश्यों को देखा जा सकता है।

निष्कर्षतः हैदराबाद में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लेने का वीडियो सोशल मीडिया में असम में NRC लागू होने के बाद लोगों को पुलिस द्वारा पकड़ कर ले जाने के दावे से साझा किया गया।

फेसबुक पर वायरल है यह वीडियो

समान सन्देश के साथ यह वीडियो फेसबुक पर वायरल है।

यह वीडियो व्हाट्सएप पर भी सामान दावे से साझा किया जा रहा है।

ऑल्ट न्यूज़ के अधिकृत मोबाइल एप पर भी प्रसारित वीडियो के दावे की पड़ताल करने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

यह वीडियो समान दावे से यूट्यूब पर भी साझा किया गया है।

ग़लत
दावा:
असम में NRC लागू होने के बाद लोगों को घरो से पुलिस उठा रही है

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