कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने 1 मिनट के एक वीडियो को शेयर किया है. इसमें मुस्लिम समुदाय के कई लोगों को देखा जा सकता है जो कि सड़क के किनारे प्रार्थना कर रहे हैं. वीडियो बनाने वाला शख्स कहता है “क्या यहां कोरोना का डर नहीं? इसको भी रोकना चाहिए.” आख़िरी 20 सेकंड्स में वीडियो बनाने वाला शख्स कहता है कि ये ईस्ट दिल्ली के पटपड़गंज की घटना है. वो पुलिस की तरफ़ इशारा करते हुए कहता है, “पुलिस भी तैनात है.”

13 मई को कई ट्विटर यूज़र्स ने वायरल वीडियो पोस्ट किया. इसमें खुद को किसी विश्व हिन्दू स्ट्रगल कमिटी का वाइस प्रेसिडेंट बताने वाली दीक्षा कौशिक, भारतीय जनता युवा मोर्चा तेलंगाना के प्रवक्ता रूप डराक (आर्काइव किया हुआ लिंक) और ट्विटर हैंडल @effucktivehumor (आर्काइव किया हुआ लिंक) शामिल हैं.

डराक के ट्वीट को 1500 बार से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया था. बाद में इस वीडियो को डिलीट कर दिया गया. दीक्षा कौशिक के ट्वीट को 1000 से भी ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया. भाजपा सांसद परवेश साहिब सिंह ने भी ये वीडियो ट्वीट किया और लिखा, ” कोई भी धर्म #coronavirus के चलते इन हरकतों की इजाज़त देता है?#lockdown और #SocialDistancing की पूर्ण तरह से धज्जियाँ उड़ा दीं। जिन मौलवियों की तनख्वाहें बड़ा रहे थे. अरविंद केजरीवाल उनकी तनख्वाहें काट दो ये हरकतें अपने आप रुक जाएंगी या आपने दिल्ली की नष्ट करने की कसम खा ली है?!” (ट्वीट का आर्काइव)

parvesh

इसी तरह कई फ़ेसबुक यूज़र्स ने भी इस वायरल वीडियो को पोस्ट किया. फ़ेसबुक पेज ‘ModiNama’ ने लिखा, “यह हालात दिल्ली के पटपड़गंज के रोड पर जो मस्जिद बनी हुई है उस पर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है और अरविंद केजरीवाल बोल रहे हैं कि आप हमें सुझाव दो हमें क्या करना चाहिए शर्म आनी चाहिए केजरीवाल को…” इस पोस्ट को 4000 से ज़्यादा बार शेयर किया गया और यहां इ वीडियो को 1 लाख 20 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया. (आर्काइव किया हुआ लिंक)

हमें हमारी ऑफ़िशियल एंड्रॉइड ऐप पर और व्हाट्सऐप नंबर (+917600011160) पर इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए कई रीक्वेस्ट्स आईं.

पुराने वीडियो को अभी का ही बताकर शेयर किया गया

ऑल्ट न्यूज़ ने ट्विटर पर ‘पटपड़गंज’ कीवर्ड को सर्च किया और इस वीडियो का एक लम्बा वर्ज़न मिला. इसे ट्वीट करने वाले अभिषेक दुबे दिल्ली भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया हेड हैं. अभिषेक ने ये ट्वीट 20 मार्च को किया था. इस वीडियो में 16 सेकंड पर वीडियो बना रहे शख्स ने कहा, “आज 20 तारीख़ को…”

वीडियो को जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले ही बनाया गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने 4 दिन बाद ही, 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी. यहां ये बता दिया जाए कि दिल्ली सरकार ने किसी भी तरह की 50 लोगों से ज़्यादा की भीड़, धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक सभाओं बैन कर रखा था.

11 मई को DCPEastDelhi के ट्विटर अकाउंट से इसी वीडियो को ट्वीट करने वाले एक ट्विटर अकाउंट को जवाब आया कि ये दावा झूठा है. एक पुराने वीडियो का इस्तेमाल कर अफ़वाह फैलाने की कोशिश की जा रही है.

मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रार्थना करते हुए का वीडियो लगभग 2 महीने पुराने वीडियो को हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है.

ग़लत
दावा:
दिल्ली के पटपड़गंज में लोगों के नमाज़ पढ़ने का वीडियो

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