कई फे़सबुक यूज़र्स ने एक रैली का वीडियो शेयर किया है. वीडियो में एक शख़्स अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की वेशभूषा में 2 लोगों को बांध कर ले जा रहा है. जिन्हें बांधकर ले जाया जा रहा है वो पारंपरिक अरब की वेशभूषा में दिख रहे हैं. ये वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया गया है, “अमेरिका में अरबों को गुलाम बनाए जाने पर जश्न मनाया जा रहा है.”

अमेरिका में अरबों को गुलाम बनाए जाने पर जश्न मनाया जा रहा है..!😠😠😠
अरब वालों तुम पर खुदा की लानत बरसेगी,तुमने बहुत गलत क़दम उठाया है..!!

Posted by Arman Pratapgarhi on Monday, 17 August 2020

ये वीडियो कई और भी फे़सबुक यूज़र्स ने शेयर किया.

फै़क्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने InVid (वीडियो वेरिफ़िकेशन टूल) का इस्तेमाल करके यांडेक्स (Yandex) पर रिवर्स इमेज सर्च किया और पाया कि एक यूट्यूब चैनल ने यही वीडियो 2019 में अपलोड किया था. इस वीडियो के कई फ़्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च करते-करते हमें ‘मिडिल ईस्ट आय’ न्यूज़ वेबसाइट की 2018 की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में एक हाई रिज़ोलूशन फ़ोटो है जिसमें वीडियो के जैसा ही दृश्य है, जहां ट्रम्प के पहनावे में एक शख़्स अरबी वेशभूषा वाले 2 लोगों को ले जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार ये तस्वीर लन्दन में 2 साल पहले 2018 में हुए ऐंटी-ट्रम्प रैली की है.

रिपोर्ट में लिखा है, “लन्दन में हुए इस प्रदर्शन में एक इराकी छात्र-कार्यकर्ता खालिद बस्सौम (Khaled Bassoum) सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के वेश में आया था. उसने यमन और मध्य-पूर्व में की गयी हत्यायों पर सलमान का बचाव करने के लिए ट्रम्प पर आरोप लगाया. उसने ट्रम्प की वेशभूषा वाले दूसरे शख़्स को नकली पट्टा थमाया हुआ है.”

अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा से  ठीक पहले 2018 में लन्दन में आयोजित ट्रम्प विरोधी रैली का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि अमेरिकी अरबों को गुलाम बनाये जाने का जश्न मना रहे हैं.

ग़लत
दावा:
अमेरिका में 'अरब को गुलाम बनाए जाने का जश्न' मनाया जा रहा है

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