सोशल मीडिया पर एक विशाल रैली का वीडियो काफ़ी शेयर हो रहा है. वीडियो में दिख रहे बैनर के मुताबिक, ये रैली रेलवे के निजीकरण के विरोध में निकाली गई है. वीडियो में सैकड़ों लोग काले झंडे लिए नारेबाज़ी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. दावा है कि देश में पिछले 7 दिनों से रेलवे कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं. फ़ेसबुक यूज़र अमनजीत सिंह ने 28 जुलाई को ये वीडियो पोस्ट कर लिखा, “पूरे देश मे लगातार 7 दिन से लाखों “रेलवे कर्मचारी” निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं लेकिन देश को पता ही नही चल रहा है….क्यों ???” आर्टिकल लिखे जाने तक ये वीडियो 18 लाख बार देखा और 50 हज़ार बार शेयर किया जा चुका है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

पूरे देश मे लगातार 7 दिन से लाखों “रेलवे कर्मचारी” निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं 🤷

लेकिन देश को पता ही नही चल रहा है….

क्यों ???

Posted by Amanjeet Singh on Tuesday, 28 July 2020

फ़ेसबुक यूज़र कुलवीर गिल, दीपक खत्री और फ़ेसबुक पेज भवानी की आवाज़ ने इसी दावे के साथ ये वीडियो पोस्ट किया है.

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ट्विटर यूज़र विशेष यादव ने इसी दावे के साथ ये वीडियो ट्वीट किया. ये वीडियो आर्टिकल लिखे जाने तक 12 हज़ार बार देखा गया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

इसके अलावा, रैली की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर हो रही है. फ़ेसबुक पेज ‘Big Fan Of Ravish Kumar’ ने ये तस्वीर शेयर की है. ये पोस्ट आर्टिकल लिखे जाने तक 1,500 बार शेयर किया हो चुका है.

वायरल मेसेज के साथ ट्विटर और फ़ेसबुक पर रैली का ये वीडियो और तस्वीर शेयर हो रहे हैं.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो हाल का नहीं है ये बात वीडियो देखने पर ही साफ़ हो जाती है क्योंकि रैली में दिखने वाले एक भी व्यक्ति ने मास्क नहीं पहना है. इसके अलावा, वीडियो में दिख रहे बैनर पर ‘कपूरथला’ लिखा हुआ है. कपूरथला, पंजाब का एक शहर है.

आगे की-वर्ड्स सर्च करने पर 9 जुलाई 2019 का द ट्रिब्यून का एक वीडियो मिला. मीडिया आउट्लेट के मुताबिक, रेल कोच फ़ैक्ट्री के कर्मचारियों ने रेलवे के निजीकरण के खिलाफ़ प्रदर्शन किया था. इसके अलावा, हाल के वायरल मेसेज के साथ एक फ़ेसबुक यूज़र ने ये वीडियो 7 जुलाई 2019 पोस्ट पोस्ट किया था.

इसके अलावा, वायरल तस्वीर 12 जुलाई 2019 को रेल समाचार वेबसाइट पर शेयर की गई है. वेबसाइट ने रैली की और भी कुछ तस्वीरें शेयर की है. 15 जुलाई 2019 को महाराष्ट्र के केबिनेट मिनिस्टर नवाब मलिक ने वायरल तस्वीर के साथ रैली की कुछ और भी तस्वीरें शेयर की थी.

5 जुलाई 2019 की जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे कर्मचारियों ने रेल कोच फ़ैक्ट्री के निगमीकरण/निजीकरण के विरोध में रैली निकाली थी. इन लोगों ने रैली के दौरान सरकार के खिलाफ़ जमकर नारेबाज़ी भी की थी. ये नारेबाज़ी, वीडियो में भी सुनी जा सकती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्मचारियों और उनके परिवारवालों ने कारखाने के रामलीला मैदान में रैली निकाली थी जहां पर आस-पास के लोग भी जुड़े थे.

हाल में कपूरथला में रेलवे कर्मचारियों की निजीकरण के खिलाफ़ कोई रैली हुई है या नहीं, ये जानने के लिए हमने की-वर्ड्स सर्च किया. 7 जनवरी 2020 की जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कपूरथला में रेलवे कर्मचारियों ने 6 जनवरी 2020 को एक विरोध रैली निकाली थी. रिपोर्ट में बताया गया है, “रेल मंत्रालय के निगमीकरण एवं रेडिका प्रशासन के वर्कशॉप में उत्पादन कार्यों में ठेकेदारी सिस्टम को लागू करने के विरोध में केंद्रीय मजदूर संगठनों की आठ जनवरी को होने वाली हड़ताल के समर्थन में आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी ने सोमवार को रोष रैली निकाली. रैली में आरसीएफ के पुरुष एवं महिला कर्मचारियों ने भाग लिया.” जनवरी के बाद से कपूरथला में कोई रैली नहीं हुई है. लेकिन देश के कुछ हिस्सों में रेलवे के निजीकरण का विरोध जारी है जिसमें लुधियाना, धनबाद प्रमुख नाम हैं.

इस तरह, पिछले साल पंजाब के कपूरथला में रेलवे कर्मचारियों की रेल कोच फ़ैक्ट्री के निजीकरण के खिलाफ़ निकाली गई रैली का वीडियो हाल में शेयर किया गया. यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि देश में पिछले 7 दिनों से रेलवे कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं.

ग़लत
दावा:
देश में पिछले 7 दिनों से रेलवे कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं.

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