एक विचलित करने वाला वीडियो जिसमें एक लड़की को खींच कर पैर से मारा जा रहा है, सोशल मीडिया में इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि ये वीडियो पाकिस्तान का है और ये महिला हिन्दू है. वीडियो के साथ टेक्स्ट में दावा है कि पाकिस्तान में इस लड़की की बड़ी बहन को जबरदस्ती उठाकर निकाह कर दिया गया. अब ये कोर्ट जा रही है तो उसे धक्का देकर भगाया जा रहा है. वीडियो में पुलिसकर्मियों को भी देखा जा सकता है जो हिंसा को रोकने का प्रयास नहीं कर रहे हैं. ऑल्ट न्यूज़ वीडियो की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे आर्टिकल में शामिल नहीं कर रहा है.

ट्विटर पर कई लोगों ने ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है.

2019 में संसद से CAB पास होने के बाद से शेयर

उस समय ये वीडियो शेयर करते हुए कहा जा रहा था, ” इस लड़की का गुनाह सिर्फ इतना है की ये हिन्दू है और वो भी शान्तिधूर्तो के देश पाकिस्तान में.” नागरिकता संशोधन कानून पाकिस्तान में प्रताड़ित किये गए हिन्दुओं को भारत की नागरिकता प्रदान करता है, ये वीडियो इसी संदर्भ में शेयर किया जा रहा था.

उपरोक्त स्क्रीनशॉट में दिख रहा वीडियो 1 दिसंबर को अपलोड किया गया था, जिसे अबतक करीब 12 लाख बार देखा और 38,000 बार शेयर किया जा चूका है. इस वीडियो को नाटकीय बनाने के लिए एडिट किया गया है. फ़ेसबुक पर एक जैसे मेसेज के साथ ये वीडियो वायरल है.

वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो पाकिस्तान का ही है मगर ये महिला हिन्दू नहीं है, जैसा कि वायरल मेसेज में दावा किया जा रहा है.

वीडियो को फ्रेम्स में तोड़ने के बाद हमने इनका गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया और हमें पाकिस्तानी उर्दू न्यूज़ चैनल दुन्या न्यूज़ का एक आर्टिकल मिला. 29 अक्टूबर, 2019 को प्रकाशित एक लेख के अनुसार, ये घटना पाकिस्तान में पंजाब के शकरगढ़ ज़िले में हुई थी और इस महिला का नाम अमृत बीबी है. अमृत बीबी एक स्थानीय अदालत में सुनवाई के लिए गई थी जहां पर कुछ वकीलों के साथ उनकी बहस हो गई और वकीलों ने मिलकर उनकी पिटाई कर दी. हमें एक अन्य रिपोर्ट मिली, जिसके अनुसार महिला का नाम अमृत शहज़ादी है.

इसके अतिरिक्त, ऑल्ट न्यूज़ को बीबीसी उर्दू के पाकिस्तानी पत्रकार ताहिर इमरान का एक ट्वीट भी मिला. ट्वीट में इस मामले में दर्ज़ की गई FIR की कॉपी और साथ में महिला से हाथापाई करने वाले वकील की तस्वीर भी शेयर की गई है.

उर्दू भाषा में लिखी गई FIR के अनुसार, “मैं (अब्दुल क़यूम) और मेरी चाचाज़द बहन (अमृत शहज़ादी डॉक्टर), जिनके पिता का नाम है मोह्हमद सुलेमान, अंसारी जाति के है.” नीचे शेयर की गई तस्वीर में FIR के सम्बंधित हिस्से को हाईलाइट किया गया है. पीड़िता का नाम अमृत शहज़ादी है. वह मुस्लिम समुदाय से है. अब्दुल क़यूम ने FIR दर्ज़ करवाई थी, जो खुद को अमृत शहज़ादी के भाई बताते हैं. क़यूम का नाम FIR में मौजूद है.

यह ध्यान देने लायक है कि ये वीडियो पाकिस्तान का है लेकिन इसके साथ शेयर किया जा रहा दावा गलत है. वीडियो में दिख रही महिला हिन्दू समुदाय से नहीं है.

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About the Author

Arjun Sidharth is a writer with Alt News. He has previously worked in the television news industry, where he managed news bulletins and breaking news scenarios, apart from scripting numerous prime time television stories. He has also been actively involved with various freelance projects. Sidharth has studied economics, political science, international relations and journalism. He has a keen interest in books, movies, music, sports, politics, foreign policy, history and economics. His hobbies include reading, watching movies and indoor gaming.