सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ युवक एक मंदिर के शिखर पर चढ़े हुए नज़र आ रहे हैं. ये युवक डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की छवि और बौद्ध धर्म चक्र बने नीले रंग के झंडे को मंदिर के ऊपर लगाते दिख रहे हैं. यूज़र्स ये वीडियो शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि राजस्थान के अलवर में अंबेडकरवादियों ने हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की. साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री को टैग करते हुए इन लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई की माँग भी की जा रही है.
कई मौकों पर गलत और सांप्रदायिक हिंसक वाली जानकारी फैलाते हुए पाए गए X-हैंडल @SouleFacts ने 23 मार्च 2026 को वीडियो शेयर कर लिखा, “ये ब्लू ब्रिगेड हदें पार कर रही है, इन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए. राजस्थान के अलवर में अंबेडकरवादियों ने हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा करने की हिम्मत न करे.”
बता दे इस प्रॉपगेंडा X-हैंडल @SouleFacts को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा फॉलो करते हैं.
These Blue Brigade is crossing limits, they should be taught a lesson.
Hindu Temple vandalised by Ambedkarite in Alwar, Rajasthan.
CM @BhajanlalBjp should take strong action immediately, so that in future no one dares to do again. pic.twitter.com/WdkEMVS8jq
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) March 23, 2026
22 मार्च को @Reserved_indian नामक X-हैंडल ने यह वीडियो शेयर किया था जिसे राइट विंग के आचार्य अंकुर आर्य, अनुपम मिश्रा, अभय प्रताप सिंह समेत अमित श्रीवास्तव ने भी ऐसे ही दावों के साथ रिशेयर किया.
हालांकि @Reserved_indian ने कुछ समय बाद यह पोस्ट डिलीट कर दिया.
इंस्टाग्राम पर भी ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ वायरल है.
ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये वीडियो 2025 में भी ऐसे ही दावों के साथ कई राइट विंग X-हैंडल @KreatelyMedia, @SaffronSunanda समेत कई यूजर्स ने शेयर किया था.
फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर पाया कि इसमें दिख रहे एक साइन बोर्ड पर जिला प्रशासन अलवर भारत निर्वाचन आयोग तथा मतदान की तिथि 19 अप्रैल 2024 लिखा हुआ है. इससे पता चलता है कि ये वीडियो राजस्थान के अलवर का है लेकिन इसे 2024 में रिकॉर्ड किया गया होगा.
वीडियो के कुछ की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें 16 अप्रैल 2024 को ‘वीरेंद्र’ नामक एक इंस्टाग्राम यूज़र के प्रोफाइल पर यही वीडियो अपलोडेड मिला.
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‘नितिन महिवाल’ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर घटना का दूसरे ऐंगल से रिकॉर्ड किया गया वीडियो 14 अप्रैल 2024 को अपलोड किया गया था. इसमें युवक मंदिर के शिखर पर नीला झंडा लगाता नज़र आ रहा है. यानी, स्पष्ट है कि वीडियो अप्रैल 2024 का है.
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हमने वीडियो में दिख रहे मंदिर के बारे में जानने के लिए इसे जियो लोकेट किया. राजस्थान के अलवर शहर में होप सर्कस राम मंदिर के नाम से गूगल मैप पर मौजूद यही मंदिर है. नीचे आप स्ट्रीट व्यू में अलवर में स्थित मंदिर को देख सकते हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस के आधिकारिक एक्स-हैंडल से वायरल दावों का खंडन किया गया. पुलिस ने वीडियो को दो साल पुराना बताया. साथ ही कहा कि इस प्रकार की भ्रामक जानकारी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है और अफवाह फैलाने या फ़ेक न्यूज़ शेयर करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
फेक न्यूज से सावधान! ऐसी फेक न्यूज का राजस्थान पुलिस द्वारा खंडन किया जाता है।
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा कर यह दावा किया जा रहा है कि अलवर में किसी प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई है।
तथ्य जांच में सामने आया कि वायरल किया जा रहा वीडियो करीब 2 वर्ष… pic.twitter.com/18gg0cSvjD
— Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) March 23, 2026
राजस्थान पुलिस द्वारा दावे के खंडन और वीडियो को दो साल पुराने बताने के बाद यूज़र्स घटना में क्या कार्रवाई को लेकर राजस्थान के पुलिस प्रशासन से सवाल करते दिखे.
अलवर पुलिस के आधिकारिक एक्स-हैंडल ने @Reserved_indian के पोस्ट पर जवाब देते हुए बताया, “घटना दो साल पुरानी है जिसमें पुलिस कार्यवाही की जा चुकी है.” @Reserved_indian ने बाद में अपना पोस्ट डिलीट कर दिया और लिखा कि पुरानी घटना दिखाने के लिए ही वीडियो शेयर किया था.

यानी, ये वीडियो अप्रैल 2024 का है लेकिन इसे 2025 में भी शेयर किया गया था और हाल में फिर से इसे शेयर किया गया. जबकि पुलिस के मुताबिक उसी समय उचित कार्रवाई की गई थी.
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