[चेतावनी: वायरल वीडियो में काफी हिंसा है. पाठक अपने विवेक के इस्तेमाल से ये वीडियो देखने या न देखने का निर्णय लें.]

21 मार्च को पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के बोगतुई गांव में उप प्रधान की हत्या के बाद, वहां हिंसक घटनाएं देखने को मिली. हिंसा में कम से कम आठ घरों पर हमला किया गया और आग लगा दी गई. इसमें महिलाओं और बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई.

बीरभूम में हुई इस हिंसा के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो में सड़क पर जले हुए शव देखे जा सकते हैं. बगल में एक बस भी खड़ी है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि TMC नेता भादू शेख की मौत के बाद मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं को उनके घरों में ज़िंदा जला दिया. इसमें पीएम मोदी से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए भी कहा गया है साथ ही ये भी आरोप लगाया गया है कि बंगाल में लाखों हिंदू मारे गए हैं और बंगाल चुनाव के दौरान कई हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था.

एक और ट्विटर यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बंगाल की इन हिंसक घटनाओं के पीड़ित हिंदू हैं.

कई ट्विटर यूज़र्स (@ManuRamDa, @AviiSuhani77, @subashk41062196) ने इस वीडियो को अलग-अलग कैप्शन के साथ शेयर किया है. ऑल्ट न्यूज़ को इन वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर पर भी कई रिक्वेस्ट मिलीं.

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फ़ैक्ट चेक

वायरल पोस्ट में दो भ्रामक दावे हैं. पहला ये कि बीरभूम में हिंसा के शिकार हिंदू समुदाय से थे और दूसरा ये कि वायरल वीडियो बीरभूम में हुई हिंसक घटना का है. इस फ़ैक्ट-चेक में हम दोनों दावों की जांच करेंगे.

क्या बीरभूम कांड में हिंदू मारे गए थे?

बीरभूम में हुई हिंसा को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हुए दावा किया गया कि मुस्लिम भीड़ ने हिंदू समुदाय के सदस्यों की हत्या की. इस दावे को ऑल्ट न्यूज़ ने पहले भी खारिज़ किया था. आरोपी और पीड़ित दोनों ही अल्पसंख्यक समुदाय से हैं.

वीडियो-वेरिफ़िकेशन

वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले हिस्सों को ध्यान में रखकर हमने हिंदी में कीवर्ड सर्च किया. हमें जागरण का एक आर्टिकल मिला जो ओडिशा की एक बस दुर्घटना के बारे में था. ये रिपोर्ट फ़रवरी 2020 में पब्लिश हुई थी. हमने देखा कि जागरण की रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर में एक बस है जो वायरल वीडियो में दिख रही बस से मेल खाती है.

हमें यूट्यूब पर एक वीडियो रिपोर्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो की तरह विज़ुअल्स थे. इस रिपोर्ट का शीर्षक था “गंजम में बस के 11KV लाइव वायर से संपर्क में आने पर 9 की मौत, कई गंभीर और घायल.” इस वीडियो को कनक न्यूज़ ने 9 फ़रवरी, 2020 को पोस्ट किया था.

नीचे वायरल वीडियो और यूट्यूब पर मिले वीडियो के बीच समानता देखी जा सकती है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ओडिशा राज्य में चिकिटी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले डंकलपाडु गांव में एक बस 11KV लाइव तार के संपर्क में आ गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग करंट लगने से घायल हो गये.

इस तरह, वायरल वीडियो का बीरभूम हिंसा से कोई संबंध नहीं है और ये ओडिशा की एक बस दुर्घटना का है. इसके अलावा, बीरभूम की घटना का सांप्रदायिक ऐंगल भी ग़लत है क्योंकि पीड़ित और आरोपी दोनों की पहचान अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में हुई है.

ग़लत
दावा:
TMC नेता भादू शेख की मौत के बाद मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं को उनके घरों में ज़िंदा जला दिया.

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