ऑल्ट न्यूज़ को कई लोगों ने व्हाट्सऐप और मोबाइल अप्लिकेशन पर वीडियो वेरिफ़ाई करने की रिक्वेस्ट भेजी.

This slideshow requires JavaScript.

इस वीडियो में भीड़ के बीच में कुछ लोग एक शख्स को मार रहे हैं और वो लहूलुहान हालत में ज़मीन पर पड़ा हुआ है. दावे के मुताबिक बंगाल में मुस्लिम समुदाय के लोग हिन्दुओं की पीट-पीट कर हत्या कर रहे हैं. ये बेहद विचलित करने वाला वीडियो है इसलिए हम अपने आर्टिकल में कहीं भी वीडियो या उसका लिंक नहीं लगा रहे हैं.

बिहार के मुज़फ्फ़रपुर की घटना

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के कीफ़्रेम्स का यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया और हमें यही तस्वीर एक रूस की वेबसाइट पर मिली. इसके अलावा, सितम्बर 2017 का भी एक ट्विटर पोस्ट मिला जिसमें एक ट्विटर यूज़र ने बिना किसी जानकारी के ये वीडियो शेयर किया था. हमने पाया कि ये वीडियो अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर अलग-अलग जानकारी के साथ शेयर किया जाता रहा है. कहीं इसका सम्बन्ध चोरी तो कहीं बलात्कार से बताया गया है.

This slideshow requires JavaScript.

हमने सर्च रिज़ल्ट्स को केवल साल 2017 तक सीमित रखते हुए गूगल पर कीवर्ड सर्च किया और दी लल्लनटॉप का 21 सितम्बर, 2017 का एक आर्टिकल मिला जिसमें इस वीडियो की सच्चाई बताई गयी है. ये वीडियो उस वक्त भी ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया गया था कि पश्चिम बंगाल में आरएसएस कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या की जा रही है. लेकिन आर्टिकल के मुताबिक, ये वीडियो 30 जुलाई, 2017 की घटना से जुड़ा है जब बिहार में एक उपमुखिया के बेटे की हत्या करने वाले शख्स को गांव के लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला था.

आर्टिकल में दैनिक जागरण की ख़बर भी लगायी गयी है. इस ख़बर के मुताबिक, बिहार के मुज़फ्फ़रनगर में स्थित रघुनाथपुर गांव में रामानुज शाही नाम के शख्स ने पंचायत के उपमुखिया इंद्रदेव महतो के बेटे अनिल कुमार को गोली मार दी थी. दरअसल, रामानुज और उसके साथी रंजीत, अनिल कुमार की हत्या कर पुलिस से बचने के लिए भाग रहे थे. पुलिस उनका पीछा कर रही थी, लेकिन साथ में गांववाले भी पीछे दौड़ गए. जब भागने का रास्ता आगे बंद मिला, रंजीत ने सरेंडर कर दिया और लोगों ने पिटाई कर उसे पुलिस को सौंप दिया. लेकिन रामानुज हवाई फ़ायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहा था और उसकी गोली एक नाबालिग को जाकर लगी. इसके बाद गुस्साए गांववालों ने उसे वहीं पीट-पीटकर मार दिया.

हिंदुस्तान ने भी इस बारे में 31 जुलाई, 2017 को रिपोर्ट किया था.

एक वीडियो, जिसमें भीड़ के बीच एक आदमी को बर्बरता से पीटा जा रहा है, बंगाल हिंसा का बताया जा रहा है. ये वीडियो असल में 4 साल पुराना है जब बिहार में लोगों ने एक दबंग की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.

हाल ही में ऐसी कई तस्वीरें और वीडियोज़ सामने आये हैं जिनमें हिंसा और विचलित करने वाले दृश्य दिख रहे हैं. कई भाजपा समर्थक इन वीडियोज़ को पश्चिम बंगाल में हो रही हालिया हिंसा से जोड़ रहे हैं. हालांकि, बंगाल विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद वाकई हिंसा की चपेट में है और भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हो रही झड़प में दोनों पक्षों के कई लोगों की जान जा चुकी है.


पश्चिम बंगाल हिंसा: आंध्र प्रदेश के कोविड पीड़ित परिवार का वीडियो पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से जोड़ा गया

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
About the Author

A journalist and a dilettante person who always strives to learn new skills and meeting new people. Either sketching or working.