उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने प्रदेश में कोविड वैक्सीन को लेकर द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट को फ़र्ज़ी करार दिया. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश (NHM UP) का आदेश है कि 18 से 44 वर्षीय आयुवर्ग के केवल उन्हीं लोगों को वैक्सीन लगायी जाए जो यूपी के नागरिक हैं.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने 10 मई को रिपोर्ट किया कि NHM UP की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने आदेश जारी किया जो कहता है कि यूपी से बाहर के नागरिक सरकारी टीकाकरण केन्द्रों पर टीका नहीं लगवा पाएंगे. रिपोर्ट में लिखा गया, “हालांकि ये आदेश ये सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया कि यूपी के सभी नागरिकों को वैक्सीन मिल पाए, लेकिन इससे ग़ाज़ियाबाद और नोएडा में रहने वाले लोगों को खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. इन दोनों ज़िलों में अधिकतर लोग दिल्ली या दूसरे राज्यों से आये प्रवासी हैं और अड्रेस प्रूफ़ के नाम पर केवल रेंट अग्रीमेंट पेपर है, क्योंकि उनकी आईडी तो अपने राज्यों से बनी हुई है.” रिपोर्ट में आगे ये भी कहा गया कि केंद्र सरकार की तरफ़ से ऐसे किसी प्रतिबन्ध या नियम की बात नहीं बताई गयी है. इसके अलावा, कोविन ऐप पर भी लोग अपने क्षेत्र का पिनकोड डालकर नजदीकी टीकाकरण केंद्र जा सकते हैं. ये नियम ग़ैर-सरकारी अस्पतालों पर लागू नहीं किया गया लेकिन ऐसे अस्पतालों की संख्या बहुत कम है जो 18 से 44 वर्षीय लोगों को वैक्सीन लगा रहे हैं. नोएडा और ग़ाज़ियाबाद, दोनों ही जगह 16-16 टीकाकरण केंद्र लगाये गए हैं.

TOI ने की थी सही रिपोर्टिंग

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के लिए ये आर्टिकल लिखने वाले दोनों पत्रकारों में से एक, शलभ ने ट्वीट कर बताया कि NHM UP ने 7 मई को ही ये आदेश जारी किया था. उन्होंने इस आदेश की तस्वीर शेयर की जिसमें ये लिखा है कि सरकारी केन्द्रों पर केवल यूपी के 18 से 44 वर्षीय नागरिकों को टीका लगाया जाएगा.

इस आदेश में ज़ोर देकर लिखा गया है, “पंजीकरण के पश्चात् प्रदेश में कोविड टीकाकरण हेतु आने वाले 18-44 आयुवर्ष के लाभार्थियों को वैक्सीनेशन के पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि वे उत्तर प्रदेश के ही नागरिक हों. अन्य प्रदेश के निवासियों का कोविड टीकाकरण राजकीय कोविड वैक्सीनेशन केन्द्रों पर न किया जाए.

NHM UP ने TOI की रिपोर्ट के बाद कहा कि आधार कार्ड में यूपी का पता अनिवार्य नहीं है और लोग जहां रह रहे हैं वहां का बिजली बिल, रेंट अग्रीमेंट जैसे डॉक्युमेंट दिखा कर वैक्सीन लगवा सकते हैं.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के ऑर्डर के मुताबिक़ 18 से 44 वर्ष के बीच राज्य के नागरिक ही राज्य में टीकाकरण करवा सकेंगे. लेकिन फिर सरकार ने बताया कि ऐसा कोई ऑर्डर दिया ही नहीं गया है जबकि 7 मई को जारी किया गया आदेश सरकार की बात काटता दिखता है. इस बीच लीपापोती करते हुए NHM UP ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश के ‘निवासी’ निवास का कोई भी प्रूफ़ दिखाकर टीका लगवा सकते हैं. यहां एक बात और है जिसे ध्यान में लाना चाहिए. प्रवासी मजदूर और हाशिये पर जीने वाले लोग, जिनके पास छत ही नहीं है, सरकार द्वारा बताये गए दस्तावेज़ भी दे पाने में अक्षम हो सकते हैं. इसलिए वैक्सीन लगवाने के लिए कोई भी आईडी प्रूफ़ दिखाने की छूट दी जानी चाहिए ताकि कोई वंचित न रह पाए.


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Pooja Chaudhuri is a senior editor at Alt News.