नरेंद्र मोदी के स्टेज पर आने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है जिसमें दर्शक उनका अभिवादन करते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी को ‘153 देशों का अध्यक्ष’ चुना गया है.

ये वीडियो इसी दावे के साथ 2018 से फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है.

इसके साथ एक और छोटा कैप्शन कहता है – “मोदीजी के विरोधक ये विडियो देख नहीं पाएंगे और मोदीजी के समर्थक इस विडियो को लाइक और शेयर किये बिना निचे नहीं जा पाएँगे”

ऑल्ट न्यूज़ को मोबाइल ऐप (iOS और एंड्रॉइड) पर और अपने व्हाट्सऐप नम्बर (+91 7600 11160) पर इस क्लिप की सच्चाई जानने की कई रिक्वेस्ट मिलीं.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

हमने इस वीडियो के एक फ़्रेम को लेकर यान्डेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हम यूट्यूब पर 2018 में अपलोड किये गए एक वीडियो पर पहुंचे. ये क्लिप नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर अपलोड की गयी थी.

इस इवेंट को सितम्बर 2015 में लाइवस्ट्रीम किया गया था जब नरेंद्र मोदी भारतीय अमरीकी कम्युनिटी को कैलिफ़ोर्निया के SAP सेंटर में संबोधित करने पहुंचे थे. बिज़नेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक़ ये नरेंद्र मोदी की वेस्ट कोस्ट की ट्रिप का दूसरा दिन था. रिपोर्ट में लिखा था, “तमाम बातों के बीच एकमात्र ‘ख़बर’ ये थी कि अब नयी दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के बीच हफ्ते में तीन बार एयर इंडिया की फ़्लाइट सीधी उड़ान भरा करेगी. मोदी ने घंटे भर लम्बे भाषण के अंत में ये घोषणा की.”

मेसेज में दूसरा दावा कहता है कि नरेंद्र मोदी को 153 देशों का अध्यक्ष बना दिया गया है. ये बेहद अजीबोगरीब दावा लगता है. ऐसा कोई पद ही नहीं है जिसमें कोई राष्ट्राध्यक्ष सैकड़ों देशों का अध्यक्ष बना दिया जाए.

हमें कोरा का एक 3 साल पुराना पोस्ट मिला जिसमें ये पूछा जा रहा था कि क्या वाकई नरेंद्र मोदी को ऐसा कोई पद दिया गया है. इससे ये तो मालूम चलता है कि काफ़ी वक़्त से ये दावा शेयर किया जा रहा है. द क्विंट ने ऐसा ही एक फ़ैक्ट-चेक पब्लिश किया था जिसमें वो इस दावे की सच्चाई बता रहे थे कि क्या नरेंद्र मोदी को एक ऐसे फ़ोरम की अध्यक्षता दी गयी है जिसमें 53 देश भी शामिल हैं.

कुल मिलाकर, एक पुराना वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी को 153 देशों का अध्यक्ष बनाया गया है. असल में ये 2015 का वीडियो है जिसमें नरेंद मोदी कैलिफ़ोर्निया में भारतीय-अमरीकी समुदाय को संबोधित कर रहे थे.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged:
About the Author

Kalim is a journalist with a keen interest in tech, misinformation, culture, etc