[डिस्क्लेमर: वायरल वीडियो में काफी हिंसा होने की वजह से इसे आर्टिकल में नहीं डाला गया है.]

6 फ़रवरी को झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में 17 साल के एक लड़के की मौत हो गई थी. हज़ारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज रतन छोटे ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “हमने असलम उर्फ़ ​​पप्पू समेत चार आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है.” उन्होंने कहा, “घटना का कोई सांप्रदायिक ऐंगल नहीं है साथ ही ये मॉब लिंचिंग का मामला नहीं है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, कॉलेज में इस ग्रुप के साथ एक लड़के की लड़ाई हुई थी जिससे ये घटना संबंधित थी.” हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि दो समुदायों के बीच तनाव कम करने के लिए झारखंड के चार ज़िलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

इसके बाद, एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा. इस वीडियो में काफी हिंसा दिखती है. दावा है कि ये झारखंड की घटना का दृश्य है. एक यूज़र ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘#रूपेश पांडे की निर्मम हत्या बहुत परेशान करने वाली है. ये भारत है या इस्लामिक स्टेट.”

30 सेकंड के इस वीडियो में पहले 20 सेकंड में, मुस्लिम भीड़ बाइक पर सवार एक व्यक्ति पर हमला करते हुए दिखती है. कुछ ही समय बाद उसे एक गोदाम के अंदर खींच लिया जाता है. वीडियो में अलग-अलग उम्र के लोग दिख रहे हैं. वीडियो के इस हिस्से में सुदर्शन न्यूज़ का लोगो भी दिखता है.

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इसके आखिरी 10 सेकेंड में एक व्यक्ति का सिर काटा जा रहा है. शुरुआती 20 सेकंड से अलग, यहां सुदर्शन न्यूज़ का लोगो नहीं दिखता है.

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट आयी मिलीं.

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो, दो अलग-अलग घटना के वीडियोज़ मिलाकर बनाया गया है. इन वीडियोज़ का झारखंड हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है.

पहला वीडियो 

वीडियो के पहले 20 सेकंड का हिस्सा मई 2021 की घटना का है. उस वक्त, इसे झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा था कि ये पश्चिम बंगाल का वीडियो है. ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो की जांच की. हमें मालूम हुआ कि ये उत्तर प्रदेश में हुई एक घटना का है. भोपा पुलिस स्टेशन के SHO धीरज सिंह ने कंफ़र्म किया कि ये वीडियो उनके इलाके का है.

मई 2021 में अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया था कि उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फ़रनगर ज़िले के सीकरी के एक लाइनमैन को कुछ स्थानीय लोगों ने पीटा था. लेकिन इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई थी.

हमने ये भी देखा कि मुज़फ्फ़रनगर पुलिस ने भ्रामक दावे के साथ वीडियो पोस्ट करने वाले ट्वीट को जवाब दिया था.

दूसरा वीडियो 

ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल वीडियो में 21 सेकंड के बाद चलने वाले वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें पता चला कि ये वीडियो पराग्वे के सैन पेड्रो डी यकुमांड्यो रीज़नल जेल पेड्रो का है. इस घटना के बारे में 2019 में यूके स्थित डेली मेल और स्पेन स्थित पीरियोडिस्टा डिजिटल ने रिपोर्ट पब्लिश की थी.

रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो परागुआयन जेल का है जहां कथित तौर पर ब्राज़ील स्थित आपराधिक संगठन प्राइमर कोमांडो दा कैपिटल के सदस्य, दूसरे ग्रुप के एक सदस्य के अंगों को काट रहे हैं. इस घटना में 10 कैदियों की मौत हो गई थीं. और साथ ही 15 लोग घायल हो गए थे.

ऑल्ट न्यूज़ ने झारखंड की घटना के बारे में पता लगाने के लिए बहरी पुलिस स्टेशन के इन्वेस्टीगेशन ऑफ़िसर सौरभ आहूजा से संपर्क किया. उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वायरल वीडियो का झारखंड में हुई हत्या से कोई संबंध नहीं है.

इसके अलावा, हमने वहां के एक रीज़नल रिपोर्टर से भी बात की. उन्होंने अपना नाम उजागर न करने की रिक्वेस्ट करते हुए नाबालिग के परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज़ FIR  हमें भेजी. (PDF देखें) हमने पीड़ित परिवार के एक सदस्य से संपर्क किया. फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कंफ़र्म किया कि वायरल वीडियो का इस घटना से कोई संबंध नहीं है. गौरतलब है कि परिजनों ने आरोप लगाया कि मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक हिंसा के एक मामले में लड़के की हत्या की गई थी.

कुल मिलाकर, झारखंड में हिंदू समुदाय के एक नाबालिग की हत्या के बाद, दो अलग-अलग घटनाओं के वीडियोज़ शेयर किये गए. और ग़लत दावा चलाया गया कि ये वीडियो झारखंड में हुई घटना का है.

ग़लत
दावा:
झारखंड के हज़ारीबाग में नाबालिक हिन्दू लड़के की हत्या का वीडियो

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