हिंदू पुजारियों की दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. बाईं तरफ की तस्वीर में एक पुजारी को शराब पीते हुए देखा जा सकता है. और दायीं तरफ की तस्वीर में हिंदू देवी की मूर्ति पर खड़े एक पुजारी को देखा जा सकता है.

ट्विटर यूज़र @P_Katyayan ने ये तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “सूत्रों के मुताबिक, फ़ोटो में शराब पीता दिख रहा व्यक्ति थॉमस राजन, एक ईसाई है. जिसको तमिलनाडु की सरकार ने एक मंदिर में पुजारी नियुक्त किया है.”

ट्विटर यूज़र्स @4mSingh, @moharajo, @churchanity_ और @mariawirth1 ने भी कुछ इसी तरह के दावे किए.

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पत्रकार नंदगोपाल KM ने मूर्ति पर खड़े एक पुजारी की तस्वीर शेयर की लेकिन उन्होंने ये दावा नहीं किया कि पुजारी ईसाई हैं.

कई यूज़र्स ने बाईं ओर तस्वीर में दिख रहे पुजारी का एक वीडियो शेयर कर इसी तरह का दावा किया. (पहला लिंक, दूसरा लिंक, तीसरा लिंक, चौथा लिंक)

फ़ेसबुक पेज ‘मेजर जनरल गगन दीप बख्शी फ़ैन्स’ ने भी ये २ तस्वीरें पोस्ट की जिन्हें 2 हज़ार से ज़्यादा बार शेयर किया गया.

फ़ोटो में दारू पीता दिख रहा व्यक्ति थोमस राजन, एक #ईसाई है।
जिसको तमिलनाडु की सरकार ने एक मन्दिर में पुजारी नियुक्त किया…

Posted by Major General Gagan Deep Bakshi Fans on Friday, 19 November 2021

फ़ैक्ट-चेक

पहली तस्वीर: मूर्ति पर खड़ा एक पुजारी

रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने देखा कि ये तस्वीर करीब 2020 से ऑनलाइन मौजूद है. हमें तस्वीर के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिली.

दूसरी तस्वीर और वीडियो: बियर पी रहे पुजारी

यूट्यूब पर एक कीवर्ड सर्च करने पर हमें ये एक वीडियो मिला. पाठक ध्यान दें कि शराब पी रहे जिस पुजारी की तस्वीर इस विडियो से 38 सेकंड पर ली गयी है. ये वीडियो 2017 में अपलोड किया गया था. इस तरह, दोनों तस्वीरों का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है.

वीडियो में 1 मिनट 10 सेकंड पर पुजारी ने अपना नाम शंकर बताया.

गौरतलब है कि अगस्त में मुख्यमंत्री MK स्टालिन ने सभी जातियों के 24 प्रशिक्षित ‘अर्चकों’ सहित 208 व्यक्तियों के लिए ‘हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स’ HR&CE) विभाग द्वारा प्रबंधित मंदिरों में नियुक्ति के आदेश दिए थे. तमिलनाडु में हिंदू मंदिर HR&CE विभाग के अंतर्गत आते हैं. ऑल्ट न्यूज़ ने HR&CE के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधन से बात की. उन्होंने बताया, “मंदिरों में अर्चक (पुजारी) के साथ-साथ HR&CE विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी हिंदू समुदाय से हैं, जिनसे सिर्फ धर्मनिरपेक्ष काम जैसे सर्विस और संपत्ति प्रबंधन जैसे काम करने की उम्मीद की जाती है.” यानी, वायरल तस्वीर/वीडियो में दिख रहे पुजारियों के थॉमस राजन होने का दावा काल्पनिक है.

पहले भी, ऑल्ट न्यूज़ ने तमिलनाडु में मंदिर प्रबंधन को निशाना बनाए जाने वाले कई ग़लत दावे की पड़ताल की है.


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About the Author

Archit is a senior fact-checking journalist at Alt News. Previously, he has worked as a producer at WION and as a reporter at The Hindu. In addition to work experience in media, he has also worked as a fundraising and communication manager at S3IDF.