5 मई को IAS अफ़सर राजीव कुमार गुप्ता ने घोषणा की, “7 मई की सुबह 6 बजे से पूरे AMC (अहमदाबाद नगर निगम) इलाके में दूध और दवा के अलावा सभी दुकानें और होम डिलीवरी सेवाएं 7 दिन के लिए बन्द रहेंगी.’ राजीव गुप्ता को गुजरात सरकार की तरफ से शहर में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए AMC को दिशा निर्देश देने के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि ग्राउंड पर स्थिति को संभालने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा.

इसके कुछ ही देर बाद कुछ व्हाट्सऐप, फ़ेसबुक और ट्विटर यूज़र्स ने मेसेज वायरल करना शुरू किया जिसमें दावा किया गया कि मुंबई और पुणे में 10 दिन के लिए मिलिट्री लॉकडाउन लगाया जा रहा है जिसमें केवल दूध और दवा उपलब्ध रहेगी. वायरल मेसेज में लिखा है, “पूरा मुंबई और पुणे शनिवार से 10 दिन के लिए मिलिट्री लॉकडाउन के अंतर्गत रहेंगे. इसलिए हर चीज़ जमा कर रखें. राशन और सब्ज़ियां. शहर को आर्मी के सुपर्द किया जा रहा है. केवल दूध और दवाएं उपलब्ध रहेंगी. महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज 8 बजे राज्य को संबोधित करेंगे.”

ऑल्ट न्यूज़ को व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और ऑफ़िशियल एंड्रॉइड ऐप पर इस मेसेज का फ़ैक्ट चेक करने की कई मिल चुकी हैं. विडंबना ये है कि वायरल हो रहे मेसेज के साथ लिखा है, “कृपया सत्यता की जांच करें लेकिन तैयार रहें.”

फ़ैक्ट-चेक

8 मई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठी में राज्य को संबोधित किया और COVID-19 की स्थिति, भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी. इसकी पेरिस्कोप और यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग हुई. भाषण के टेक्स्ट को महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट भी किया था.

6:06 से 6.20 मिनट के बीच ठाकरे ने वायरल मेसेज पर बात करते हुए कहा, “पिछले कुछ दिनों में यह अफवाह फैली है कि मुंबई में सेना को उतारा जाएगा और लॉकडाउन में सारी दुकानें बंद कर दी जाएंगी. सेना की ज़रूरत क्या है? मैंने अभी तक जो किया है वह आपको विश्वास में लेने के बाद किया है.”

बाद में इसी वीडियो में 8:45 से 10:30 तक वे कहते हैं, “जो हमारे लिए काम कर रहे हैं जैसे डॉक्टर, नर्सें, सफ़ाईकर्मी, रेवेन्यू स्टाफ़ और पुलिसकर्मी आदि गंभीर तनाव में हैं. हमारे लिए लड़ते हुए कुछ पुलिसकर्मी बीमार हुए और कुछ की मौत हुई. वे इंसान हैं और हमें उन्हें अब थोड़ा आराम देना चाहिए. इसलिए मेरे दिमाग में एक योजना है. लेकिन कृपया इसे गलत न समझें. मैं केंद्र से कुछ और मैन पॉवर देने की गुज़ारिश कर रहा हूं ताकि हमारे पुलिसकर्मियों को कुछ दिन के लिए आराम मिल सके. कुछ बीमार पुलिसकर्मियों को स्वस्थ होने के लिए समय चाहिए. हम केंद्र से अतिरिक्त मैन पॉवर की मांग कर सकते हैं, जिसे यह कहा जा सकता है कि सेना तैनात की जा रही है. लेकिन ऐसा नहीं है. इसका मतलब बस ये है कि पुलिस को थोड़ा आराम दिया जाए. हमने हर दिशा में काम किया है, हम हॉस्पिटल, डॉक्टर्स और पुलिस की व्यवस्था कर रहे हैं. मैं आज आपको यह इसलिए बता रहा हूं ताकि किसी तरह का डर या ग़लतफ़हमी आपके दिमाग में न आए.”

उसी दिन मुंबई पुलिस कमिश्नर के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से इस अफ़वाह को ख़ारिज किया गया.

महाराष्ट्र प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो ने भी वायरल मेसेज को अफ़वाह बताते हुए ट्वीट किया.

यानी मुंबई और पुणे में मिलिट्री लॉकडाउन होने और ज़रूरी सामान न उपलब्ध होने का मेसेज सिर्फ़ एक अफ़वाह है.

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About the Author

Archit is a graduate in English Literature from The MS University of Baroda. He also holds a post-graduation diploma in journalism from the Asian College of Journalism. Since then he has worked at Essel Group's English news channel at WION as a trainee journalist, at S3IDF as a fundraising & communications officer and at The Hindu as a reporter. At Alt News, he works as a fact-checking journalist.