2011 में पाक सेना पर हुए हमले के बाद का वीडियो गलवान में झड़प के बाद का बताकर हुआ वायरल

20 जून 2020 को शमीर खान नाम के फ़ेसबुक यूज़र ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “हकीकत पता नहीं बताया जा रहा है लद्दाख, ए खुदा मेरे देश के हर इंसान की हिफ़ाज़त करना” इस वीडियो में कई घायल सैनिक और उनका इलाज करते हुए अन्य कुछ सिपाही दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा वीडियो में कुछ सिपाहियों के शरीरों को भी देखा जा सकता है जो कोई हरकत नहीं कर रहे हैं. वीडियो के बैकग्राउंड में एक व्यक्ति पूरी परिस्थिति का विवरण दे रहा है. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 3 लाख 23 हज़ार बार देखा और 6 हज़ार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

Hakikat pata nahin bataya ja raha hai Ladakh 😥

Haqeeqat pata nahin bataya ja raha hai Ladakh 🤔
Aye khuda Mere Desh ke har Insan ki hifazat farma🇮🇳 🤲😥

Posted by Shameer Khan on Saturday, 20 June 2020

वीडियो के बैकग्राउंड में एक व्यक्ति बताता है, “यहां पर बहुत सारा हताहत हुआ है, बहुत सारा नुकसान…हमें बचाने वालों ने हमें कुछ पलों के बचा लिया हैं. लेकिन फ़िर भी भगवान ने हमारे कई साथियों को हमसे छिन लिया. आप शहीदों को सफ़ेद कपड़े के नीचे देख सकते हैं. अभी भी घायल…घायल”

ये वीडियो एक तमिल मेसेज के साथ काफ़ी शेयर किया जा रहा है – “அடேய் பாகிஸ்தான் என்னடா ஒரே ஒரு மரண அடிக்கு இப்படி வெள்ளைகொடிய தூக்கிட்டு வரீங்க 😜”. मेसेज में दावा किया गया है कि पाकिस्तान आर्मी कैम्प पर भारतीय सेना ने हमला किया है. फ़ेसबुक पेज ‘இந்திய தேசிய இராணுவம் Indian National Army’ ने ये वीडियो तमिल मेसेज के साथ 12 जून 2020 को पोस्ट किया. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को डेढ़ लाख से ज़्यादा बार देखा और 2 हज़ार से ज़्यादा शेयर किया गया है.

அடேய் பாகிஸ்தான் என்னடா ஒரே ஒரு மரண அடிக்கு இப்படி வெள்ளைகொடிய தூக்கிட்டு வரீங்க 😜

Posted by இந்திய தேசிய இராணுவம் Indian National Army on Friday, 12 June 2020

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो की शुरुआत में ही स्क्रीन पर एक जीप दिखाई देती है जिसपर पाकिस्तान का झंडा बना हुआ है.

आगे वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर 27 नवंबर 2011 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया ये वीडियो मिला. वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन के मुताबिक़, इस वीडियो में पाकिस्तानी आर्मी कैम्प पर नाटो (NATO) द्वारा किये गये हमले के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है.

दरअसल नाटो यानी कि नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी आर्गेनाइजेशन (NATO) ने नवंबर 2011 में पाकिस्तान के एक आर्मी कैम्प पर हमला किया था. ये हमला पेशावर डिवीजन के मोहमंद ज़िले के अफ़गान बॉर्डर से 2.5 किमी दूर सलाला चेकपॉइंट पर किया गया था. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, इस हमले में 24 लोगों की मौत हुई थी और 13 लोग घायल हुए थे. 26 नवंबर 2011 की ‘बीबीसी’ की एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी आर्मी के वरिष्ठ अफ़सर के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी आर्मी कैम्प पर बिना वजह हमला किया गया. वो भी तब, जब सैनिक सो रहे थे. पाकिस्तानी आर्मी ने बताया कि नाटो ने 2 बॉर्डर पोस्ट पर, फ़ाइटर एयरक्राफ़्ट और हेलिकॉप्टर से हमला किया था. पाकिस्तानी सेना ने भी गोलीबारी करते हुए इसका मुंहतोड़ जवाब दिया. इस हमले पर और भी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों ने रिपोर्ट पब्लिश की थी. ‘द गार्डियन’, रॉयटर्स’ की रिपोर्ट्स को आप यहां देख सकते हैं.

पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल एक्सप्रेस न्यूज़ ने 30 नवंबर 2011 को हमले के बाद की सलाला चेकपॉइंट की स्थिति दिखाते हुए एक ब्रॉडकास्ट चलाया था.

इस तरह, तकरीबन 10 साल पहले यानी कि नवंबर 2011 में नाटो द्वारा पाकिस्तान आर्मी कैम्प पर किये गए हमले से जुड़ा एक वीडियो हाल में लद्दाख के बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों की हालत का बताकर शेयर किया गया. कुछ यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर करते हुए झूठा दावा किया कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना पर हमला किया.

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