सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दो युवक घूम-घूम कर खाना बेचने वाले एक बुजुर्ग रेहड़ी वाले का खाना गिराकर बाइक पर सवार होकर भाग जाते हैं. जिसके बाद एक अन्य लड़का उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लेता है और उनकी पिटाई करता है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि हिंदुत्ववादी विचारधारा से प्रेरित दो युवकों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम विक्रेता को निशाना बनाया, जो बड़ी मुश्किल से अपना गुज़ारा कर रहा था. दावे के अनुसार, इन युवकों ने न केवल उसे परेशान किया बल्कि उसके जीविकोपार्जन के साधन यानी भोजन को सड़क पर फेंक दिया. (आर्काइव लिंक)
🇮🇳 Behavior of Hindutva Boars:
An elderly Muslim street peddler, who somehow managed to afford one meal a day by selling fried rice and dal, was ruthlessly chased away by two boars of Hindutva rogues, and his foods were violently threw and spilled on the ground. pic.twitter.com/RDrqsgks0G
— 🅰️SIADecoded (@asia_decode2) April 16, 2026
Inba Mr Humanist नाम के एक यूज़र ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि एक बुजुर्ग मुस्लिम रेहड़ी-पटरी विक्रेता किसी तरह सब्जी और दाल बेचकर एक समय का भोजन जुटा पाता था, दो हिंदुत्ववादी ठगों ने बिना किसी दया के उसका खाना फेंक दिया और उसे ज़मीन पर गिरा दिया. (आर्काइव लिंक)

Tony Pakistani Irani नाम के एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “एक गरीब बुजुर्ग मुस्लिम, जो दाल चावल बेचकर अपना गुजारा करता था, दो हिंदुत्ववादी ठगों ने उसका खाना ज़मीन पर गिरा दिया और बर्बाद कर दिया. भारत में हिंदुत्व चरमपंथियों द्वारा मुसलमानों के साथ यही व्यवहार किया जाता है.” (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक
जब हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च किया, तो हमें ये वीडियो ‘मुकलेसुर अली’ नामक एक फ़ेसबुक यूजर के प्रोफाइल पर मिला. इसे 27 फरवरी, 5 मार्च और 12 मार्च को अलग-अलग समय पर अपलोड किया गया था. वायरल वीडियो में भी बाइक के ओडोमीटर पर मुकलेसुर लिखा है. इस सोशल मीडिया प्रोफाइल को खंगालने पर पता चलता है कि वह लगातार इस तरह के ड्रामा और स्क्रिप्टेड वीडियो बनाता रहता है, जिसमें सामाजिक संदेश या मनोरंजन के नाम पर ऐसी घटनाएं फिल्माई जाती हैं.
मुकलेसुर अली के फेसबुक प्रोफाइल पर उसके यूट्यूब चैनल का लिंक भी मौजूद है, जहाँ इसी तरह के कई अन्य वीडियोज़ अपलोड किए गए हैं. यूट्यूब चैनल के ‘डिसक्रिप्शन’ सेक्शन में स्पष्ट रूप से एक डिस्क्लेमर दिया गया है जिसमें लिखा है कि इस चैनल पर मौजूद सभी वीडियो स्क्रिप्टेड हैं और मनोरंजन के उद्देश्य से सावधानीपूर्वक योजना बनाकर बनाए गए हैं. चैनल के मालिक ने यह भी साफ किया है कि इन वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और इन्हें केवल दर्शकों के मनोरंजन और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

कुल मिलाकर, वायरल हो रहा वीडियो कोई वास्तविक घटना नहीं बल्कि एक स्क्रिप्टेड नाटक है जिसे मनोरंजन के लिए बनाया गया था. इस वीडियो का किसी वास्तविक सांप्रदायिक घटना से कोई संबंध नहीं है.
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