मुंबई, मीरारोड के नया नगर थाना क्षेत्र में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे निर्माणाधीन इमारत पर तैनात दो सुरक्षा गार्ड से धर्म पूछकर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है. दो गार्ड, राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन पर 27 अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे चाकू से हमला हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस के अनुसार, हमलावर ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने कथित तौर पर गार्डों से उनका धर्म पूछने के बाद ‘कलमा’ पढ़ने को कहा और ऐसा न कर पाने पर उन पर चाकू से हमला कर दिया.

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट्स और FIR के कॉपी के अनुसार, पीड़ित सुब्रतो सेन ने बयान में कहा कि 27 अप्रैल 2026 को रात करीब 3 बजे एक अनजान व्यक्ति मेरे पास आया और मुझसे पूछा, क्या आगे कोई मस्जिद है? मैंने उसे बताया, “हां, दाहिनी ओर एक मस्जिद है.” उसने मुझसे मस्जिद का नाम पूछा, मैंने उसे बताया, “मुझे नाम नहीं पता.” उसने मुझसे फिर पूछा, “क्या आप हिंदू हैं?” मैंने उसे बताया, “हां”. इसके बाद वह व्यक्ति वहां से चला गया. लेकिन मैंने उसे सड़क पर फिर से देखा. सुबह करीब 4 बजे मैं रस्साज़ सिनेमा के पास ईरानी चाय की दुकान पर चाय पीने गया. उसी समय वही व्यक्ति वहां दिखाई दिया जिसने मुझसे सवाल पूछा था. मैंने चाय पी और लगभग 4:30 बजे अपने ड्यूटी स्थान पर लौट आया. इसी बीच, मुझसे सवाल पूछने वाला व्यक्ति मेरे पास आया और “क्या तुम हिंदू हो?” ये पूछते हुए मेरा दाहिना हाथ पकड़कर अपने हाथ में मौजूद चाकू से मुझ पर वार कर दिया. जब मैंने हमले से बचने की कोशिश की, तो चाकू मेरी पीठ पर लगा, मैं किसी तरह उसकी पकड़ से छूटकर सुपरवाइजर के केबिन की ओर भागा और मुख्य द्वार तक पहुंच गया.

First Information contents (प्रथम खबर हकीकत ): खबर दि 27/04/2026

मी सुब्रोतो रमेश सेन, वय 31 वर्ष, व्यवसाय – सुरक्षा…

Posted by जागरूक होऊयात on Tuesday 28 April 2026

पीड़ित ने आगे बताया, “मैं प्रवेश द्वार के अंदर गया और सुपरवाइजर के केबिन में पहुंचा, वे केबिन में एक कुर्सी पर बैठे थे. जब मैं उन्हें घटना के बारे में बता रहा था, तभी मुझ पर हमला करने वाला व्यक्ति वहां पहुंच गया, उसने भी सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से पूछना शुरू कर दिया कि क्या वे भी हिंदू हैं, या यदि नहीं, तो कलमा का पढ़ें. उस समय मिश्रा कलमा नहीं पढ़ सके, इसलिए उसने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया. मैं डर गया और वहां से भागकर इमारत के पीछे छिप गया, लगभग 5 से 7 मिनट बाद, जब मुझे कोई हलचल नहीं दिखी. मैंने मिश्रा सर को कॉल किया, उस समय मिश्रा रो रहे थे और मुझसे कह रहे थे कि मैं मर जाऊंगा, मैं मर जाऊंगा, जब मैं सुपरवाइजर के केबिन में पहुंचा, तो उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था,

पुलिस जांच और कार्रवाई

नया नगर थाना में पीड़ित सुब्रतो सेन के शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर 90 मिनट के अंदर ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान ज़ैब ज़ुबैर अंसारी के रूप करते हुए उसे गिरफ़्तार कर लिया गया. ये मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने 2019 तक अमेरिका में रसायन विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की, फिर भारत लौटकर मीरा रोड में किराए के मकान में अकेले रहने लगा. बताया जा रहा है कुछ महीने पहले तक ज़ैब एक कोचिंग सेंटर में शिक्षक के रूप में रसायन विज्ञान और गणित पढ़ाता था.

ज़ैब ज़ुबैर अंसारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली. जांच दल को हस्तलिखित नोट मिले जिनमें उसने ISIS में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन नोटों में आरोपी ने हमले को एक आतंकवादी संगठन में शामिल होने की दिशा में अपना ‘पहला कदम’ बताया था. इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच मुंबई पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) भी कर रही है. एजेंसियां ​​अब ज़ैब ज़ुबैर अंसारी के मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह सीमा पार किसी संचालक के सीधे संपर्क में था या नहीं.

एनडीटीवी ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि ज़ैब ज़ुबैर अंसारी द्वारा लिखे गए नोटों में ‘आईएसआईएस’, ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’ और ‘गाजा’ जैसे शब्द लिखे हुए थे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट्स के अनुसार, “पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आरोपों का विवरण भी साझा किया. इसमें हत्या के प्रयास और हमले के आरोपों के साथ-साथ, आरोपी पर बीएनएस की धारा 196 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो धर्म, जाति, भाषा या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता, असमंजस्य या घृणा को बढ़ावा देने से संबंधित है. इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि हमले के पीछे धार्मिक मकसद हो सकता है, हालांकि, मीरा-भयंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस ने इस तरह के किसी भी पहलू की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है.”

फिलहाल, मीरा रोड की यह घटना जांच के दायरे में है कि हमले के पीछे की मंशा सांप्रदायिक थी या आरोपी के ISIS जैसे आतंकी संगठन के संभावित संबंधों को लेकर मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) एजेंसियां विस्तृत जांच कर रही है.

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