बैरकपुर से बीजेपी विधायक कौस्तव बागची का एक वीडियो वायरल है जिसमें वो महिलाओं के लिए शुरू की गई नई कल्याणकारी योजना ‘अन्नपूर्णा योजना’ के सरकारी कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाने का दबाव डाल रहे हैं.
ये घटना 3 जून, 2026 को बैरकपुर के सुकांता सदन में आयोजित बीजेपी की महिला कल्याण योजना ‘अन्नपूर्णा योजना’ के उद्घाटन समारोह के दौरान हुई जिसमें कौस्त्व बागची भी शामिल हुए थे. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विधायक को ऑडिटोरियम की पहली पंक्ति में बैठी एक मुस्लिम महिला से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है.
हल्के-फुल्के अंदाज़ में कौस्तव बागची महिला से पूछते हैं, “बीजेपी आपको देश से बाहर तो नहीं निकाल रही है?” इसके बाद वो पूछते हैं, “बीजेपी अच्छी है या बुरी?”
जब महिला धीमी आवाज़ में जवाब देती है, तो कौस्तव बागची कहते हैं, “बीजेपी 3000 रुपये दे रही है; इसलिए आपको ‘भारत माता की जय’ बोलना होगा.” इसके बाद वो महिला पर ‘भारत माता की’ के साथ ‘जय’ बोलने का दबाव बनाते रहते हैं.
भीड़ से घिरी और साफ़ तौर पर दबाव में दिख रही महिला ने बार-बार कहे जाने पर “जय” कहा. लेकिन कौस्तव बागची यहीं नहीं रुके; इसके बाद उन्होंने महिला से ‘वंदे मातरम्’ बोलने को कहा. उन्होंने कहा, “अब कहिए, ‘वंदे मातरम्.” महिला ने बात मान ली और सिर झुकाकर बहुत धीरे से कहा, “वंदे मातरम्.”
कौस्तव बागची ने कहा, “ये तो कहना ही होगा. हम भारतीय हैं. हमें वैसा ही व्यवहार करना चाहिए.”
He is Kaustav Bagchi, BJP’s MLA from Barrackpore.
Two Muslim women came to submit forms for Annapurna Bhandar, where he insults them and stereotypes them. pic.twitter.com/do4qjeHVi3— Kamru Choudhury (@Kamru_Choudhury) June 4, 2026
3 जून को कौस्त्व बागची के ऑफ़िशियल फ़ेसबुक पेज से किये गए एक पोस्ट में बताया गया कि उन्होंने “अन्नपूर्णा योजना” के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया.
इस घटना में सबसे परेशान करने वाली बात सत्ता के असंतुलन की थी. पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के एक महीने के भीतर ही, एक मुस्लिम महिला — जो राज्य की एक कल्याणकारी योजना के लिए आवेदन करने वाली थी — पर एक चुने हुए विधायक ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रवाद और सत्ताधारी पार्टी की राजनीतिक विचारधारा से जुड़े नारे लगाने का दबाव डाला, जबकि वो साफ़ तौर पर असहज महसूस कर रही थी और हिचकिचाते हुए जवाब दे रही थी.
ये घटना इस बारे में भी परेशान करने वाले सवाल खड़े करती है कि क्या कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना प्रतीकात्मक रूप से विचारधारा से सहमति दिखाने से जुड़ा है. कौस्तव बागची की ये बात कि “हम भारतीय हैं, हमें उसी तरह व्यवहार करना चाहिए,” मुसलमानों को ऐसे लोगों के तौर पर पेश करने की पुरानी प्रवृत्ति को और मज़बूत करती है जिन्हें बार-बार देश के प्रति अपनी वफ़ादारी साबित करनी पड़ती है.
2023 में, कौस्तव बागची (जो उस वक्त कांग्रेस में थे) ने अपना सिर मुंडवा लिया था और कसम खाई कि जब तक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता से बाहर नहीं हो जाती, तब तक वो गंजे ही रहेंगे. उनके इस प्रतीकात्मक विरोध की शुरुआत तब हुई जब उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया; उन्होंने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर बनर्जी द्वारा किए गए “व्यक्तिगत हमले” की आलोचना की थी.
पार्टी में “सम्मान न मिलने” के कारण कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद, कौस्तव बागची 29 फ़रवरी 2024 को BJP में शामिल हुए. इसके बाद उन्होंने बैरकपुर सीट से 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ा और बंगाली फ़िल्म निर्माता व TMC उम्मीदवार राज चक्रवर्ती को हराया.
बंगाल में जीत के बाद, BJP सरकार ने 25 से 60 साल की महिलाओं के कल्याण के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू की. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3 हज़ार रुपये मिलेंगे. ये योजना पिछली सत्ताधारी पार्टी की ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ की जगह लेगी, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 1,500-1,800 रुपये मिलते थे.





