सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें दूल्हे की पोशाक पहना एक व्यक्ति, करीब 5 से 7 साल की एक छोटी बच्ची के साथ बैठा हुआ और उससे बात करता हुआ नज़र आ रहा है. वो बच्ची के गाल पर किस भी करता है. इस वीडियो को शेयर करते हुए कई सोशल मीडिया यूज़र्स सांप्रदायिक और इस्लामोफोबिक टिप्पणियां करते हुए दावा कर रहे हैं कि एक मुस्लिम व्यक्ति जबरन एक छोटी बच्ची के साथ निकाह कर रहा है.
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि जिस उम्र में एक बच्ची को खिलौनों से खेलना चाहिए, उसे एक पीडोफाइल (बाल यौन अपराधी) के हवाले किया जा रहा है जो उसे केवल एक सेक्स-टॉय की तरह इस्तेमाल करेगा. आगे उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी धर्म के नाम पर दुनिया भर में ऐसी चीजों की अनुमति दी जा रही है और हम सब मूकदर्शक बने हुए हैं. (आर्काइव लिंक)

इसी तरह InesDelAlmaMia नाम के एक अकाउंट से इस वीडियो को स्पेनिश कैप्शन के साथ शेयर करते हुए इसे बेहद घिनौना करार दिया और कहा कि बच्ची का चेहरा सब कुछ बयां कर रहा है, ये लोग उस बच्ची का बचपन और उसकी मासूमियत छीन रहे हैं. वे किसी वयस्क महिला से शादी करने के बजाय छोटी बच्चियों को क्यों चुनते हैं? (आर्काइव लिंक)
¿Cultura o crímen?
Sencillamente asqueroso 🤢, la cara de la niña lo dice todo, le están robando su infancia, su inocencia 😭
Cobardes enfermos, porque no se casan con una mujer de verdad, porque eligen niñas 🤬 pic.twitter.com/gU7LJaljCH
— 𝐈𝐧𝐞𝐬𝐃𝐞𝐥𝐀𝐥𝐦𝐚𝐌𝐢𝐚 (@InesBetancur1) April 22, 2026
ब्रिटिश कोलंबिया के डेल्टा साउथ से दक्षिणपंथी कंजर्वेटिव पार्टी ‘वनबीसी’ के उम्मीदवार जिम मैकमर्ट्री ने इस वीडियो को शेयर करते हुए एक इस्लामोफोबिक लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि पीडोफिलिया यानी बाल यौन शोषण को एपस्टीन द्वीप पर तो गलत माना जाता है, लेकिन इस्लाम में इसे गलत नहीं समझा जाता. (आर्काइव लिंक)

सोशल मीडिया पर अक्सर इस्लामोफोबिक टिप्पणियों के लिए चर्चित अमित, जयपुर डायलॉग्स, राकेश किशोर जैसे कई राइट-विंग इन्फ्लुएंसर्स ने भी इस वीडियो को इस्लामोफोबिक टोन के साथ शेयर या कोट किया.
फ़ैक्ट-चेक
हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें ये वीडियो 20 अप्रैल को रुखसार फातिमा नाम के चैनल पर यूट्यूब शॉर्ट्स सेक्शन में अपलोड किया हुआ मिला. इस वीडियो के कैप्शन में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि वे दोनों ‘मामा-भांजी’ हैं. इसके अलावा, वीडियो पर एक टेक्स्ट भी लिखा हुआ था जिसमें कहा गया है, “सिर्फ मां-बाप की ही नहीं, मामू की भी पहली बेटी होती है भांजी”. इससे यह संकेत मिलता है कि वायरल दावा गलत है और दोनों के बीच मामा-भांजी का पारिवारिक रिश्ता है.
इसके अलावा, हमारा ध्यान वीडियो में मौजूद इंस्टाग्राम वॉटरमार्क (@rukhsar_mulla20) पर गया. जब हमने इंस्टाग्राम पर इस अकाउंट को देखा, तो हमें वहां उस छोटी बच्ची और वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के कई अन्य वीडियो मिले. इस अकाउंट को खंगालने पर पता चलता है कि यह इंस्टाग्राम अकाउंट असल में उस छोटी बच्ची की मां द्वारा चलाया जा रहा है. वीडियो में दूल्हे के रूप में दिख रहा व्यक्ति बच्ची का मामा है. इसी अकाउंट पर मौजूद एक अन्य वीडियो में वह छोटी बच्ची शादी के कार्ड अरेंज करती हुई नज़र आ रही है, जिसके कैप्शन में ‘भाई की शादी वाइब्स’ लिखा हुआ है. यहां ये स्पष्ट हो जाता है कि ये अकाउंट चलाने वाली महिला के भाई (बच्ची के मामा) की शादी का अवसर था.

हमें उसी इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद शादी के अन्य वीडियो भी मिले. इनमें से एक वीडियो में वह व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ बैठा हुआ है. इस वीडियो का कैप्शन में ‘अंगूठी ढूंढने की रस्म‘ लिखा हुआ है. ये शादियों में होने वाली एक रस्म है, जिसे दुल्हा और दुल्हन साथ में करते हैं. यह वीडियो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि वायरल वीडियो में दिख रही छोटी बच्ची दुल्हन नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति की शादी एक बालिग महिला से ही हुई है.

हमें वायरल वीडियो में दिख रहे जीशान का प्रोफ़ाइल भी मिला, जिसके प्रोफ़ाइल पिक्चर में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ तस्वीर लगा रखी है. और उसी जगह की तस्वीर उनकी बहन के इंस्टाग्राम अकाउंट @rukhsar_mulla20 की हाइलाइट में मौजूद है, जिसमें लिखा है ‘भाई की शादी’.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से झूठा है. वायरल वीडियो में दूल्हे के साथ खड़ी छोटी बच्ची उसकी दुल्हन नहीं, बल्कि उसकी भांजी है. एक मामा और भांजी के बीच के स्नेहपूर्ण क्षण को गलत संदर्भ में पेश करके, इस्लामोफोबिक टिप्पणियों के साथ यह झूठा नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि बच्ची का बाल विवाह हो रहा है. वीडियो में दिख रही बच्ची दुल्हन नहीं है.
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