13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर नोएडा में फ़ैक्ट्री श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन से जोड़कर सोशल मीडिया पर इस अशांति के विजुअल्स दिखाने वाले वीडियोज़ की बाढ़ आ गई है. कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शहर के कई हिस्सों में जमा हुए थे, लेकिन पथराव और आगजनी की खबरों के साथ स्थिति झड़पों में बदल गई. अगले कुछ दिनों तक तनाव जारी रहा. लेकिन तीन ऐसे वीडियोज़ नोएडा विरोध प्रदर्शन के दृश्यों के रूप में खूब शेयर किए जा रहे हैं.

पहला वीडियो

उत्तर प्रदेश पुलिस के वाहन पर पथराव कर रहे लोगों का 1 मिनट 14 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ और इसे नोएडा विरोध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया गया.

X यूज़र्स MEHMET VEFA DAG (@AFRICANDEMOC) ने 14 अप्रैल को उपर्युक्त क्लिप पोस्ट की और दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सशस्त्र बलों के वाहन पर हमला किया था और दो सैनिकों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. यूज़र ने ये भी दावा किया कि भारतीय सुरक्षा सूत्रों ने साफ तौर से कहा था कि विरोध के दौरान भड़की हिंसा के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ था. (आर्काइव)

समाजवादी पार्टी नेता आईपी सिंह (@IPSinghSp) जैसे कई अन्य यूज़र्स ने भी इस क्लिप को पोस्ट किया. (आर्काइव)

फ़ैक्ट-चेक

ये जांचने के लिए कि क्या ये वीडियो नोएडा विरोध प्रदर्शन का है, हमने क्लिप से कई कीफ़्रेम्स लेकर उनका रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें 21 अक्टूबर, 2025 की NDTV की एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल क्लिप थी. रिपोर्ट के टाइटल में कहा गया है, “वीडियो: यूपी के ग्रामीणों ने पुलिस वैन पर पथराव किया, खिड़कियां तोड़ दीं, पुलिस को घायल कर दिया.” इससे ये साफ हो जाता है कि क्लिप का नोएडा विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है; बात छह महीने पहले की है. 

आगे रिपोर्ट में बताया गया है कि एक विवाद के बाद हनुमान नामक व्यक्ति की हत्या के आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने में कथित तौर पर विफल रहने के बाद गोरखपुर में उत्तेजित ग्रामीणों ने पुलिस वैन पर पथराव किया.

यानी, ये साफ है कि पुलिस वाहन पर पथराव करने वाले लोगों की वायरल क्लिप पुरानी है और नोएडा में मौजूदा अशांति से इसका कोई संबंध नहीं है.

दूसरा वीडियो

सोशल मीडिया पर 9 सेकंड की एक क्लिप इस दावे के साथ काफी शेयर की जा रही है. दावा है कि इसमें नोएडा पुलिस, प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करती दिख रही है. क्लिप में एक पुलिस अधिकारी, एक व्यक्ति को लात मारते हुए दिख रहा है.

हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के आधिकारिक एक्स पेज ने 14 अप्रैल को वायरल क्लिप को इस कैप्शन के साथ पोस्ट किया जिसमें कहा गया था, “नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर है, उनकी न्यायसंगत मांगों को सरकार इस बेदर्दी से कुचलती हुई!नोएडा DM हमारे ज्ञानेश जी की बिटिया है, क्या ऐसे पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई होगी?” (आर्काइव)

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी यही क्लिप इसी कैप्शन के साथ पोस्ट की. बाद में पोस्ट हटा दी गई. (आर्काइव)

फ़ैक्ट-चेक

इस दावे की सच्चाई जांचने के लिए हमने सबसे पहले जांच की कि क्या ये वीडियो नोएडा विरोध प्रदर्शन से संबंधित है. हमने वीडियो से कुछ कीफ्रेम्स लिए और उन पर रिवर्स इमेज सर्च किया, जिससे हमें 11 अप्रैल की दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में अभी वायरल हो रहा वीडियो था, इस रिपोर्ट का शीर्षक है: “इलेक्ट्रिक शॉप में नशेड़ी युवक का हंगामा, तोड़फोड़: शहडोल पुलिस की कार्रवाई का वीडियो, लात मारने का आरोप.”

कई अन्य न्यूज़ आउटलेट्स ने भी यही रिपोर्ट किया है. इससे पता चलता है कि उपर्युक्त वीडियो का नोएडा विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.

तीसरा वीडियो

एक इलाके से आग निकलते हुए दिखाने वाली 6 सेकंड की क्लिप वायरल है, सोशल मीडिया पर यूज़र्स का दावा है कि ये नोएडा विरोध प्रदर्शन का दृश्य है.

X यूज़र MEHMET VEFA DAG (@AFRICANDEMOC) ने 14 अप्रैल को इस दावे के साथ उपर्युक्त क्लिप पोस्ट की. (आर्काइव)

एक अन्य X यूज़र, अनुज प्रजापति (@anujprajapati11) ने भी वायरल क्लिप को शेयर करते हुए दावा किया कि वीडियो में “नोएडा सेक्टर 62 जलता हुआ” दिखाया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

इस वीडियो के की-फ्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि ये क्लिप मार्च में महाराष्ट्र के अंबरनाथ में हुई एक घटना की है. हमें लोकमत की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल क्लिप का स्क्रीनग्रैब था और बताया गया था कि आनंद नगर MIDC इलाके में एक केमिकल फ़ैक्ट्री में आग लग गई.

नीचे, हमने वायरल क्लिप और लोकमत द्वारा अपनी रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए स्क्रीनग्रैब के बीच समानताएं मार्क की हैं.

यानी, ये साफ है कि वायरल क्लिप का नोएडा विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है और ये उससे पहले का है.

कुल मिलाकर, इन तीन वायरल वीडियो में से किसी का भी नोएडा विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है.

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