27 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में बादुरिया नगरपालिका के चेयरमैन और टीएमसी नेता दीपांकर भट्टाचार्य के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई. पुलिस ने पहले उनके फार्महाउस से ₹80 लाख नकद और करीब 4,000 सरकारी राहत सामग्री केंटहार तिरपाल बरामद किए थे. गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड के बाद, आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उनके फार्महाउस के पास एक जूट के खेत से ज़मीन में दबे बोरे और ट्रॉली बैग निकाले, जिनमें से ₹500 के नोटों के रूप में ₹2.24 करोड़ की अतिरिक्त नकदी बरामद की गई.
इस सनसनीखेज घटना के सामने आते ही कई मीडिया आउटलेट्स की एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली. मीडिया के कुछ वर्ग ने पूरे मामले को लेकर खबर प्रकाशित करते हुए बादुरिया के टीएमसी नेता दीपांकर भट्टाचार्य की जगह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन यानी CPI-ML के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और उन्हें भ्रष्टाचार और कैश स्कैंडल से जोड़कर पेश किया.
ज़ी मीडिया ग्रुप के डिजिटल आउटलेट ‘DNA’ ने इस मामले से जुड़ी खबर पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें उन्होंने टीएमसी नेता दीपांकर भट्टाचार्य से जुड़ी कैश बरामद होने की खबर के साथ CPI-ML के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर का इस्तेमाल किया. संस्थान ने बाद में अपने आधिकारिक फेसबुक और एक्स हैंडल से इस पोस्ट को डिलीट कर दिया.

इसी क्रम में न्यूज़ आउटलेट ‘इंडिया डॉट कॉम’ ने भी इस खबर के बारे में शेयर करते हुए बादुरिया के टीएमसी नेता के बजाय CPI-ML के महासचिव की फोटो का इस्तेमाल किया. (आर्काइव लिंक)
ऑन रिकॉर्ड इंडिया नाम के न्यूज़ आउटलेट और ज़ी मीडिया ग्रुप के न्यूज पोर्टल WION ने भी TMC नेता दीपांकर भट्टाचार्य से जुड़ी खबर चलाते हुए CPI-ML के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर का इस्तेमाल किया. बाद में WION ने अपने आर्टिकल को अपडेट कर दिया.
डिजिटल मीडिया के अलावा प्रिंट मीडिया में भी ये लापरवाही देखी गई. ‘स्वतंत्रता वार्ता’ नाम के एक हिंदी अखबार ने अपने 27 मई के अंक में बादुरिया नगरपालिका के चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस के नेता दीपांकर के कारनामों की खबर छापी, लेकिन उन्होंने खबर के साथ CPI-ML के नेता दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर लगा दी.

नीचे बदुरिया नगरपालिका के चेयरमैन और TMC नेता दीपांकर भट्टाचार्य और CPI-ML के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर दी गई है.

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन सेंट्रल कमिटी ने 29 मई को इस मामले पर एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा, “यह हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार पत्र और मीडिया पोर्टल सीपीआई (एमएल) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो उन्हें पश्चिम बंगाल में इसी नाम के टीएमसी नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, जिनके घर से कथित तौर पर बेहिसाब नकदी बरामद हुई है. हम गलत सूचना और जानबूझकर बदनामी के इस शरारती अभियान की कड़ी निंदा करते हैं. हम ऐसे सभी समाचार पत्रों और मीडिया पोर्टलों से इस गलती को सुधारने और अपने पाठकों से माफी और स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कह रहे हैं.
URGENT | It has come to our notice that some newspapers and media portals are misusing the photo of CPI(ML) General Secretary Dipankar Bhattacharya presenting him as a TMC leader with the same name in West Bengal from whose house allegedly unaccounted cash has been recovered.
We… pic.twitter.com/riylkd5NoN
— CPIML Liberation (@cpimlliberation) May 29, 2026
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.
बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.




