सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो इस दावे के साथ प्रसारित किया जा रहा है कि इसमें पश्चिम बंगाल में अपनी बस्तियों से गुज़रने पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ “रोहिंग्या और बांग्लादेशी शरणार्थियों” के दुर्व्यवहार को दर्शाया गया है। इस क्लिप के साथ शेयर की गई एक चेतावनी में लिखा है, “अगर आप भाजपा को वोट नहीं देते हैं, तो यह बहुत जल्द पूरे देश में हो जाएगा”।

 

2019 के लोकसभा चुनाव में अगर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन नहीं दिया तो यह घटना पूरे भारत में जल्दी देखने को मिलेगा

पश्चिम बंगाल मे रोहिंग्या और बांग्लादेशी रिफ्यूजी के बस्तियों से जब भाजपा कार्यकर्ता गुजर रहे थे तब वहां के रहने वाले रोहिंग्या मुसलमान और बांग्लादेशी उनके साथ ऐसा सलूक कर रहे थे

Posted by पंडित राम शर्मा – भट्ट ब्राह्मण on Thursday, 25 April 2019

यह वीडियो फेसबुक पर व्यक्तिगत यूज़र्स द्वारा व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो को शेयर करने के लिए इस कैप्शन का इस्तेमाल किया गया, “2019 के लोकसभा चुनाव में अगर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन नहीं दिया तो यह घटना पूरे भारत में जल्दी देखने को मिलेगा पश्चिम बंगाल मे रोहिंग्या और बांग्लादेशी रिफ्यूजी के बस्तियों से जब भाजपा कार्यकर्ता गुजर रहे थे तब वहां के रहने वाले रोहिंग्या मुसलमान और बांग्लादेशी उनके साथ ऐसा सलूक कर रहे थे।”

इसे ट्विटर पर भी प्रसारित किया गया है।

गुजरात, 2017 का वीडियो

वीडियो की पृष्ठभूमि में, कुछ लोगों को बात करते हुए सुना जा सकता है, लेकिन वे जिस भाषा में बोल रहे हैं वह बंगाली नहीं है। हमने पाया कि कई लोगों ने टिप्पणी की थी कि वीडियो में सूरत में दो साल पहले हुई एक घटना को दर्शाया गया है। कुछ अन्य लोगों ने यह भी कहा कि क्लिप में बोली जाने वाली भाषा, गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र की बोली, काठियावाड़ी थी।

“बीजेपी रैली सूरत” कीवर्ड्स से खोज करने पर, हमें 7 दिसंबर, 2017 का ABP न्यूज़ का यूट्यूब लिंक मिला, जिसमें वही वीडियो था। ABP न्यूज़ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले भाजपा कार्यकर्ता हाथापाई कर रहे थे और उनकी टोपी हवा में उछाली रही थी। 2017 में गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए थे।

इस वीडियो को शुरू में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने अपलोड किया था।

चल रहे लोकसभा चुनावों में बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रोहिंग्या और बांग्लादेशी शरणार्थियों के दुर्व्यवहार के रूप में डेढ़ साल पुरानी गुजरात की एक घटना को सोशल मीडिया में गलत तरीके से प्रसारित किया गया था। हाल ही हमने एक वीडियो खारिज किया जिसे, बिहार की एक घटना को पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता पर हमले के रूप में वायरल किया गया था।

ग़लत
दावा:
पश्चिम बंगाल मे रोहिंग्या और बांग्लादेशी रिफ्यूजी द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर दुर्व्यवहार

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