आफ़ताब अमीन पूनावाला द्वारा श्रद्धा वाल्कर की कथित हत्या के मद्देनजर, बुलंदशहर के राशिद खान होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति के इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वीडियो में ये व्यक्ति कहता है कि जब आदमी का दिमाग खराब होता है न तो वो नशे में, “35 के 36 (टुकड़े) भी कर सकता है.” जाहिर तौर पर उसका ये कहना है कि गुस्से में एक आदमी खुद पर नियंत्रण खो सकता है. उसके बयान का ये मतलब निकाला गया कि उसने आफ़ताब पूनावाला द्वारा की गई कथित हत्या को सही ठहराया है. ये पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस तरह का कोई अनुभव है, उसने जवाब दिया कि अगर उसे गुस्सा आएगा तो वो भी ऐसा कर सकता है. पूरा इंटरव्यू यूट्यूब चैनल जनता दरबार पर अपलोड किया गया है.

ऑपइंडिया ने ये क्लिप ट्वीट की और कहा कि ये राशिद खान का विवादित बयान है. (आर्काइव लिंक)

यूट्यूब चैनल जन की बात के प्रधान संपादक प्रदीप भंडारी ने ये वीडियो ट्वीट किया और कैप्शन में इस व्यक्ति का नाम राशिद खान बताया. (आर्काइव वर्ज़न)

RSS के मुखपत्र पाञ्चजन्य के पत्रकार रितेश कश्यप ने ये वीडियो ट्वीट कर लोगों से पूछा कि “क्या आप ये समझ सकते हैं कि इनकी मानसिकता क्या है और इन्हें ये प्रशिक्षण कहां से मिल रहा होगा.”

एक्टिविस्ट ज्योत जीत, जिनका ट्विटर अकाउंट वेरीफ़ाईड है, ने ये क्लिप हैशटैग #LoveJihad_ActOfTerrorism के साथ ट्वीट की .

कई और यूज़र्स ने भी ये वीडियो क्लिप ट्वीट की.

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फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ को ‘TNN World’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इस व्यक्ति के इंटरव्यू का एक और वीडियो मिला. इसमें वो खुद को विकास बताता है. उस इंटरव्यू में उसे ये कहते हुए सुना जा सकता है कि आफ़ताब ने श्रद्धा की हत्या इसलिए की होगी क्यूंकि उसने कुछ ग़लत किया होगा. उसने आगे कहा कि आफ़ताब ने श्रद्धा की लाश के 35 टुकड़े कर दिए, इसलिए आफ़ताब के 75 टुकड़े कर देने चाहिए. वीडियो में 1 मिनट 52 सेकेंड पर, जब रिपोर्टर ने पूछा कि क्या उसका नाम विकास है, तो उसने कहा, “और क्या! दाढ़ी से मोहमडन लग रहा हूं, हिंदू हूं पर. आधार कार्ड देखले भाई और क्या.” 

इस वीडियो को लेकर बुलंदशहर पुलिस ने एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उस व्यक्ति का नाम विकास है न कि राशिद खान. पुलिस ने कहा कि वायरल क्लिप को दिल्ली में शूट किया गया था और वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि इस घटना से पहले विकास के खिलाफ़ पांच मामले दर्ज़ किए गए थे.

पत्रकार सचिन गुप्ता ने भी ट्वीट किया कि आफ़ताब द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध को सही ठहराने वाला राशिद खान, विकास कुमार निकला. उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है.

पत्रकार आदित्य तिवारी ने ट्वीट करते हुए विकास कुमार के आधार कार्ड की एक तस्वीर ट्वीट की. इसमें विकास की जन्म तारीख 1 जनवरी, 2004 बताई गई है.

अनुचित बयान देने के लिए गिरफ़्तार किए जाने के बाद, हमें विकास कुमार का एक वीडियो भी मिला जिसमें वो एक पत्रकार से बात कर रहा है. ये पूछे जाने पर कि उसने खुद को राशिद खान क्यों बताया, उसने कहा, “वहां सभी ने मुझे राशिद कहा. मुझे नहीं पता था कि ये घटना इतने लोगों तक पहुंचेगी.”

उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक होने के बाद, ऑपइंडिया ने एक ट्वीट में साफ़ किया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान विकास कुमार (आर्काइव) के रूप में की गई थी. उन्होंने पुलिस अपडेट के साथ एक नया आर्टिकल भी पब्लिश किया जिसका टाइटल था, “खुद को राशिद बता 36 टुकड़े करने की कर रहा था बात, UP पुलिस ने पकड़ा तो आफताब का ‘हमदर्द’ निकला विकास जाटव: कहा था- चाकू बजाते जाओ”.

पुलिस के बयान के बाद राईट विंग न्यूज़ आउटलेट स्वराज्य की एक पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने दावा किया कि विकास कुमार ने हाल ही में इस्लाम कबूल किया था और संभावना है कि उनका तब्लीगी कनेक्शन था.

ऑल्ट न्यूज़ ने बुलंदशहर पुलिस से भी बात की जिन्होंने पुष्टि की कि आरोपी का नाम राशिद खान नहीं बल्कि विकास कुमार है. ये पूछे जाने पर कि क्या विकास कुमार ने हाल ही में इस्लाम कबूल किया है? पुलिस ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है.

यानी, कई प्रमुख हस्तियों द्वारा शेयर किए गए वायरल वीडियो में श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड के बारे में अनुचित बयान देने वाला व्यक्ति असल में विकास कुमार है न कि राशिद खान, जैसा कि उसने खुद एक वीडियो में दावा किया था.

ग़लत
दावा:
श्रद्धा वॉल्कर की हत्या को सही ठहराते हुए बयान देने वाला शख्स राशिद खान है

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