क्‍या पीएम मोदी के दावे के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी भारत के सबसे पहले मेट्रो के यात्री थे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि “हमारे लिए गर्व की बात है कि 24 दिसंबर 2002 को अटल बिहारी वाजपेयी इस देश के सबसे पहले मेट्रो के पैसेंजर बने थे।” प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली मेट्रो की मेजेंटा लाइन के उद्धाटन के लिए 25 दिसंबर को नई दिल्‍ली में आयोजित एक आयोजन में बोल रहे थे। प्रधानमंत्री जी का भाषण नीचे देखा जा सकता है।

तो क्‍या दिल्‍ली मेट्रो देश का पहला मेट्रो सिस्‍टम था जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने दावा किया है?

उपरोक्त फ़ोटोग्राफ़ भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का है जो 1972 में कोलकाता मेट्रो की आधारशिला रख रही हैं, इसी वर्ष इस परियोजना को अनुमति प्रदान की गई थी। कोलकाता मेट्रो देश की सबसे पुरानी मेट्रो परिवहन व्‍यवस्‍था है। इसका परिचालन 24 अक्टूबर, 1984 में आरंभ हुआ जब पहली ट्रेन एस्प्लेनेड स्टेशन से 3.4 किलोमीटर की दूरी तय करके भवानीपुर पहुंची थी।

शहरी और अर्द्धशहरी स्‍थानों में अधिक फ्रीक्‍वेंसी के साथ छोटी से मध्‍यम दूरी के लिए व्‍यापक जनसमूह को परिवहन सुविधा प्रदान करके यात्रा को सुगम बनाने के लिए तैयार किए गए मेट्रो सिस्‍टम को सबवे, अंडरग्राउंड या ट्यूब भी कहते हैं, इसका परिचालन 19वीं सदी में उस समय से हो रहा है जब 1863 में लंदन में मेट्रोपो‍लिटन रेलवे (अब लंदन अंडरग्राउंड का हिस्‍सा) शुरू हुई थी।

कोलकाता मेट्रो की परिकल्‍पना एक ऐसे शहर में भू-परिवहन की समस्‍या के सर्वकालिक समाधान के तौर पर की गई थी जिस शहर में भू-क्षेत्र के मात्र 4 प्रतिशत से कुछ अधिक स्‍थान में ही सड़कें मौजूद थीं। शहर में पाँच तीव्र परिवहन लाइन निर्मित करने के लिए यूएसएसआर (तत्कालीन सोवियत रूस) और पूर्वी जर्मनी के इंजीनियरों की सहायता से वर्ष 1971 में एक ब्ल्यूप्रिंट तैयार किया गया था। लगभग एक दशक की देरी के साथ आखिरकार 1984 में परियोजना की पहली ट्रेन चलनी शुरू हुई थी। वर्ष 2010 में कोलकाता मेट्रो, भारतीय रेलवे का 17वाँ ज़ोन बना और इसे रेल मंत्रालय द्वारा परिचालित किया जाता है।

दिल्‍ली मेट्रो की स्थिति?

वर्ष 1995 में, दिल्‍ली सरकार और भारत सरकार ने संयुक्त रूप से एक कंपनी स्‍थापित की दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी)। इस संयुक्‍त उपक्रम के प्रबंधकीय निदेशक ई. श्रीधरन को नियुक्‍त किया गया। 1998 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और 24 दिसंबर, 2002 को इसका परिचालन आरंभ हुआ जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शाहदरा से तीस हज़ारी तक मेट्रो की रेड लाइन का उद्घाटन किया। भारत में कोलकाता के बाद चलने वाला दूसरा मेट्रो सिस्‍टम दिल्‍ली मेट्रो था।

B-DLI 241222 – DECEMBER 24, 2002 – NEW DELHI : PRIME MINISTER A.B.VAJPAYEE BUYS HIS TICKET FOR DELHI METRO BEFORE ITS INAUGURATION BY HIM ON TUESDAY. DEPUTY PRIME MINISTER L.K.ADVANI, UNION DEVELOPMENT MINISTER ANANT KUMAR AND DELHI CHIEF MINISTER SHEILA DIKSHIT ALSO WITH HIM. METRO STARTS ITS OPERATIONS FOR PUBLIC FROM DECEMBER 25. PTI PHOTO

यह ध्‍यान में रखते हुए कि कोलकाता मेट्रो 1984 से चल रही है, प्रधानमंत्री मोदी जी का यह वक्तव्‍य कि दिल्‍ली मेट्रो भारत की सबसे पहली मेट्रो है, उन्हीं दावों के अनुरूप हैं जिन्‍हें इसी सत्ताधारी पार्टी और इनके सदस्‍यों द्वारा किया जाता रहा है। इस महीने की शुरुआत में, ऑल्‍ट न्‍यूज ने इस दावे की सच्‍चाई सामने रखी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अब तक के सबसे पहले सीप्‍लेन में यात्रा की। राजनेताओं के लिए सुर्खियाँ बटोरना और बड़ी व महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं का श्रेय लेना और बढ़ा-चढ़ाकर दावे करना अब एक नियमित काम बन गया है। इसलिए ऐसे तमाम बड़े-बड़े दावों को संदेह के दायरे में रखना नागरिकों के लिए कोई गलत बात नहीं है।

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