भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और आंध्र प्रदेश के सह-प्रभारी सुनील देवधर ने दावा किया कि आंध्र के एदलापडू में एक पहाड़ी पर ग़ैर-कानूनी तौर से ईसाईयों का ‘क्रॉस’ लगाया गया. हिन्दू पुराणों के मुताबिक यहां पर देवी सीता के पांव के निशान हैं. उन्होंने ये भी कहा कि जहां क्रॉस लगाया गया है उसके पीछे हिन्दू देवता नरसिम्हा की पत्थर की मूर्ति है. ये आर्टिकल लिखे जाने तक उनका ट्वीट 7,000 से ज़्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं.

सुनील देवधर का ट्वीट कर्नाटका से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी कोट-ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, “हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया जा रहा है और जो लोग देश का मूल धर्म मानते हैं उनके प्रति आक्रामकता दिखाने के लिए ये नए निर्माण बनाये जा रहे हैं.”

इस दावे को आंध्र प्रदेश के भाजपा नेता सोमू वीरराजू और महासचिव एस विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी आगे और लोगों तक पहुंचाया.

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RSS के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र ने भी ये दावा शेयर किया कि सीता के पदचिह्न की जगह क्रॉस लगाया गया.

नरसारावपेट के डिप्टी कलेक्टर श्रीवास नुपुर ने कहा, “हिन्दू धार्मिक स्थल पर कोई कब्ज़ा नहीं”

एदलापडू पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर श्रीहरि ने ऑल्ट न्यूज़ से बताया, “क्रॉस उस पहाड़ी पर लगाया गया है जहां मदर मैरी का कम-से-कम 30 साल पुराना मंदिर है. इसके करीब 500 मीटर की दूरी पर एक दूसरी पहाड़ी है जहां हिन्दू देवता विष्णु के अवतार भगवान नरसिम्हा का पूज्यनीय स्थल है. हिन्दू धार्मिक स्थल पर कोई कब्ज़ा नहीं किया गया है.”

नरसारावपेट के डिप्टी कलेक्टर श्रीवास नुपुर ने भी हिंदुस्तान टाइम्स को कुछ यही बताया. उन्होंने कहा, “पहाड़ी पर हिन्दू धार्मिक स्थल पर कब्ज़ा किये जाने वाले दावे में कोई सच्चाई नहीं है.” उन्होंने आगे बताया, “उसी गांव में येरापुडू की पहाड़ी के पास एक और पहाड़ी है जहां मदर मैरी का एक पुराना मंदिर है. स्थानीय RCM चर्च ने उस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनवाने के लिए ज़िला प्रशासन से अनुमति ली थी.”

गुंटूर की रूरल डिस्ट्रिक पुलिस ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया और दिखाया कि हिन्दू धर्मस्थल दूसरी पहाड़ी पर है.

गुंटूर पुलिस ने एक और वीडियो शेयर करते हुए कब्ज़े वाले दावे को ग़लत बताया.

गुंटूर ज़िला कलेक्टर ने भी ट्वीट करते हुए कहा, “ये दावा कि क्रॉस को सीता माता के पदचिन्ह और भगवान नरसिम्हा की मूर्ती वाली जगह पर लगाया गया है, सच नहीं है.”

हालांकि, सब इंस्पेक्टर ने ऑल्ट न्यूज़ से ये भी बताया कि जिस जगह पर क्रॉस लगाया गया है उस जगह से जुड़ा एक आवेदन अभी प्रक्रिया में ही है. डिप्टी कलेक्टर श्रीवास ने हिंदुस्तान टाइम्स से बताया कि चर्च प्राधिकारी ने सरकार की अनुमति आने से पहले ही सीढ़ियां बनानी और क्रॉस लगाना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा, “पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी वहां पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया.”

चर्च प्राधिकारियों ने क्रॉस लगाने का जो आवेदन दिया था उसे स्वीकृति मिलना अभी बाकी है. गुंटूर कलेक्टर और मजिस्ट्रेट विवेक यादव ने ऑल्ट न्यूज़ से बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गयी है. हालांकि, प्रशासन ने इस दावे को ख़ारिज किया कि हिन्दू धर्मस्थल पर न कोई क्रॉस लगाया गया है और न कोई कब्ज़ा हुआ है.


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