10 जनवरी, 2020 को असम भाजपा के मंत्री हिमन्त बिस्वा सरमा ने एक ट्वीट कर दो तस्वीरें साझा की, जिसमें असम के धेमाजी में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) के समर्थन में इक्क्ठा हुई भीड़ की तुलना CAA के विरोध में हुई भीड़ से की गई है। शर्मा ने तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा“यहां पर धेमाजी की दो तस्वीरें है जो असम के माहौल को दर्शाती है। क्या मुझे और कुछ कहने की आवश्यकता है?” (अनुवाद) शर्मा ने अपने ट्वीट में यह दिखाने का प्रयास किया कि CAA के समर्थन में ज़्यादा भीड़ इक्क्ठा हुई थी।

CAA के विरोध में हुई रैली की आधी तस्वीर

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि CAA के विरोध में हुई रैली की साझा की गई तस्वीर भ्रामक है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) द्वारा 9 जनवरी, 2020 को आयोजित रैली के एक वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि शर्मा ने जिस तस्वीर का प्रयोग रैली को दर्शाने के लिए किया है वह स्पष्ट रूप से गलत है। नीचे असम के पत्रकार अतनु भुयान द्वारा ट्वीट किये गए ड्रोन वीडियो को शामिल किया गया है।

ट्विटर उपयोगकर्ता संजीब गोगोई ने भी असम के धेनोज में आयोजित हुई रैली की तस्वीर साझा की थी।

नीचे, ड्रोन से लिए गए वीडियो के दृश्य को शर्मा द्वारा साझा की गई CAA के विरोध प्रदर्शन रैली की तस्वीर से तुलना की गई है।

इस बात की पुष्टि AASU के महासचिव लुरिनज्योति गोगोई द्वारा ट्वीट की गई तस्वीरों से भी की जा सकती है।

अलग एंगल से ली गई तस्वीरों से ही इस बात का साफ पता चलता है कि CAA के विरोध में आयोजित हुई रैली में काफी बड़ी संख्या में लोग इक्क्ठा हुए थे।

निष्कर्षतः हिमंत बिश्व शर्मा ने भ्रामक रूप से CAA के विरोध में आयोजित हुई रैली की आधी तस्वीर, समर्थन में हुई रैली की तस्वीर के साथ यह दर्शाने के लिए साझा कि CAA के समर्थन में हुई रैली में भारी भीड़ शामिल हुई थी।

ग़लत
दावा:
सीएए के समर्थन में असम आयोजित हुई रैली में भारी भीड़ इक्क्ठा हुई थी

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें