वायरल वीडियो की नकाबपोश महिला से ABVP का संबंध, पहचान के सबूत

11 जनवरी को इंडिया टुडे के राहुल कंवल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में हमले के दौरान कोमल शर्मा की एक नकाबपोश तस्वीर वायरल होने के बाद, उनके बारे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के JNU के सचिव मनीष जांगिड़ से सवाल किया। जांगिड़ से शर्मा की ABVP से संबद्धता के बारे में सवाल किया गया था, जिस पर उन्होंने कहा, “नहीं वह ABVP से नहीं हैं। (अनुवाद)”

इंडिया टुडे के प्रसारण के दौरान कंवल के सवाल पर जांगिड़ के जवाब को ABVP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रिट्वीट किया गया।

इससे पहले ABVP ने एक अन्य छात्र अक्षत अवस्थी — जिसने खुद को ABVP कार्यकर्ता बताते हुए एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान हमले में शामिल होने की बात कबूल की थी — के जुड़ाव से भी इनकार किया था। ऑल्ट न्यूज़ को ABVP की रैलियों में, ABVP के कार्यकर्ताओं के साथ, ABVP के पक्ष में नारे लगाते, अवस्थी की ढेरों तस्वीरें और वीडियो मिले।

इस रिपोर्ट में, कोमल शर्मा के मामले में हम वही तरीका अपनाएंगे — अतीत के उन साक्ष्यों को परखेंगे, जो उन्हें RSS के इस छात्र संगठन से जोड़ते हैं।

कोमल शर्मा और ABVP से उनका संबंध

कोमल शर्मा की स्कूल की एक सीनियर ने एक इंस्टाग्राम संवाद अपलोड की थी, जिसमें शर्मा ने हमले की रात JNU परिसर में अपनी मौजूदगी कबूल की थी। पहले की जांच में, ऑल्ट न्यूज़ को शर्मा के कई सोशल मीडिया प्रोफाइल [फेसबुक (1,2), इंस्टाग्राम और ट्विटर (1,2)] मिले, जिनमें उन्होंने ABVP से अपने जुड़ाव की घोषणा की थी।

ऑल्ट न्यूज़ ने ABVP से उनके जुड़ाव के दृश्य प्रमाणों की खोज की है।

13 सितंबर को, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के चुनाव में ABVP ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के छात्र संगठन, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) को 3-1 से हराया। नीचे दिए गए वीडियो में कोमल शर्मा को DUSU चुनावों में ABVP की चुनावी जीत का जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है। प्रेस से बात करते हुए वह कहती हैं, “बहुत ही ज़्यादा खुश हैं हम इस जीत को लेके ,हमें बस एक दुख है कि हमारी एक सीट रह गयी है , पर हम बहुत खुश है कि हम 3-1 से जीते हैं ।  ABVP एक बार फिर जीती है। अब हार जीत तो केवल एक चीज हो सकती है। अब जब हम जीते, तो उन्हें हारना तो पड़ेगा और ABVP ऐसी संगठन है जो 365 दिन काम करती है, नाकि केवल चुनाव के टाइम पर काम करती है। हम संगठन के सभी कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय देना चाहते हैं क्योंकि संगठन का हर कार्यकर्ता 365 दिन उतने ही लगन से काम करता है।, जितना कि चुनाव के समय काम करता है। ”

यहां उल्लेखनीय है कि वह खुद को पूरे छात्र संगठन की एक आवाज “हम” के रूप में संदर्भित करती हैं, महज एक व्यक्ति के रूप में नहीं।

नीचे, हमने वीडियो से लिए गए कोमल शर्मा की तस्वीर के एक स्क्रीनग्रैब की तुलना उस तस्वीर से की है जो राहुल कंवल ने ABVP सचिव मनीष जांगिड़ को दिखलाई थी।

इसके अलावा, ऑल्ट न्यूज़ को ABVP दिल्ली के एक इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट मिला जिसमें कोमल शर्मा हैं।

यही तस्वीर, ABVP दिल्ली द्वारा 29 जून, 2019 को इस कैप्शन के साथ ट्वीट की गई थी- “आज ABVP दिल्ली ने #First_Cutoff की घोषणा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हर कॉलेज में हेल्पडेस्क स्थापित किया और नामांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों की मदद की।” इसमें शर्मा एक बैज लगाई हुई दिखती हैं, जिसपर लिखा था, “May I help you join ABVP (क्या मैं आपकी सहायता कर सकती हूं, ABVP से जुड़ें)”। इसका साफ अर्थ है कि वह दौलत राम कॉलेज में ABVP की हेल्प डेस्क का हिस्सा थीं। ट्वीट के आर्काइव्ड संस्करण तक यहां पहुँचा जा सकता है।

परस्पर विरोधी बातें करते ABVP कार्यकर्ता

NDTV से बात करते हुए, ABVP के राज्य सचिव सिद्धार्थ यादव ने कहा कि कोमल शर्मा इस छात्र संगठन की सदस्य हैं, लेकिन वायरल वीडियो की नकाबपोश महिला वह नहीं हैं। उन्होंने कहा, “कोमल शर्मा सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वाले लोगों से भयभीत हैं। वह ऐसे लोगों से डरती हैं, जो बिना कुछ सोचे-समझे सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट कर देंगे। आज सोशल मीडिया पर, छात्र के खिलाफ कुछ भी शेयर किया जाता है और कोई भी इसके बारे में नहीं सोच रहा है और गृह मंत्री उसे बचाने नहीं आएंगे, समाज को आगे आना होगा और अफवाहों से दूर रहना होगा।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “मैं ABVP का राज्य सचिव हूं, मैं आपको बता रहा हूं, कोमल शर्मा हमारी कार्यकर्ता हैं और (वह) नकाबपोश (महिला) नहीं हैं। और आज, इसे हमने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया है। जो कोई भी ऐसा कहता है हम (उनके) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।” यह साक्षात्कार 7 जनवरी 2020 को प्रसारित किया गया था।

हालांकि ABVP के JNU सचिव मनीष जांगिड़ ने कोमल शर्मा के साथ इस छात्र संगठन के जुड़ाव से इनकार किया, लेकिन ऑल्ट न्यूज़ ने उन्हें ABVP के प्रतिनिधि के रूप में साक्षात्कार देते हुए पाया। वह अपने कॉलेज, दौलत राम में ABVP के नाम से चल रहे हेल्प डेस्क का भी हिस्सा थीं।

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