चाइनीज़ नृत्य का वीडियो एडिट कर हिंदू भक्ति गीत पर भारतीय प्रदर्शन के रूप में साझा

“दो बच्चों द्वारा गाये गए भजन की धुन पर विद्यार्थियों के नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन”-अनुवाद, इस संदेश को मधु किश्वर ने एक वीडियो के साथ ट्वीट किया था। यह वीडियो 2:20 मिनट की है। वीडियो की पृष्भूमि में भगवान राम के जाप के साथ एक हिंदू भक्ति गीत गाया जा रहा है और आगे एक लड़की के पीछे सभी एक कतार बनाकर अद्भुत नृत्य का प्रदर्शन कर रहे है।

एक अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता तारेक फतह ने एक संदेश के साथ इस वीडियो को साझा किया है,“हिंदुस्तान एक जादू”-अनुवाद। फतह ने इस वीडियो का श्रेय मधु किश्वर को दिया है। उनके ट्वीट को करीब 7,000 बार रीट्वीट और उनके वीडियो को 22 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चूका है।

तथ्य जांच

किश्वर के ट्वीट पर कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी करते हुए बताया है कि यह वीडियो भारत का नहीं है। कुछ अन्य उप्योगक्रताओं ने बताया कि ऑडियो क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है।

इन संकेतों के आधार पर, संबधित कीवर्ड्स का प्रयोग करके ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि इस विशेष डांस फॉर्म को ‘Thousand hands dance’ कहा जाता है और इसकी उत्पत्ति चीन से हुई है। इस नृत्य को झांग जिआंग ने बनाया था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कोरियोग्राफर और चीनी राष्ट्रीय सेना (पीएलए) में एक अधिकारी है। दिलचस्प बात यह है कि नृत्य श्रवण-बाधित कलाकारों द्वारा किया जाता है।

हमें प्रसारित वीडियो के जैसा ही समान वीडियो मिला, जिसे चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने नवंबर 2018 में ट्विटर पर पोस्ट किया था। यह नृत्य को संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में किया गया था। जैसा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि पृष्भूमि में भगवान राम के जाप वाला कोई भजन नहीं सुनाई दे रहा है। इससे साफ है कि सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो एडिट किया हुआ है।

ऑल्ट न्यूज़ ने यूट्यूब पर अन्य कई नृत्य के वीडियो का भी पता लगाया। उनमें से एक वीडियो को नीचे पोस्ट किया गया है।

इस नृत्य को ‘थाउजेंड हैंड्स गुआन यिन’ के रूप में भी जाना जाता है। गुआन यिन उस बोधिसत्त्वा का चीनी नाम है जिसे अवलोकितेश्वरा के नाम से जाना जाता है। बौद्ध धर्म में बोधिसत्त्वा की अवधारणा एक ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करती है जो बुद्ध के राज्य (ज्ञान) की प्राप्ति के मार्ग पर है। इसे महायान बौद्ध धर्म के तहत लोकप्रिय बनाया गया था, जिसे ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से प्रमुखता मिली थी।

यह ध्यान देने योग्य है कि मधु किश्वर और तारेक फतह द्वारा भारतीय बताकर पोस्ट किया गया वीडियो वास्तव में भारत का नहीं है। यह एक चाइनीज़ नृत्य है। इसके अलावा, वीडियो क्लिप को संपादित कर इसमें हिंदू भक्ति गीत का ऑडियो शामिल किया गया है।

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