सोशल मीडिया में एक जलती हुई गाड़ी का वीडियो इस दावे से शेयर हो रहा है कि गाड़ी में सेनिटाइज़र की बोतल रखने की वजह से अपने आप आग लग गई. लोग कह रहे हैं कि ‘गाड़ी में सेनिटाइज़र की पूरी बोतल कभी न रखें और एक बोतल में कम मात्रा में सेनिटाइज़र भरें. सेनिटाइज़र की बोतल को गाड़ी में कभी न छोड़े क्योंकि गर्मी की वजह से गाड़ी में ब्लास्ट हो सकता है.’

कवि दीपक दीप नाम के एक यूज़र ने 27 मई 2020 को ये वीडियो फ़ेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, “चेतावनी !!कार में सेनिटाइज़र कतई ना रखें !!सेनिटाइज़र की बोतल ब्लास्ट हो सकती है..सब कुछ इतनी जल्दी होता है सेकंड की सुई भी देर करती है, और कोई मदद भी नही कर सकता। ताज़ी घटना.. दिल्ली के रोहिणी फ्लाईओवर पर एक कार में रखी सेनिटाइज़र की बोतल में हुआ ब्लास्ट।” आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो 3,500 बार देखा जा चुका है. (पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न)

चेतावनी !!
कार में सेनिटाइज़र कतई ना रखें !!
सेनिटाइज़र की बोतल ब्लास्ट हो सकती है..सब कुछ इतनी जल्दी होता है सेकंड की सुई भी देर करती है, और कोई मदद भी नही कर सकता।
ताज़ी घटना.. दिल्ली के रोहिणी फ्लाईओवर पर एक कार में रखी सेनिटाइज़र की बोतल में हुआ ब्लास्ट।

Posted by कवि दीपक दीप on Tuesday, 26 May 2020

27 मई को ‘हर हर महादेव’ नाम के फ़ेसबुक पेज ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा – “Delhi; Sanitizer Blast in heat at Rohini flyover Delhi. Please, Never keep a Full bottles of Sanitizer in the car. Carry just very little in a bottle, Never leave it in the car and expose in heat.” आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 99 हज़ार से ज़्यादा बार देखा और 1,900 बार लाइक किया गया है. (फ़ेसबुक पोस्ट का आर्काइव लिंक)

Delhi; Sanitizer Blast in heat at Rohini flyover Delhi. Please, Never keep a Full bottles of Sanitizer in the car. Carry just very little in a bottle, Never leave it in the car and expose in heat.

Posted by HAR HAR Mahadev on Wednesday, 27 May 2020

इस वीडियो की हकीकत जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल मोबाईल ऐप पर भी कई रीक्वेस्ट आई हैं.

फ़ैक्ट-चेक

गाड़ी में आग लगने की घटना के बारे में पता लगाने के लिए हमने गूगल पर की-वर्ड्स ‘flyover in Delhi car fire’ से सर्च किया. सर्च रिज़ल्ट से 22 मई की ‘न्यूज़18’ की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, 22 मई को पुलिस ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में फ़्लाईओवर पर एक गाड़ी में आग लग गई थी. 21 मई को हुई इस घटना में केरला के 50 वर्षीय राम किशन की मौत हो गई. रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि गाड़ी में प्लास्टिक का मटीरियल रखा हुआ था और उसमें CNG की किट भी थी. पुलिस ने आगे बताया कि गाड़ी में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.

आगे हमें “ज़ी न्यूज़”, “टाइम्स ऑफ़ इंडिया”, “नवभारत टाइम्स” की मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं जिसमें आग लगने की वजह की तफ़्तीश जारी होने की बात बताई गई है.

अभी तो पुलिस दिल्ली के मंगोलपुरी फ़्लाईओवर पर गाड़ी में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया में आग लगने के पीछे सेनिटाइज़र को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है. इसके अलावा, लोग सेनिटाइज़र की बोतल गाड़ी में न रखने की भी सलाह दे रहे हैं. मंगोलपुरी में गाड़ी में आग लगने के पीछे की वजह सामने नहीं आयी है.

क्या गाड़ी में सेनिटाइज़र बोतल रखने से ब्लास्ट हो सकता है?

सोशल मीडिया में काफ़ी दिनों से गाड़ी में सेनिटाइज़र रखने के कारण गर्मी की वजह से ब्लास्ट होने के दावे चल रहे हैं. इस बात की तह तक जाने के लिए हमने गूगल पर “sanitizer heat” की-वर्ड्स से सर्च किया. सर्च रिज़ल्ट से हमें ऐसे कई आर्टिकल मिलें जिसमें इस दावे को ग़लत बताया गया है. 28 मई 2020 के ‘fullfact.org’ के आर्टिकल में बताया गया है कि सेनिटाइज़र की बोतल को आग पकड़ने के लिए बाहरी सोर्स जैसे कि आग की ज़रूरत होती है.

इसके अलावा, किसी भी पदार्थ का एक फ़्लैश पॉइंट होता है जिसमें वो पदार्थ ऐसी भाप छोड़ना शुरू करता है जिसके दौरान अगर उसे बाहरी सोर्स के ज़रिए चिंगारी या स्पार्क मिले तो उसमें आग लग सकती है. आर्टिकल में बताया गया है कि किसी भी ऐन्टीबैक्टीरियल जेल का न्यूनतम फ़्लैश पॉइंट 21°C के आस-पास होता है. लेकिन आग लगने के लिए भी पदार्थ को बाहरी स्त्रोत से चिंगारी यानि कि स्पार्क मिलना ज़रूरी है. इसका मतलब ये नहीं है कि गाड़ी में सेनिटाइज़रक की बोतल रखने से उसमें हीट की वजह से खुद ही आग लग जाए.

आगे, किसी भी पदार्थ में बिना किसी बाहरी चिंगारी के खुद ही आग लगने के लिए उसको एक तय तापमान पर होना ज़रूरी होता है. इसे ऑटो इग्निशन टेम्परेचर (auto-ignition temperature) कहा जाता है. आर्टिकल में डेटॉल के हवाले से बताया गया है कि सेनिटाइज़र के मुख्य पदार्थ ईथेनॉल के लिए ऑटो इग्निशन टेम्परेचर 363°C है. अलग-अलग सेनिटाइज़र में ऑटो इग्निशन टेम्परेचर अलग अलग होते हैं. ये अंतर कुछ ही डिग्मेंरी का होता है. लेकिन फ़िर भी गाड़ी में रखी सेनिटाइज़र की बोतल में खुद-ब-खुद आग लगना संभव नहीं है क्यूंकि इसके लिए टेम्प्रेचर काफ़ी ज़्यादा चाहिए होता है. वेबसाइट “driverknowledgetests.com” के मुताबिक, गाड़ी का तापमान बाहरी तापमान से 30°C ज़्यादा होता है. देश में बहुत गर्मी पड़ने पर तापमान 45-47 डिग्री तक पहुंचता है. ऐसे में बंद गाड़ी के अन्दर का तापमान बहुत से बहुत 70 डिग्री तक चला जाएगा. ऐसे में किसी भी गाड़ी के लिए बिना किसी बाहरी स्त्रोत की मदद के (जैसे कि आग) 300°C तापमान तक पहुंच पाना काफ़ी मुश्किल है.

इसके अलावा, और भी कई मीडिया रिपोर्ट्स जैसे कि – “ctvnews.ca”, “silive.com”, “बोस्टन हेराल्ड” – मिलीं जिसमें गाड़ी में हीट लेवल की वजह से सेनिटाइज़र की बोतल में अपने आप आग लगने की बात ग़लत बताई गई है.

खूब वायरल है ये वीडियो

28 मई को ट्विटर यूज़र निशा जोशी ने ये वीडियो हिन्दी मेसेज के साथ ट्वीट किया है. हिन्दी मेसेज के साथ ये वीडियो ट्विटर और फ़ेसबुक पर शेयर हो रहा है.

अंग्रेज़ी मेसेज के साथ भी ये वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर काफ़ी ज़्यादा वायरल है.

ये वीडियो व्हाट्सऐप पर भी काफ़ी शेयर हो रहा है.

 

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