सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें भारतीय सेना के एक जवान को अपना सैन्य काफ़िला पार करने के लिए सिखों के एक समूह से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो के शुरुआती कुछ सेकंड में, सैन्य ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतार देखी जा सकती है. वीडियो एक टेक्स्ट के साथ शेयर किया गया है जिसमें लिखा है कि किसानों ने भारत-चीन सीमा पर जाने वाले काफ़िले को रोक दिया. चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने के बाद तवांग में हुई एक झड़प के संदर्भ में वीडियो काफ़ी वायरल है. वायरल मेसेज के मुताबिक किसान भारतीय सेना को उनकी ड्यूटी करने से रोक रहे हैं.

ऑल्ट न्यूज़ को हमारे व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर (+91 76000 11160) पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.

(वायरल टेक्स्ट: चीन सीमा पर चढ़ आया है युद्ध की आशंका है भारत अपनी सेना पहुंचा रहा हे ऐसे नाजुक समय में किसानों ने सेना के काफिले को रोक दिया है इसे दो भागों में बाट दिया गया है आधी गाड़ियों को जाने दिया और आधी को रोक दिया सेना परेशान हे अफसर विनती कर रहे हैं पर इन पर कोई असर नही हो रहा आज यह देखकर मेरे मन में इनके प्रति जो सम्मान था वो खत्म हो गया और मैं ही नही इस देश का समझदार पढ़ा लिखा और गरीब मजदूर भी इनकी इस हरकत को देख कर इनसे नफरत ही करेगा.)

इस वीडियो को कई सरकार समर्थक फ़ेसबुक पेज में शेयर किया गया है, जिसमें कुछ हज़ार से लेकर 10 लाख तक सदस्य हैं — भाजपा लक्ष्य 2024 ( समर्थन के लिए जुड़े ) [करीब 10 लाख सदस्य] योगी आदित्यनाथ जी के फ़ैन (ग्रुप) [ 3 लाख से ज़्यादा सदस्य], भारतीय जनता पार्टी (2024) [3 लाख से ज़्यादा सदस्य], एक कोटी भाजपा समर्थक [84 हज़ार सदस्य], RSS [81 हज़ार सदस्य], जय भाजपा , तय भाजपा ।। [69 हज़ार सदस्य] भाजपा महाराष्ट्र [31 हज़ार सदस्य] कट्टर हिन्दु (ऑफिसियल ग्रुप) [14 हज़ार सदस्य], 🚩योगी आदित्यनाथ की सेना🚩 ( 🚩योगी भक्त जुड़े 🚩) [11 हज़ार सदस्य] और वी लव एंड सपोर्ट PM मोदी [2 हज़ार सदस्य]

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भारतीय सेना के अधिकारी ने दावे को ग़लत बताया

वायरल वीडियो में 20 सेकंड पर सेना के जवान को कहते हुए देखा जा सकता है कि वे एक अभ्यास में लगे हैं. इस वीडियो को भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने 28 सितंबर को ट्वीट किया था.

वीडियो की जांच करने के लिए हमने भारतीय सेना के एक अधिकारी से बात की. उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “ये वीडियो 27 सितंबर का है.” पाठकों को ध्यान देना चाहिए कि इस दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा तीन विवादास्पद कृषि कानून को अपनी सहमति देने के एक साल पूरे होने पर 40 कृषि संघों के संयुक्त किसान मोर्चा संगठन (SKM) ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद का ऐलान किया था.

उन्होंने आगे बताया, “फ़ील्ड अभ्यास के दौरान 20 गाड़ियां कपूरथला से बीर सारंगवाल (जालंधर) की ओर जा रही थीं.” जिसका मतलब है कि काफ़िला पंजाब के भीतर ही भीतर यात्रा कर रहा था.

अधिकारी ने बताया, “जालंधर के पास किसान आंदोलन मोर्चा के सदस्यों ने काफ़िले के एक हिस्से को रोका. स्टॉपेज सिर्फ 20 मिनट के लिए था. किसान हमारे साथ विनम्र थे. उन्होंने जाते समय हाथ मिलाया जो वायरल वीडियो में नहीं दिखाया गया है.”

ऑल्ट न्यूज़ ने मामला साफ़ करने के लिये एक बार फिर पूछा कि क्या काफ़िला भारत-चीन सीमा की ओर जा रहा था. इसपर अधिकारी ने इसे ग़लत बताया.

कुल मिलाकर, किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर किया गया. पिछले साल, हाईवे पर सैन्य ट्रकों के गुजरने के एक वीडियो को इस झूठे दावे से शेयर किया गया था कि किसानों के विरोध को नियंत्रित करने के लिए सेना तैनात की गयी. उस समय भी इसे ऑल्ट न्यूज़ ने इस दावे को खारिज किया था.


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