1 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस के कथित रेप केस के परिवार से मिलने जा रहे थे. लेकिन यूपी पुलिस ने उनके काफ़िले को हाथरस जाने से रोक दिया. इसके बाद वो पैदल चलने लगे. इस दौरान पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हुई और वो गिर गए. राहुल गांधी ने पत्रकारों से पहले बात करते हुए ये आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें धक्का दिया. लेकिन कुछ देर बाद ABP न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, “थोड़ा सा धक्का लग गया कोई बात नहीं है.” इसी संदर्भ में राहुल गांधी की एक तस्वीर शेयर हो रही है. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने यूपी पुलिस के एक कर्मी का कॉलर पकड़ा है. ये दावा महाराष्ट्र से BJP MLA प्रताप अरुणभाऊ अडसड ने किया है.

ऐसा दावा करने वालों में ऋषि बागरी भी शामिल हैं. ऋषि बागरी को ट्विटर पर पीएम मोदी फ़ॉलो करते हैं. और इन्हें पहले भी कई बार ग़लत जानकारी फैलाते हुए देखा गया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने भी ये तस्वीर शेयर की है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, “उत्तरप्रदेश पुलिस राहुल गाँधी जी को धक्का देते हुए”

 

भाजपा नेता और महाराष्ट्र विधानसभा मेम्बर मोहन मते ने एक वीडियो ट्वीट किया. इस वीडियो में राहुल गांधी धक्का-मुक्की के दौरान ज़मीन पर गिर जाते हैं. उन्होंने राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा, “जरा एक्टिंग, ड्रामा तो सही करते भाई.” (ट्वीट का आर्काइव)

रिपब्लिक टीवी ने इस घटना का ब्लर किया हुआ वीडियो टीवी पर चलाया. वीडियो जिस वक़्त टीवी पर चल रहा था उस दौरान ऐंकर ने दावा किया कि राहुल गांधी कैमरा लिए गिर गए. चैनल ने दावा किया कि वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि वो जानबूझकर गिर रहे हैं.

फ़ैक्ट-चेक

पहले हम उस तस्वीर की बात करते हैं जिसे शेयर करते हुए BJP MLA प्रताप अरुणभाऊ अडसड ने दावा किया कि राहुल गांधी पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ रहे थे.

इस घटना के कई वीडियोज़ हैं. इनमें ये साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि राहुल गांधी ने पुलिसकर्मी का कॉलर नहीं पकड़ा था. एक  वीडियो कांग्रेस के ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल से 1 अक्टूबर को शेयर किया गया था. वीडियो में दिखता है कि राहुल गांधी कई पुलिसकर्मियों से घिरे हैं जो उन्हें हाथरस की तरफ़ बढ़ने से रोक रहे हैं. इस दौरान एक पुलिसकर्मी उनके सामने आ जाता है, राहुल गांधी साइड से निकलने की कोशिश में हाथ से पुलिस को बायीं तरफ हटाते हुए दिखते हैं. लेकिन उनका हाथ पुलिस वाले के कॉलर तक नहीं जाता है. नीचे पोस्ट किया गया वीडियो देखकर ये बात बेहतर समझी जा सकती है.

दरअसल इस तस्वीर का ऐंगल ऐसा है जिससे एक झलक देखने से ऐसा लग सकता है कि राहुल गांधी ने पुलिसकर्मी को धक्का दिया लेकिन वीडियो देखने से ये साफ़ हो जाता है. तो इस तरह ये दावा गलत साबित होता है कि राहुल गांधी ने पुलिस कर्मी का कॉलर पकड़ा.

रिपब्लिक टीवी और BJP नेताओं का दावा – राहुल गांधी गिरने की ऐक्टिंग कर रहे थे

अब बात उस वीडियो की जिसे रिपब्लिक टीवी और भाजपा नेताओं ने इस इस दावे से चलाया कि राहुल गांधी गिरने की ऐक्टिंग कर रहे थे.

धक्का-मुक्की के दौरान राहुल गांधी के गिरने का दो अलग-अलग ऐंगल से लिया गया वीडियो पब्लिक डोमेन में है. एक वीडियो में जब वो हाथरस की तरफ बढ़ते हैं तो एक पुलिसकर्मी उन्हें ज़बरदस्ती रोकने की कोशिश करता दिखता है. इस दौरान एक मौके पर पुलिसकर्मी का हाथ राहुल गांधी के कॉलर तक भी पहुंचता है. राहुल गांधी उस पुलिसकर्मी से कहते हैं, “मारो मुझे मारो.”

इसी घटना के दूसरे ऐंगल से लिए गए वीडियो में वही पुलिसकर्मी दिखता है जिसने राहुल गांधी का कॉलर पकड़ा था. और इस वीडियो में धक्का-मुक्की के दौरान राहुल गांधी को ज़मीन पर गिरते हुए साफ़ देखा जा सकता है.

वीडियो में दिख रहे विज़ुअल से ये पता नहीं किया जा सकता कि पुलिसकर्मी का धक्का इतना तेज़ था कि राहुल गांधी इससे ज़मीन पर गिर गए. हालांकि इस दौरान वो पुलिसकर्मी राहुल गांधी को रोकने की कोशिश में धक्का-मुक्की करते हुए दिखता है. रिपब्लिक टीवी ने इस बात पर बिना गौर किए ये बता दिया कि राहुल गांधी खुद से गिर गए थे. लेकिन जैसा कि हमने अपनी जांच में पाया, राहुल गांधी के साथ धक्का-मुक्की कर रहे उस पुलिसकर्मी ने उस दौरान कितना ज़ोर लगाया था ये वीडियो देखकर समझना मुश्किल है. और राहुल गांधी द्वारा किसी पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़े जाने का दावा बिलकुल गलत है.

ग़लत
दावा:
हाथरस जाने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में राहुल गांधी ने पुलिसवाले का कॉलर पकड़ा

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