राजस्थान के जयपुर में 29 सितंबर 2023 को इकबाल और राहुल नाम के युवक की बाइक की टक्कर हुई थी. इसी को लेकर दोनों के बीच गाली-गलौज हुआ. वहां मौजूद लोगों ने दोनों को गाली देने से मना किया, इसको लेकर इकबाल की मौके पर मौजूद लोगों से बहस हो गई. और लोगों ने इकबाल पर लाठी-डंडों से हमला कर लहूलुहान कर दिया. बाद में इकबाल को सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया जिसको लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस इसकी जांच कर रही है.

मामले पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने मृतक इकबाल के परिजन को 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी और डेयरी बूथ आवंटित करने का ऐलान किया.

ज्ञात हो कि इस साल के आखिर में राजस्थान में चुनाव होने वाला है जिसे लेकर पार्टियों ने अपना प्रचार तेज़ कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजस्थान में जनसभा संबोधित करते हुए समय-समय पर कन्हैयालाल हत्याकांड का ज़िक्र किया है और कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए वोट बैंक की राजनीति करने की बात कही है.

विश्व हिन्दू परिषद के नेता सुरेन्द्र जैन ने ‘रिपब्लिक भारत‘ चैनल पर कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राजस्थान सरकार ने कन्हैयालाल की हत्या पर 10 लाख और इकबाल को 50 लाख का मुआवजा दिया.

VHP नेता Surendra Jain बोले- कन्हैयालाल की प्लांड हत्या पर 10 लाख और रोडरेज में मरे इकबाल को 50 लाख

VHP नेता Surendra Jain बोले- कन्हैयालाल की प्लांड हत्या पर 10 लाख और रोडरेज में मरे इकबाल को 50 लाख
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Posted by Republic Bharat on Saturday, 30 September 2023

इसके बाद से भाजपा नेता समेत कई यूज़र्स बैंक चेक की एक तस्वीर शेयर कर रहे हैं. इसमें नइमा परवीन के नाम से राजस्थान के जयपुर के ज़िला कलेक्टर का 50 लाख का चेक है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद राजस्थान सरकार ने मात्र 5 लाख मुआवजा दिया था.

उत्तर प्रदेश भाजपा के आईटी सेल सह-प्रमुख अभिषेक तिवारी ने ट्वीट करते हुए दावा किया, “तुष्टिकरण क्या होता है ये समझिये. जयपुर के रामगंज में आपसी झगड़े में मारे गए इकबाल को राजस्थान सरकार ने 50 लाख के सरकारी मुआवजे की घोषणा की. वहीं उदयपुर में कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या की गई थी तब सिर्फ 5 लाख का मुआवजा दिया गया था. फरक साफ है, यही है कांग्रेस की भेदभाव वाली नीति”. (आर्काइव लिंक)

राइट विंग पैरोडी अकाउंट ‘@choga_don’ ने भी बैंक चेक की तस्वीर ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

ये दावा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

गूगल पर की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें ‘हिंदुस्तान‘ की 29 जून 2022 को पब्लिश्ड एक रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतक कन्हैयालाल के परिवार को 50 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की.

अशोक गहलोत ने 29 जून 2022 को ट्वीट करते हुए भी मृतक कन्हैयालाल के परिवार को 50 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की बात कही थी.

राजस्थान सरकार की सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट पर भी इस मामले से जुड़ी 30 जून 2022 की प्रेस रिलीज़ है. इसमें साफ बताया गया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर में कन्हैयालाल के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी को 50 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया.

राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने 2 अक्टूबर को ट्वीट कर वायरल दावे का खंडन किया था.

कुल मिलाकर, कई भाजपा नेता, राइट विंग अकाउंट्स और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इंटरनेट पर झूठा दावा किया कि राजस्थान सरकार ने मृतक कन्हैयालाल और इकबाल के बीच भेदभाव किया जिसमें इकबाल के पारवार को 50 लाख की सहायता राशि दी गई. वहीं कन्हैयालाल के परिजनों को मात्र 5 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई. ये दावा बिल्कुल ग़लत है, दोनों के परिजनों को 50-50 लाख की सहायता राशि दी गई.

ग़लत
दावा:
राजस्थान सरकार द्वारा कन्हैयालाल के परिजनों को सिर्फ 5 लाख लेकिन इक़बाल के मौत का मुवाबजा 50 लाख

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