सोशल मीडिया पर 2 तस्वीरों का 1 कोलाज वायरल है. कोलाज की पहली तस्वीर में एक व्यक्ति पुलिस पर हमला करते हुए दिखता है. जबकि दूसरी तस्वीर एक घायल बुज़ुर्ग व्यक्ति की है. दावा है कि पुलिस पर हमला कर रहे इस व्यक्ति की बाद में खूब पिटाई की गई. विद्यासागर शुक्ला ने ये कोलाज पोस्ट करते हुए लिखा, “बाबा जी की कम्बल ठुकाई क्या से क्या हो गए देखते देखते ” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

बाबा जी की कम्बल ठुकाई 🤣🙄😋🤔
क्या से क्या हो गए देखते देखते 😂😂😀

Before After 😀😀

Posted by Vidyasagar Shukla on Thursday, 28 January 2021

कन्नडा में लिख मेसेज के साथ भी ये तस्वीर पोस्ट की गई है.

ट्विटर और फ़ेसबुक पर और भी कई यूज़र्स ने ये तस्वीर पोस्ट की है.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ैक्ट-चेक

पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर 26 जनवरी की किसानों की ट्रैक्टर रैली के बाद खूब शेयर की गई थी. 27 जनवरी 2021 की बीबीसी की रिपोर्ट में ये तस्वीर दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की बताकर शेयर की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये तस्वीर पीटीआई के फ़ोटो जर्नलिस्ट रवि चौधरी ने खींची थी.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Ravi Choudhary (@choudharyravi)

आगे, गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से शिरोमणि अकाली दल के जनरल सेक्रेटरी और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का 27 दिसम्बर 2020 का पोस्ट मिला. इस पोस्ट में घायल व्यक्ति की तस्वीर के अलावा और भी कुछ तस्वीरें शेयर की गई थीं. पोस्ट के मुताबिक, दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों का पंजाब के खन्ना के पास एक्सीडेंट हो गया था. पोस्ट में बताया गया है कि सभी किसान मामूली रूप से घायल हुए थे. बिक्रम सिंह मजीठिया ने ये तस्वीरें ट्वीट भी की थीं.

न्यूज़18 पंजाब की 28 दिसम्बर 2020 की रिपोर्ट में इस घटना की खबर दी गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, वडाला की कीर्ति किसान यूनियन के किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे. इस दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था. कीर्ति किसान यूनियन ने भी इस घटना की तस्वीरें पोस्ट की थीं.

ਕਿਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਇਕਾਈ ਪਿੰਡ ਵਡਾਲਾ ਤੋਂ ਦਿੱਲੀ ‘ਕਿਸਾਨ ਅੰਦੋਲਨ’ ‘ਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਜਾ ਰਹੇ ਕਿਸਾਨ ਭਰਾਵਾਂ ਦਾ ਟਰੈਕਟਰ ਹੋਇਆ ਖੰਨਾ ਨੇੜੇ…

Posted by ਕਿਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ Kirti Kisan Union on Sunday, 27 December 2020

कुल मिलाकर, घायल व्यक्ति की तस्वीर दिसम्बर 2020 में हुए एक्सीडेंट की है न कि 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद की.


फ़र्ज़ी पत्रकारों की फ़र्ज़ी कहानी से लेकर किसानों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले BJP वर्कर्स की असलियत तक

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged: