“पकड़े गए जिंदा कश्मीरी आतंकी ने पूछताछ के दौरान कहा कि आरएसएस हमें हथियार और पैसा मुहैया कराती है और हिन्दुओं को मारने के लिए कहती है ताकि हिन्दुओं के दिमाग में मुसलमानों के लिए नफरत भरी जा सके।” इस संदेश के साथ एक तस्वीर ‘वी सपोर्ट प्रकाश राज’ नामक पेज ने 13 जुलाई, 2018 को इस रिपोर्ट के लिखे जाने से करीब 6 घंटे पहले पोस्ट किया था जिसे कई हजार बार शेयर किया गया। अब इस पोस्ट को डिलीट किया जा चूका है। तस्वीर में एक दाढ़ी वाले व्यक्ति को दो जवान पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पेज को 3 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

we support prakash raj page fake claim.

बहुजन समाचार नाम के एक पेज ने यह तस्वीर 12 जुलाई को “क्या ये न्यूज सही है?? वैसे अनेक भाजपा कार्यकर्ता आतंकी संगठनों को देश की खुफिया जानकारी देते हुए पकडे गये है” शीर्षक के साथ पोस्ट की थी जिसे अबतक 2000 से ज्यादा बार शेयर किया गया है। तस्वीर पर लिखे संदेश को सच दिखाने के लिए BBC का लोगो भी गलत तरीके से लगा दिया गया है।

क्या. ये न्यूज सही है??

वैसे अनेक भाजपा कार्यकर्ता आतंकी संगठनों को देश की खुफिया जानकारी देते हुए पकडे गये है

Posted by बहुजन समाचार on Thursday, 12 July 2018

यही तस्वीर ठीक इसके उलट दावे के साथ भी शेयर की जा रही है जिसमें आरोप कांग्रेस पर लगाये जा रहे हैं। दावा यह है कि “पकड़े गए जिंदा कश्मीरी आतंकी ने पूछताछ के दौरान कहा कि कांग्रेस सरकार हमें हथियार और पैसा मुहैया कराती है और हिन्दुओं को मारने के लिए कहती है ताकि भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाया जाए।” इस दावे के साथ यह तस्वीर फेसबुक ग्रुप ‘आई सपोर्ट राहुल गाँधी जी..कांग्रेस’ ग्रुप में शेयर किया गया है।

https://i1.wp.com/www.altnews.in/hindi/wp-content/uploads/sites/2/2018/07/Ashish-Singh-Lodhis-post-in-I-support-Rahul-gandhi-group.jpg?resize=696%2C482&ssl=1

ट्विटर पर भी इसी दावे के साथ तस्वीर को खूब फैलाया जा रहा है।

क्या है इस तस्वीर की सच्चाई?

ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए जिस तरह से पड़ताल की है वह आप नीचे पोस्ट किए गए विडियो में देख सकते हैं। क्योंकि इस तस्वीर पर ही संदेश को लिखा गया है, इसलिए अगर हम इसे सिर्फ गूगल रिवर्स सर्च करते तो हमें गूगल असली तस्वीर तक नहीं ले जाता। इसलिए पहले इस फोटो को क्रॉप कर सिर्फ उतना हिस्सा लिया जिसमें कोई संदेश नहीं है, फिर रिवर्स सर्च किया।

परिणाम में हमें समाचार वेबसाइट पत्रिका के रिपोर्ट में यह तस्वीर मिली। यह रिपोर्ट 25 सितम्बर, 2016 की है। इस रिपोर्ट के अनुसार “जम्मू-कश्मीर के अखनूर में भारत-पाक सीमा पार करते हुए लश्कर ए तय्यब का आतंकी अब्दुल कयूम को बीएसएफ के जवानों ने पकड़ लिया। कयूम ने बीएसएफ को बताया कि वह पाकिस्तान के सियालकोट का रहने वाला है और उसकी ट्रेंनिंग पाकिस्तान के शेखुपुरा जिले के मुकरिदे में हुई है। पूछताछ में कयूम ने बताया कि वह लश्कर के लिए फंड जुटा रहा था।” इस खबर को न्यूज़ स्टेट नामक जम्मू स्तिथ स्थानीय वेबसाइट सहित कई प्रमुख मीडिया चेनलों ने जैसे इंडिया टीवी, न्यूज़ X, इंडिया टुडे, न्यूज़ 18 और क्विंट ने भी उस वक़्त रिपोर्ट किया था। इनमें से किसी भी रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि आतंकी को हथियार और पैसा RSS या कांग्रेस मुहैया कराती थी। चूँकि इन दावों का कोई सबूत नहीं है इसलिए इन्हें निराधार माना जा सकता है।

हमने पहले भी देखा है कि किस तरह एक ही जैसे कुछ तस्वीरों को दो अलग और झूठे दावे के साथ कर्नाटक के भाजपा और कांग्रेस नेताओं का बताकर फैलाया गया था। इस तरह एक पुरानी तस्वीर का गलत इस्तेमाल दोनों भाजपा और कांग्रेस के समर्थकों ने एक दूसरे पर आरोप लगाने के लिए किया है जिसमें नुकसान सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स का होता है जो गलत जानकारी के शिकार बन बैठेते हैं।

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