सोशल मीडिया और मेसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप पर एक मेसेज वायरल है जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2021 के तहत सभी बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,500 रुपये दिए जायेंगे. इसके लिए सभी दावेदारों को प्री-रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा गया है. साथ ही में एक लिंक भी शेयर किया गया है.

पूरा मेसेज इस प्रकार है – “प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2021 के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन हो रहा है, इस योजना के अंतर्गत सभी युवा बेरोजगारों को 3500 रुपये हर महीने दिया जाएगा प्री-रजिस्ट्रेशन करने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपना फॉर्म भरे आवेदन शुल्क – 00 Rs (FREE) योग्यता – 10वी पास आयु – 18 से 40 वर्ष रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट – 27 मई 2021”.

ट्विटर यूज़र बीके अग्रवाल ने ये मेसेज ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये मेसेज काफ़ी शेयर किया गया है.

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ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर पर इस दावे की हकीकत जानने के लिए कई रीक्वेस्ट आई हैं.

फ़ैक्ट-चेक

सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है दावा पूरी तरह गलत है. सबसे पहले गौर करें कि मेसेज के साथ दिया गया लिंक किसी ब्लॉगपोस्ट का है. ये किसी सरकारी वेबसाइट का लिंक नहीं हो सकता है क्योंकि सरकारी वेबसाइट के अंत में ‘gov.in’ होता है.

इसके अलावा, की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें ऐसी किसी योजना की ऑफ़िशियल वेबसाइट नहीं मिली. जबकि प्रधानमंत्री की अन्य योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना की वेबसाइट्स आसानी से मिल जाती हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय के ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट से भी ऐसी किसी योजना के बारे में ट्वीट नहीं किया गया है. प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर भी ऐसी किसी योजना का कोई ज़िक्र नहीं है.

इसके अलावा, मेसेज के साथ शेयर की जा रही लिंक में वेबसाइट से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है. वेबसाइट के आखिर में ‘टर्म्स एंड कंडीशंस’, ‘अबाउट अस’, ‘कॉन्टैक्ट अस’, ‘प्राइवेसी पॉलिसी’ और ‘डिस्क्लेमर’ जैसी जानकारियों के लिंक्स दिए हैं. लेकिन इनमें से एक भी लिंक काम नहीं करता है.

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इसके बाद, बिना कोई जानकारी भरे जब हमने रजिस्टर बटन पर क्लिक किया तो हमारे सामने एक सवाल-जवाब सेक्शन आया. इस सेक्शन का पहला सवाल है – “क्या आप भारत के नागरिक है?”. इसका जवाब न देकर हमने अगले सवाल पर जाने के लिए क्लिक किया तो हमें इस मेसेज को बाकी 10 व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर करने के लिए कहा गया. इसमें लिखा था – “इस योजना को WhatsApp पर 10 Group को शेयर करे, उसके बाद लिस्ट में अपना नाम जुड़वाए और फिर अंत में अपना आवेदन नंबर प्राप्त करें”. वेबसाइट की ऐसी संदेहास्पद बातें इसे फ़र्ज़ी साबित करती हैं.

PIB फ़ैक्ट-चेक ने भी इस दावे को गलत बताया है. और भी कई मीडिया संगठनों ने इस दावे को फ़र्ज़ी बताते हुए फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट्स शेयर की हैं.

गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर ने भी इस दावे को फ़र्ज़ी बताया है और ऐसी जाली वेबसाइट से सावधान रहने की सलाह दी है.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी मेसेज ‘प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना’ का बताकर शेयर किया गया जबकि हकीकत में केंद्र सरकार ने इस तरीके की कोई योजना लागू नहीं की है.


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