सोशल मीडिया पर शेयर किये जा रहे एक वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि उसमें दिख रहा शख्स हिमालया कंपनी का मालिक है. वीडियो में उसे कहते हुए सुना जा सकता है – “सबसे पहले हम मुसलमान हैं. सेकंडरी नंबर हम इंडियन हैं.” वीडियो में इस शख्स को ये भी कहते हुए सुना जा सकता है – “किसी भी कानून से इस्लाम का टकराव होता है तो हम इस्लाम के साथ हैं. हम उस कॉन्स्टिट्यूशन को मानने के लिए तैयार नहीं हैं, उस कानून को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. हम इस देश के वफ़ादार नहीं हम इस देश के मालिक हैं.” वायरल हो रहा दावा कहता है, “सोचिए ऐसा कोई बयान अगर बाबा रामदेव ने दे दिया होता तो पूरे देश में बवाल मच जाता..”
☝️ *हिमालया कंपनी के मालिक का बयान‼️*हम पहले मुसलमान है, हम भारत के प्रति वफादार नहीं है, हम भारत के मालिक हैं.
सोचिए ऐसा कोई बयान अगर बाबा रामदेव ने दे दिया होता तो पूरे देश में बवाल मच जाता..
*हिमालय कम्पनी की दवाइयों का सभी बहिष्कार करें.* 👇 pic.twitter.com/RSMAQx6RFH— Kiran Babarao Jodh🙏 (प्रदेश-अध्यक्ष-AHR)🚩💯% (@kbjb007) May 21, 2021
यही क्लिप @DEEPAKRASTOGI55 हैंडल ने 30 मार्च को भी शेयर की थी.
हिमालया कंपनी के मालिक का बयान हम पहले मुसलमान है, हम भारत के प्रति वफादार नहीं है, हम भारत के मालिक हैं सोचो हिन्दुओ ऐसा कोई बयान अगर बाबा रामदेव ने दे दिया होता तो पूरे देश में वामपंथी लिबरल मदरसा छाप छाती पीटते और बवाल होता हिमालय कम्पनी की दवाइयों का सभी बहिष्कार करें pic.twitter.com/qhCbVIaOCb
— राष्ट्रवादी, दीपक रस्तोगी (@DEEPAKRASTOGI55) March 30, 2021
बीते वर्ष अप्रैल और सितम्बर में भी यही क्लिप शेयर हुई थी.
*हिमालया* कंपनी के मालिक का बयान‼️
हम पहले *मुसलमान* है,
हम भारत के प्रति *वफादार नहीं* है
हम भारत के *मालिक* है।
हिमालय कम्पनी की दवाइयों का सभी बहिष्कार करे। pic.twitter.com/SmNtwlmMky— पुष्पेंद्र, कुलश्रेष्ठ (@REAL___HINDUVT) September 17, 2020
फ़ेसबुक पर भी इसे शेयर किया जा रहा है.
ऑल्ट न्यूज़ को आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर (+91 7600 11160) और मोबाइल ऐप पर इसकी जांच के लिए कई रीक्वेस्ट आयीं.
समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली का पुराना वीडियो
ये वीडियो अगस्त 2017 का है जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता माविया अली हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के विवादास्पद सर्क्युलर पर टिप्पणी करते हुए बवाल खड़ा कर दिया था. इस सर्क्युलर में प्रदेश के मदरसों को आदेश दिया गया था कि वो स्वाधीनता दिवस मनाएंगे और उसका वीडियो रिकॉर्ड कर के भेजेंगे. माविया के बयान को हर जगह रिपोर्ट किया गया था.
We are Muslims first, Indians after that: Mavia Ali, SP #PoliticsOverPatriotism pic.twitter.com/olZHzxKEhD
— Republic (@republic) August 14, 2017
माविया अली देवबंद से विधायक थे. बीते वर्ष जनवरी में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ये वीडियो कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी का बताकर दिखाया था जो उससे पहले बसपा से जुड़े हुए थे.
हिमालया का संस्थापक कौन है?
हिमालया के संस्थापक का नाम है मोहम्मद मनाल और 1986 में उनकी मृत्यु हो चुकी है. फ़िलहाल इस कम्पनी के प्रेसिडेंट और सीईओ हैं फ़िलिप हेडन.
इस कम्पनी को अक्सर सोशल मीडिया पर कई ऐसे झूठे दावों का सामना करना पड़ा है जिसमें इसके संस्थापक को सांप्रदायिक बताया गया है. सितम्बर 2020 में एक मौके पर नकी अहमद नदवी का वीडियो इस कम्पनी के मालिक के नाम पर चलाया गया था. नदवी ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बारे में बात करते हुए न्यायपालिका, पुलिस फ़ोर्स, स्वास्थ्य विभाग और दूसरे पेशों में मुस्लिम समुदाय के आगे आने की बात की थी जिससे मुस्लिम लोगों को प्रतिनिधित्व मिल सके. फ़िलिप हेडन की एक तस्वीर इस ग़लत दावे के साथ शेयर की गयी कि वो हिमालया के संस्थापक ‘मोहम्मद मेनाल’ हैं जो अपनी आय का 10% हिस्सा आतंकवाद को फंड करने के लिए देते हैं.





