एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ एक छोटी बच्ची खड़ी है, इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति ने छोटी बच्ची से निकाह किया है. इसके साथ ही इन पोस्ट्स के ज़रिए इस्लाम धर्म को टारगेट किया जा रहा है.

दी यूरोपियन कॉनज़रवेटिव पब्लिकेशन के पत्रकार डेविड अथेरटन ने वायरल तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया कि तस्वीर में दिख रही बच्ची, उस शख्स की पत्नी है. (आर्काइव लिंक)

डेविड वांस नाम के यूज़र ने भी ये तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया बुजुर्ग व्यक्ति और छोटी बच्ची, दोनों पति-पत्नी हैं. इसके साथ ही डेविड ने इस्लाम पर निशाना साधते हुए कहा कि ये इस्लाम में जायज़ है. (आर्काइव लिंक)

खुद को ‘प्राउड जिओनिस्ट’ बताने वाले किंग डेविड नाम के यूज़र ने ये तस्वीर ट्वीट करते हुए इसे इस्लाम का असली चेहरा बताया था. ट्विटर ने इस पोस्ट को ‘हेटफुल कंडक्ट’ मानते हुए इसकी विजिबलिटी लिमिट कर दी थी. (आर्काइव लिंक)

ऐसा ही दावा कई सालों से सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है. 2019 में मृत्युंजय जोशी नाम के यूज़र ने भी ये तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया था कि टोपी पहने 40 साल के व्यक्ति ने 8 साल की बच्ची से शादी की. इसके बाद सुहागरात के मौके पर बच्ची की मौत हो गई. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने ये तस्वीर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च की. हमें ये तस्वीर ‘टर्किश चैट’ शॉर्ट फिल्म के डायरेक्टर मुराद कोबानोग्लू के 29 अगस्त 2016 के ट्वीट में मिली. इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था कि तुर्की के शहर एलाजिग में एक किंडरगार्टन (प्ले स्कूल) में लड़कियों को शादी की पोशाक और हेडस्कार्फ़ पहनाकर कुरान पढ़ने के लिए उनके बदलाव का जश्न मनाया जा रहा है.

इसके बाद हमने डेट फ़िल्टर के साथ तुर्की के शहर एलाजिग और किंडरगार्टन से जुड़े की-वर्ड्स सर्च किये. हमें वायरल तस्वीर में दिख रहे बुजुर्ग व्यक्ति की कई और तस्वीरें भी मिली. एक यूज़र ने 19 मई 2016 को 4 तस्वीरें ट्वीट की थी जिसे एक ही ऑफिस रूम में क्लिक किया गया था. इन तस्वीरों में वायरल तस्वीर वाले बुजुर्ग व्यक्ति कई बच्चियों के साथ दिख रहे हैं, इस ट्वीट के कैप्शन में लिखा है कि ये एलाजिग के किंडरगार्टन की तस्वीर है.

हमें इस घटना से जुड़ी तुर्की के अखबार SoL की 20 मई 2016 की खबर भी मिली. इस खबर के मुताबिक, एलाजिग में स्थित एक किंडरगार्टन में कुरान पढ़ने का जश्न मनाता गया था जिसमें बच्चियाँ शादी का कॉस्टयूम और पगड़ी पहने हुए थीं. किंडरगार्टन ने सोशल मीडिया पर बताया था कि जो बच्चे अभी पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं वो विभिन्न तस्वीरों और वीडियो के जरिये कुरान की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. बच्चों द्वारा कुरान का अध्ययन करने का जश्न मनाने के लिए संस्थान ने उत्सव आयोजित किया था. इस उत्सव में लड़कियों ने पगड़ी और शादी की पोशाक पहनी थीं. वहीं तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति किंडरगार्टन का हेडमास्टर है.

तुर्की के एक प्रमुख अखबार Milliyet ने भी 20 मई 2016 को इस तस्वीर से जुड़ी खबर पब्लिश की थी. इसमें बताया गया है कि ये तस्वीरें तुर्की के शहर एलाजिग में एक किंडरगार्टन की है. हालांकि, उस वक्त भी बच्चियों को प्ले स्कूल में शादी के कपड़ों वाला कॉस्टयूम पहनाए जाने पर कई लोगों ने इसकी आलोचना की थी.

कुल मिलाकर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक बच्ची और बुजुर्ग व्यक्ति की तस्वीर शेयर कर झूठा दावा किया कि वो पति-पत्नी हैं. जबकि असल में ये तस्वीर तुर्की के एक किंडरगार्टन (प्ले स्कूल) की है और इसमें दिख रही बच्ची और बुजुर्ग व्यक्ति किंडरगार्टन की छात्रा और हेडमास्टर है.

ग़लत
दावा:
इस तस्वीर में दिख रही बच्ची और बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति पति-पत्नी हैं.

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