सोशल मीडिया में प्राचीन संरचनाओं और मूर्तियों की तस्वीरें इस दावे के साथ प्रसारित की गई कि ये एक जैन मंदिर की हैं, जो कर्नाटक के रायचूर में सड़क नवीकरण परियोजना के तहत एक मस्जिद को गिराने पर उसके नीचे से निकली है। संदेश इस प्रकार है- “कर्नाटक रायचूर मे रोड सौंदर्यीकरणकरने के लिए मस्जिद गिराई उस मस्जिद के नीचे निकला जैन मंदिर”। फेसबुक पेज ‘3j-jai jinendra ji’ से किए गए इस पोस्ट को लगभग 3,000 बार शेयर किया गया है।

कर्नाटक रायचूर मे रोड सौंदर्यीकरणकरने के लिये मस्जिद गिराई उस मस्जिद के नीचे निकला
जैन मंदिर 👇👇🏻🤔

Posted by The Hindu and Jain idol recognizes the tradition of history Bc on Friday, 25 October 2019

यही दावा ट्विटर पर भी प्रसारित है।

इसे व्हाट्सएप पर भी साझा किया जा रहा है।

वास्तव में, सोशल मीडिया में यह मई 2019 से ही चल रहा है।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर किले की तस्वीरें

एक आसान सा गूगल रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरें मध्यप्रदेश के ग्वालियर किले की है। यह किला गोपाचल नामक एक दूरस्थ चट्टानी पहाड़ी पर बना है, जहां जैन प्रतिमाओं के निर्माण के लिए नक्काशी की गई है। ये तस्वीरें इंटरनेट पर उपलब्ध है।

किले में बावड़ी की तस्वीरें, गेट्टी इमेजेज पर भी उपलब्ध हैं।

किले के अंदर के क्षेत्रों की वैसी ही कई अन्य तस्वीरें ऑनलाइन मौजूद है।

ग्वालियर किले के अंदर की विभिन्न संरचनाओं और मूर्तियों की तस्वीरें कर्नाटक में एक मस्जिद के नीचे से निकले जैन मंदिर के रूप में सोशल मीडिया में साझा कर दी गईं। इसी तरह का एक दावा नवंबर 2018 में साझा किया गया था जब एक डिजिटल कलाकृति को, कर्नाटक के रायचूर में मस्जिद गिराने पर निकला मंदिर, बताकर साझा किया गया था।

ग़लत
दावा:
कर्नाटक रायचूर मे रोड सौंदर्यीकरणकरने के लिए मस्जिद गिराई उस मस्जिद के नीचे निकला जैन मंदिर

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