सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे से वायरल है कि चीन के एक सैनिक और एक गाड़ी लद्दाख़ में कब्ज़े में ले ली गयी है.

इस वीडियो को भारत-चीन सीमा विवाद में 20 सैनिकों की मौत के बाद से शेयर किया जा रहा है. हालांकि, चीन की तरफ से अभी तक पीपल लिब्रेशन आर्मी में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गयी है.

ऑल्ट न्यूज़ को अपने ऑफ़िशियल ऐप पर इस वीडियो की सच्चाई का पता करने के लिए कई रिक्वेस्ट मिली हैं.

फ़ैक्ट-चेक

ये वीडियो 31 मई को उस वक़्त शेयर हुआ था जब ये खबर आई कि भारत और चीन के सैनिको के बीच पैंगोंग लेक, लद्दाख़ और नाकू ला, सिक्किम में झड़प हो गयी है.

लद्दाख़ की गलवान वैली में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद ये वीडियो प्रसारित किया जा रहा है. इस वीडियो में भारत और चीन के सैनिकों को पत्थरबाज़ी करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो भारतीय सैनिकों की तरफ़ से शूट किया गया है. इसमें चीन की गाड़ी पर हमला करते हुए देखा जा सकता है. साथ ही एक घायल जवान (शायद चीनी सैनिक) जिसके सिर से खून बह रहा है, ज़मीन पर पड़ा हुआ दिख रहा है. चीनी सैनिक को भारतीय सैनिकों ने ढाल से सुरक्षित रखा है.

पत्रकार शिव अरूर ने ये वीडियो 17 जून को ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा ये मई के अंत में पैंगोंग में हुए हालात हो दर्शाता है.

इस तरह मई का एक वीडियो हाल का बताकर शेयर हो रहा है.

ग़लत
दावा:
20 भारतीय जवान के शहीद होने के बाद चीन का एक सैनिक और एक गाड़ी को लद्दाख़ में कब्ज़े में लिया गया

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