इंडिया टीवी ने पीएम मोदी की झाड़ू लगाते फोटोशॉप तस्वीर प्रसारित की

23 जनवरी को इंडिया टीवी ने एक शो चलाया — ‘प्रधानमंत्री मोदी की अनसुनी कहानी जिससे दुनिया अनजानी’ — चैनल ने इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर, उनके बचपन के दिनों से शुरू करके, 20-मिनट का विशेष प्रसारण किया। कार्यक्रम के 4:10वें मिनट पर इंडिया टीवी ने एक तस्वीर दिखलाई जिसमें पीएम को झाड़ू लगाते दिखाया गया था।

इस कार्यक्रम में तारीफ़-भरे मुहावरों का उपयोग करते हुए, एंकर ने उस बालक की कहानी बताने का प्रयास किया, जिसका जीवन संघर्षों से भरा था। उन्होंने कहा, “ये कहानी नहीं संघर्षों का दस्ताबेज है, जिसके हर पन्ने में एक नायक के बनने की कहानी है। ये विस्तार है उस तपस्या का जिसमें तपकर नरेंद्र मोदी फौलाद बने। ये मुफ़लिसी की दरिया में एक परिवार की उभरती सांसों का श्या सन्दर्भ है जिसमें मोदी का बचपन गुजरा, जहाँ से मोदी का आभामंडल निखरा। जिससे लड़कर ,जूझकर राजनिति का एक सिकंदर निकला।”

हालांकि, इंडिया टीवी ने प्रधानमंत्री की ऐसी तस्वीर इस्तेमाल की जो उनकी थी ही नहीं।

फोटोशॉप की हुई तस्वीर

प्रधानमंत्री के संघर्षों को दिखलाने के लिए इंडिया टीवी द्वारा इस्तेमाल की गई तस्वीरों में से एक, फोटोशॉप तस्वीर थी। यह तस्वीर, जिसमें पीएम मोदी को झाड़ू लगाते देखा जा सकता है, 2014 के लोकसभा चुनावों के पहले इंटरनेट पर वायरल हुआ था। हालांकि, 2016 में दाखिल एक आरटीआई अर्जी से खुलासा हुआ कि यह तस्वीर फर्जी थी।

जनता का रिपोर्टर‘ के अनुसार, आरटीआई के जवाब में कहा गया, ” हालांकि मांगी गई सूचना अभिलेखों का हिस्सा नहीं है, फिर भी, इस पर ध्यान दिया जा सकता है कि वह फोटो फर्जी है और फोटो में व्यक्ति श्री नरेंद्र मोदी नहीं हैं।” 

इस प्रकार, इंडिया टीवी द्वारा इस्तेमाल की गई तस्वीर फोटोशॉप है जिसे तीन वर्ष पूर्व खारिज किया जा चुका है और जिसकी खबरें मुख्यधारा मीडिया संगठनों ने भी की थीं। यह, इंडिया टीवी द्वारा अपने प्रसारण में गलत सूचना के इस्तेमाल की कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल इंडिया टीवी ने गलत तरीके से दावा किया था कि भारतीय सेना ने सैनिकों के सिर काटे जाने का त्वरित प्रतिशोध लेते हुए पाकिस्तान की किरपान और पिम्पल चौकियों को ध्वस्त कर दिया। बाद में पता चला कि किरपान वास्तव में भारतीय चौकी थी और सेना ने खुद पुष्टि की कि कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई थी।

ऑल्ट न्यूज़ के लेख के बाद इंडिया टीवी ने अपने अंग्रेजी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल से इसका प्रसारण डिलीट कर दिया, लेकिन हिंदी वेबसाइट पर यह अभी तक मौजूद है, जिसे यहाँ देखा जा सकता है।

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